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मरीज बोला- कोरोना है मुझे, इतना सुनते ही भागे कर्मी

एक वर्ष पहले
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बुधवार को सदर अस्पताल में डाॅक्टर, नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान मुंह पर मास्क लगाये एक मरीज इमरजेंसी में पहुंचा और सीधे डाॅक्टर के पास जाकर कहा कि उसे कोरोना हो गया है। इतना सुनते ही नर्स और स्वास्थ्यकर्मी चैम्बर छोड़कर भाग निकले। चंद सेकेंड में ही चैम्बर खाली हो गया। अकेले डाॅक्टर ही बैठे रहे। जिसके पास मास्क था वह मास्क और नहीं तो किसी ने रूमाल से तो किसी ने दुपट्‌टे और आंचल से अपना मुंह ढंक लिया। करीब पांच मिनट के बाद डाक्टर और कर्मी अपने-अपने चेहरे पर मास्क लगाकर लौटे।

आपस में भी बिना मुंह ढंके नहीं कर रहे थे बात : कोरोना के तथाकथित मरीज को देखने की उत्सुकता सभी में थी लेकिन कोई पास जाना नहीं चाह रहा था। लोगों को देखकर ऐसा लग रहा था मानो साक्षात मौत को देख रहे हैं। हालांकि डाक्टर ने सभी की गलतफहमी दूर करने की पूरी कोशिश की। परिजन भी बिना मुंह ढंके बात नहीं कर रहे थे।


सदर अस्पताल में मास्क लगाकर इलाज करते स्वास्थ्यकर्मी।

हरियाणा में रहता था गौतम : पीड़ित के परिजन ने बताया कि गौतम हरियाणा व दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। वहां उसके बुखार, सर्दी और गले में दर्द की शिकायत हुई। जिसके बाद 4 मार्च को गांव चला आया। इलाज के लिए बिंद के ही एक निजी क्लीनिक में पहुंचा जहां डाक्टर ने इसे कोरोना का लक्षण बता दिया था। इसके बाद बुधवार को सदर अस्पताल इलाज के लिए उसे लाया गया था। हालांकि डाक्टर ने कोरोना की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने जांच के बाद ही पुष्टि की बात कही है।

मरीज भी छिप गया

जैसे ही कोरोना वायरस की बात फैली अस्पताल में हड़कंप मच गया। वहां मौजूद मीडिया कर्मी भी मुंह पर रूमाल रखकर मरीज से पूछताछ करने लगे। इस पर जब तक डाक्टर उसे पुर्जा देकर जांच के लिए भेजते उससे पहले ही मरीज डाॅक्टर के चैम्बर से बाहर होकर छुप गया। डाॅक्टर पुर्जा लेकर चैम्बर के बाहर मरीज को ढूंढते दिखे। जब उसका पता नहीं चला तो बाद में उसकी मां की तलाश कर पुर्जा देकर जांच करवाने को कहा गया।

वेशभूषा ने बढ़ाया संदेह : दरअसल दोपहर करीब 1.30 बजे बिंद प्रखंड के नालंदा गांव निवासी गौतम कुमार चेहरे पर मास्क लगाकर व गमछा और चादर से शरीर को ढंके इमरजेंसी में पहुंचा था। हालांकि डॉक्टर ने कहा कि बिना जांच के कोरोना की पुष्टि नहीं की जा सकती है। खासकर बुखार रहने का मतलब कोरोना ही हो यह जरूरी नहीं।
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