आजाद हिंद फौज के कुशल सेनापति थे सुभाषचंद्र बोस

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Oct 22, 2019, 06:55 AM IST
स्थानीय सुभाषचंद्र बोस पार्क में महान क्रांतिकारी भारत र| नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आजाद हिंद सरकार तथा आजाद हिंद फौज की 76वां स्थापना दिवस देश प्रेम दिवस के रूप में मनयी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता नालंदा साहित्यिक मंडली शंखनाद के अध्यक्ष साहित्यकार डा. लक्ष्मीकांत सिंह ने किया। इस मौके पर श्री सिंह ने कहा कि आजादी की बात हो और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जिक्र न हो ऐसा भला हो सकता है क्या। नेताजी भारत माता के उन वीर सपूतों में से एक थे जिनका कर्ज आजाद भारतवासी कभी नहीं चुका सकते हैं। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर 1944 को रंगून के जुबली हॉल में शहीद यतीन्द्र दास के स्मृति दिवस पर नेताजी ने अत्यंत मार्मिक भाषण देते हुए कहा- था कि अब हमारी आजादी निश्चित है, पर आजादी बलिदान मांगती है। तुम मुझे खून दो, मैं तुझे आजादी दूंगा। यही देश के नौजवानों में प्राण फूंकने वाला वाक्य था, जो भारत ही नहीं विश्व के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

कार्यक्रम मे शामिल साहित्यकार।

अपनी जान की परवाह किए बिना की फौज की स्थापना

साहित्यकार उमेश प्रसाद उमेश ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भारतर| नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज के एक कुशल सेनापति थे। शायर बेनाम गिलानी ने कहा कि ने कहा कि 21 अक्टूबर, 1943 को सिंगापुर में अस्थायी भारत सरकार आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना की। सुभाषचन्द्र बोस इस सरकार के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा सेनाध्यक्ष तीनों थे। प्रो. डा. आनंद वर्द्धन ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक सुभाषचंद्र बोस का जन्म कटक के प्रसिद्ध वकील जानकीनाथ तथा प्रभावती देवी के घर हुआ था।

आजाद हिंद फौज का गठन किया था नेताजी ने

कार्यक्रम संचालन करते हुए साहित्य प्रेमी राकेश बिहारी शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रातिकारी, भारत र| नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने सशक्त क्रांति के माध्यम से भारत को स्वतंत्र कराने के उद्देश्य से 21 अक्टूबर 1943 को आजाद हिंद सरकार और आजाद हिंद फौज का गठन किया। आजाद हिंद सरकार और फौज में 6000 सैनिक थे। भारत को अंग्रेजों के चंगुल से सैनिकों द्वारा मुक्त कराना ही इस आजाद हिंद फौज का एक मात्र उद्देश्य था। 9 जुलाई 1943 को नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा था कि यह सेना न केवल भारत को स्वतंत्रता प्रदान करेगी, बल्कि स्वतंत्र भारत की सेना का भी निर्माण करेगी। सुभाष चन्द बोस में बचपन से ही देश को आजाद कराने की धुन सवार थी।

कार्यक्रम में ये थे शामिल इस मौके पर पतंजलि योगपीठ के प्रदेश संरक्षक उदय शंकर प्रसाद, अधिवक्ता विनोद कुमार, अधिवक्ता मसूदन यादव, अधिवक्ता रामप्रवेश कुमार, तनिक सिंह, अजय कुमार सिंह, राजकुमार सिंह, गजेंद्र सिंह, ब्रह्मदेव प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद सिंह, त्रिमूर्ति भूषण प्रसाद, सतेंद्र प्रसाद, सतीश प्रसाद, सीताराम सिंह आदि उपस्थित थे।

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