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बरसात ने तोड़ी किसानों की कमर, पहले की बारिश से उबरे भी नहीं थे फिर 36 घंटे से हो रही वर्षा आफत बनकर टूटी

एक वर्ष पहले
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दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। रबी फसल तो बर्बाद हुई ही है अब सब्जी के भी बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है। खेतों में पानी जमा हो जाने से किसानों को सब्जी का फसल बचाने की चिंता सता रही है। पूर्व में भी तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश ने रबी फसल को 50 प्रतिशत से अधिक बर्बाद कर दिया था लेकिन अब 36 घंटे से रुक-रुककर हुई बारिश ने गेहूं, चना, मसूर, सरसों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। किसान अपने घर कितनी फसल ले जा पायेंगे इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। पूर्व में 4-6 मार्च को बारिश हुई थी। इसमें वैसे खेतों का सर्वे करने का निर्देश दिया गया था जिसमें कम से कम 33 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई हो। फसल क्षति आकलन रिपोर्ट के अनुसार नौ प्रखंडों के करीब 10 हजार से अधिक हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक गेहूं, तेलहनी और दलहनी फसल का नुकसान हुआ था। शेष 11 प्रखंडों में बहुत ज्यादा नुकसान नहीं था।

सब्जी की सता रही चिन्ता

गेहूं, चना औ मसूर के बाद अब सब्जी की चिंता किसानों को सता रही है। शुक्रवार से हो रही लगातार बारिश के कारण खेतो में पानी जमा है। खासकर लत्तेदार सब्जी का पौधा पानी में डूब गया है। किसान अपने-अपने खेतों से पानी निकालने में जुटे हैं। मघड़ा एवं बियावानी के किसान सुजीत कुमार, विजय कुमार, नरेश प्रसाद, मुन्ना महतो ने बताया कि आज तक मार्च के महीने में वर्षा नहीं हुई थी। बेमौसम बारिश के कारण सब्जी को बचाना मुश्किल हो गया है।

किसान खेत से अपने घर कितनी फसल ले जा पाएंगे इसकी चिंता सता रही, कई ने कर्ज लेकर की है खेती

9 प्रखंडों में 10 हजार हेक्टेयर में नुकसान

4-6 मार्च तक हुई बारिश में विभाग द्वारा की गई फसल क्षति आकलन के अनुसार 9 प्रखंडों में 10 हजार 882 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक गेहूं, चना, मसूर की खेती नुकसान हुआ है। शेष 11 प्रखंडों में नुकसान 33 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक इन नौ प्रखंडों में गेहुं, चना, सरसो, मसुर, मटर, आलू समेत अन्य रबी फसल 53 हजार 890 हेक्टेयर में आच्छादन किया गया था, जिसमें 14 हजार 361 हेक्टेयर में फसल प्रभावित हुई है और 10 हजार 882 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है।

बेन | मसूर व सरसों को काफी नुकसान


शुक्रवार की रात से हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दिया। बारिश से मसूर, सरसों व अन्य फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है। सरसों और मसूर की फसल को 60 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसके अलावा गेहूं फसल को भी नुकसान हुआ है। फसल सड़ते देख किसानों के होश उड़ गये हैं। किसान राजदेव प्रसाद, मुन्ना प्रसाद, शिवकुमार प्रसाद, जगत नारायण आदि ने बताया कि पसीने की कमाई से रबी फसल इस वर्ष बारिश की भेंट चढ़ गया। बारिश के कारण सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा।


हरनौत | 90 फीसदी फसल को नुकसान


पोरई गांव के किसान विन्देश्वर पासवान ने कहा कि वर्तमान स्थिति में पिछात गेहूं और मक्का के कुछ फसलों को छोड़ दें तो 90 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। मसूर व सरसों की फसल खत्म हो गई है। चना की नोनी धुल जाने से अब उसमें दाना आने की उम्मीद भी धुल गई। कुछ बचा है तो आगे के मौसम में कीट-व्याधि लगने की आशंका है। चंडी के मोकिमपुर निवासी किसान गौतम कुमार ने कहा कि अगर हवा चली तो पिछेती गेहूं भी गिर जायेगा। ऐसे में किसानों के समक्ष मरण की स्थिति हो जायेगी। अभी 55 से 60 फीसदी तक गेहूं की फसल नुकसान में है। सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि अगेती लगी प्याज की फसल और खेत में पड़ी आलू की फसल भी खत्म हो गई है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामदेव राम ने बताया कि प्रखंड में 1400 हेक्टेयर में लगी मसूर व 225 हेक्टेयर में लगी सरसों की शत-प्रतिशत प्रभावित का आकलन किया गया है। जबकि छह हजार हेक्टेयर में लगी गेहूं और सात सौ हेक्टेयर में चना की फसल हो रही बारिश से नुकसान में है। इसमें भी 50 से 60 फीसदी नुकसान की सूचना मिल रही है। मौसम सुधरने पर कुल क्षति का आकलन करके रिपोर्ट जिला को भेजा जायेगा।


