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पीएमसीएच में मरीज की मौत पर परिजनों ने कर्मियों को पीटा, जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर

इमरजेंसी में तोड़फोड़, डॉक्टरों को खदेड़ा, 2 नामजद समेत 42 पर केस, दो हिरासत में।

Dainik Bhaskar

Nov 17, 2017, 07:31 AM IST
Kills staff on patient death Junior doctor on strike

पटना। पीएमसीएच की इमरजेंसी में गुरुवार को एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा, तोड़फोड़ व मारपीट की। इस घटना में हेल्थ मैनेजर, ट्रॉलीमैन और कुछ डॉक्टरों को चोट लगी है। परिजन गार्ड का डंडा छीनकर दौड़ा-दौड़ाकर पीट रहे थे। डॉक्टरों को भी खदेड़ा। कुछ डॉक्टरों को जान बचाने के लिए गर्ल्स हॉस्टल में शरण लेनी पड़ी। इससे कुछ देर के लिए इमरजेंसी में अफरातफरी का माहौल बन गया था। घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने काम करना बंद कर दिया।

- ओटी सूत्रों के मुताबिक, जूनियर डॉक्टरों के काम बंद करने से 5 मरीजों की मौत हो गई व करीब 14 आॅपरेशन टालने पड़े। अधीक्षक डॉ. दीपक टंडन ने पीरबहोर थाने में 2 नामजद व 40 अज्ञात पर केस दर्ज कराया है।

- पुलिस ने दो परिजनों जितेंद्र कुमार और नीतीश कुमार को हिरासत में लिया है। इधर, देर रात तक जूनियर डॉक्टरों की चली बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी और हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया। अब इस पर शुक्रवार को फैसला होगा। इसकी पुष्टि जेडीए के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने की। सुरक्षा के लिए शुक्रवार से अस्पताल में होमगार्ड जवान भी तैनात रहेंगे।
- अधीक्षक डॉ. दीपक टंडन के मुताबिक, गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे पत्थर की मस्जिद इलाके से 20 वर्षीय मोहम्मद जाहिद नामक मरीज को परिजन लेकर आए थे। मरीज के साथ काफी संख्या में परिजन थे।

- डॉक्टरों ने जांच करने के बाद मोहम्मद जाहिद को सुबह 7.30 बजे मृत घोषित कर दिया। अधीक्षक के मुताबिक, उसे मृत लाया गया था। परिजनों ने बताया था कि जाहिद डेंगू से पीड़ित था।

- ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने उसकी जांच की और मृत घोषित किया तो परिजन नाराज हो गए और इलाज में देरी होने का आरोप लगाकर हंगामा, तोड़फोड़ और मारपीट करने लगे। हेल्थ मैनेजर अरविंद को भी गंभीर चोट लगी है।

- जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि इससे पहले इस तरह से इमरजेंसी में मारपीट नहीं हुई थी। इमरजेंसी के अंदर और बाहर दौड़ा-दौड़ा कर पिटाई होते देख लोग दहशत में आ गए थे।

अब मारपीट होने पर बजेगी पगली घंटी
- आॅपरेशन टलने से मरीजों को परेशानी हुई। हालांकि इमरजेंसी में कुछ जरूरी आॅपरेशन हुए। काम पर लौटने के लिए जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के साथ कई बार बैठक हुई। स्वास्थ्य विभाग के ईडी ने भी जूनियर डॉक्टरों से बातचीत की और काम लौटने की अपील की।

- जेडीए को आश्वासन मिला है कि सुरक्षाकर्मियों की संख्या दोगुनी की जाएगी। इसके अलावा इमरजेंसी में कहीं मारपीट की घटना घटती है, तो पगली घंटी बजेगी। घंटी की जानकारी सबसे पहले सुरक्षाकर्मियों को मिलेगी और वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंच जाएंगे।

- घंटी बजेगी तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मी को यह भी पता चलेगा कि परेशानी इमरजेंसी के किस विभाग (रूम नंबर) में है। वहां पर सुरक्षाकर्मी पहुंच जाएंगे। जूनियर डॉक्टरों का कहना है जब गार्ड का डंडा छीनकर परिजन दौड़ाकर पिटाई कर रहे हैं, तो ये लोग डॉक्टर को क्या सुरक्षा देंगे?

एनएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने कहा-सुरक्षा मिले

- डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना से आक्रोशित एनएमसीएच के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने बैठक कर कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को पूरी सुरक्षा मिले। अध्यक्ष डाॅ. रवि रंजन कुमार रमन ने कहा कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो।

- पीएमसीएच की घटना में दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो। अगर 48 घंटे में मांगे पूरी नहीं हुईं तो एनएमसीएच के जूनियर डॉक्टर भी पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में हड़ताल पर जा सकते हैं। अाज अस्पताल में कहीं भी डॉक्टर सुरक्षित नहीं है। मरीज के परिजन डॉक्टर से मारपीट करने पर तुरंत उतारू हो जाते हैं, जबकि गलती मरीज के परिजन की होती है।

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