होली के बाद फिर से धरना पर बैठे नियोजित शिक्षक
होली की छुट्टी समाप्त होते ही नियोजित हड़ताली शिक्षक एक बार फिर से धरना पर बैठ गए है। गुरूवार को उनके अनिश्चितकालीन हड़ताल का पच्चीसवां दिन था और शिक्षक पूरे जोशो खरोश के साथ हड़ताल पर डटे हुए है। सभा की अध्यक्षता मनीष कुमार शशि व मंच संचालन उपेंद्र कुमार पाठक एवम मुक्तेश्वर प्रसाद ने किया। शिक्षक वक्ताओं ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने होली जैसे पर्व में भी लाखों शिक्षकों के पेट पर लात मारने का काम किया है। बिहार के साढ़े चार लाख नियोजित शिक्षकों की होली फीकी रही है। वक्ताओं ने कहा कि जबतक सरकार हमारी मांगे मान नही लेगी तबतक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। शिक्षकों ने कहा कि सरकार हमलोगों से चुनाव जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य करवाती है लेकिन राज्य कर्मी का दर्जा नही दी, प्राइवेट संस्थानों में कार्य करने वाले कर्मियों को ईपीएफ का लाभ मिलता है लेकिन हमें वो भी नहीं नसीब है कारण कि सरकार हमें बंधुआ मजदूर समझती है। सभा में शिक्षकों ने बिहार सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। धरना में संजय सिंह, कमलेश पाठक, रामकुमार चैबे, पशुपति नाथ सिंह, अशोक सिंह, जितेंद्र ठाकुर, दीपक कुमार, तबरेज आलम, रामाश्रय सिंह, अशोक कुमार, विमल कुमार, विजय प्रसाद, अमितेश कुमार, संतोष सिंह, दीपक कुमार, लक्ष्मण प्रसाद, अमित कुमार, अशोक राम, सोहराब अली, प्रमोद ओझा, राजेन्द्र चैधरी, रूपा कुमारी, प्रियाम्बदा कुमारी, सलेहा खातून, मीरा सिंह, संगीता कुमारी, पुष्पा कुमारी, उषा कुमारी, पूनम कुमारी आदि सैकड़ों शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल हुए।
बोले नियोजित शिक्षक बंधुआ मजदूर समझती है राज्य सरकार
25वें दिन भी जारी रहा नियोजित शिक्षकों का अनिश्चितकालीन हड़ताल
फोटो-62- धरना पर बैठे नियोजित शिक्षक