बिंद | फसल पूरी तरह बर्बाद : अंचल क्षेत्र में 4516 हेक्टेयर में रबी फसल की बुआई की गयी है। जिसमें 3400 हेक्टेयर में गेहूं, 14 हेक्टेयर जौ, 112 हेक्टेयर में मक्का, 100 हेक्टेयर में चना, 450 हेक्टेयर में मसूर, 14 हेक्टेयर में मटर, 301 हेक्टेयर अन्य दलहन, 93 हेक्टेयर में राय, सरसों और 32 हेक्टेयर में तीसी की खेती की गयी है।

बारिश के कारण धराशाई हो चुकी खेतों में खड़ी फसल।

सिलाव में बारिश के कारण कटनी के बाद खलिहान में तिरपाल प्लास्टिक से ढंककर रखी गई फसल।

अस्थावां | बेमौसम बारिश ने किसानों को रुलाया : किसान भुषण कुमार ने कहा कि गेंहूं की फसल पूरी तरह चौपट हो गयी। खाने के लाले पड़ जायेंगे। खेत की फसल से घर का हर काम होता था। किसान संजय प्रसाद ने कहा कि मसूर का फसल.तो काला हो गया। फूल फल सहित पेड़ जल गया है। किसान राजेश कुमार ने कहा कि मटर, चना, सरसों, आलू पूरी तरह बर्बाद हो गया है। बारिश ने किसानों के अरमान पर पानी फेर दिया है।


सिलाव | रबी फसलों की क्षति से किसान बेहाल

एक आंकलन के अनुसार 40 फीसदी से अधिक फसलों की क्षति होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि अभी कृषि विभाग की ओर से क्षति का सर्वे किया जाना शेष है। किसान भाईयों के मुताबिक अब तक सिलाव के विभिन्न क्षेत्रों में दलहन, तिलहन ,प्याज, सब्जी, मसूर, चना, सरसों व गेहूं की फसल को जबरदस्त नुकसान हुआ है। किसान शशिभूषण प्रसाद वर्मा, कमलेश प्रसाद, भूषण कुमार, सतीश कुमार आदि ने कहा कि बारिश के कारण रबी फसल को काफी क्षति हुई है।

कतरीसराय | किसानों के मंसूबे पर फिरा पानी : किसानों का कहना है कि बारिश खेतों में लगा चना, मसूर, आलू को एक झटके में बर्बाद कर दिया। दरवेशपुरा गांव में सैकड़ों क्विंटल उखाड़ा हुआ आलू खेतों में पड़ा है। उखाड़े गये आलू पर पानी पड़ने की संभावना बन गयी है।


नूरसराय | दलहन, तिलहन के साथ अब गेहूं फसल भी बर्बादी के कगार पर : बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। शुक्रवार से हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दिया है। गेहूं व सरसों फसल खेत में ही गिर गयी। उत्पादन प्रभावित होने का डर किसानों को सताने लगा है। इतना ही नहीं खेत से खलिहान आ गये सरसों के फसल भी बारिश के कारण सड़ रहे हैं। मसूर, चना भी किसानों के हाथ से चला गया। इतना ही नहीं आम के मंजर भी बारिश व हवा से झड़ गये। शुक्रवार को हुई बारिश के रिकार्ड के आधार पर नूरसराय में 32.2 एमएम बारिश हुई है। कृषि वैज्ञानिक की मानें तो बर्बाद फसल की भरपाई गरमा सब्जी, सूर्यमुखी व मूंग की खेती करने से हो सकती है।


कितने हेक्टेयर में नुकसान

बिहारशरीफ

फसल अाच्छादन प्रभावित नुकसान

गेहूं 5600 1508 0

चना 420 420 420

मसूर 900 900 900

सरसों 265 86 42

राजगीर

गेहूं 3060 2085 1575

चना 227 137 137

मसूर 582 570 570

सरसों 139 126 126

मटर 18 08 08

आलू 57 57 57

सिलाव

गेहूं 3300 228 64

चना 337 320 309

मसूर 800 760 700

थरथरी

गेहंू 3000 84 00

चना 150 60 60

मसूर 300 245 245

सरसों 93 82 80

बिंद

गेहूं 3400 190 00

चना 100 52 52

मसूर 450 310 310

सरसों 93 81 80

मटर 14 10 10

दलहनी 301 112 112

तीसी 32 21 21

चंडी

गेहुं 6000 00 00

चना 700 00 00

मसुर 1600 565 198

हरनौत

मसुर 1400 1400 288.65

सरसों 225 225 33.41

इस्लामपुर

चना 510 510 510

मसुर 1630 1630 1630

सरसों 540 540 540

नूरसराय

गेहुं 5644 1584 562

दलहन 1160 1112 1042

तेलहन 347 275 176
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