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शिक्षकों की हड़ताल से प्रभावित होगी वार्षिक परीक्षा

एक वर्ष पहले
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शिक्षकों की हड़ताल के कारण कक्षा एक से आठ तक की वार्षिक परीक्षा प्रभावित हो सकती है। क्योंकि की प्रारंभिक विद्यालयों में 16 मार्च से वार्षिक परीक्षा शुरू होगी। जबकि पिछले 27 दिन से लगभग हजारों शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में कक्षा एक से आठ तक के परीक्षा पर संशय बरकरार है। हड़ताल का खामियाजा जिले के सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे लगभग लाखों बच्चों को उठाना पड़ सकता है। स्कूलों में पहली से लेकर आठवीं तक के सैकड़ों बच्चों को पढ़ाना एक से दो नियमित शिक्षकों के भरोसे संभव नहीं है। इन सभी के बीच 16 मार्च से प्रारंभिक विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा भी शुरू होने वाली है। वार्षिक परीक्षा का शिड्यूल जारी : हालांकि विभाग की ओर से वार्षिक परीक्षा का शैड्यूल जारी कर दिया गया है। विभाग के द्वारा प्राथमिक तथा मध्य विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक के छात्र छात्राओं की वार्षिक परीक्षा इसी महीने से शुरू होगी। इसके अनुसार कक्षा पांच व कक्षा आठ की परीक्षा 16 मार्च से शुरू होगी। इसके एक सप्ताह में ही कक्षा दो से चार व कक्षा छह व सात की परीक्षा शुरू करने का दिशा निर्देश दिया गया है। मार्च के अंतिम सप्ताह में परीक्षाफल घोषित करने तथा एक अप्रैल तक नए शैक्षणिक सत्र चालू करने तथा प्रगति पत्र उनके अभिभावकों ने देने के लिए शिड्यूल जारी किया है।

राजेन्द्र चौधरी बोलें - परीक्षा की तिथि में हो सकता है परिवर्तन


दुसरी ओर इस मामले में जानकारी देते हुए सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि परीक्षा की तिथि में परिवर्तन भी हो सकता है। क्योंकि जिले के नियोजित शिक्षक हड़ताल पर चले गए है। विभाग के द्वारा परीक्षा की तिथि से संबंधित नया शैड्यूल एक बार फिर से जारी किए जाने की संभावना है।

चार दिनों में मूल्यांकन

छात्रों की परीक्षा के बाद चार दिनों में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, परिणाम को मूल्यांकन पंजी में संधारित करने के साथ साथ प्रगति पत्र में भी बच्चों का परिणाम दर्ज किया जाना है। काॅपियों के जांच के लिए 80 छात्रों पर एक शिक्षक लगाया जाना है। परंतु शिक्षकों के हड़ताल के कारण ऐसा होना संभव नही लगता। इसका खामियाजा सीधे सीधे छात्र छात्राओं को उठाना पड़ेगा।

हड़ताल के दौरान पढ़ाई करते बच्चे।
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