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- Buxar News Bhagwat Story In Vamana Temple For The Third Consecutive Year
लगातार तीसरे वर्ष वामन मंदिर में हुई भागवत कथा
नगर के अंतिम छोर पर स्थित जेल अहाते भगवान वामन मंदिर में श्री वामनेश्वरनाथ मंदिर सेवा समिति के द्वारा लगातार तीसरे वर्ष निर्माण कार्य के लिए आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। भागवत पुराण के दशम स्कंद भक्ति अनुष्ठान का बड़ी ही मार्मिक व्याख्या पंडित नरहरी दास महाराज के द्वारा किया गया। उन्होंने इस दौरान कहा कि राजा परीक्षित से शुकदेव कहते हैं, कि संसार का कल्याण करने के लिए भगवान अवतार लेते कि जब-जब धर्म की हानि होती है। तब सज्जनों का कल्याण और राक्षसों का वध करने के लिए भगवान अवतार लेते हैं। इसके बाद उन्होंने संगीतमयी चौपाइयों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कथावाचक ने प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जेल में वासुदेव के यहां अवतार लेकर संतो व भक्तों का सम्मान बढ़ाया था। उन्होंने अपने अंदर बुराई विद्यामान न रहे इसके लिए संतों का सत्संग का मार्ग बताया। कथा वाचक ने आगे कहा कि भगवान श्रीराम की मर्यादा और श्रीकृष्ण को तब समझोगे जब राम मय बनो। जब भक्ति मार्ग में भक्त लीन रहता है, तब प्रभु दर्शन होते हैं। कथा के दौरान विनय कुमार सिंह, धनंजय सिंह, सत्येंद्र कुमार चौबे, मिथिलेश चौबे, श्याम बिहारी चौधरी, शंकरदयाल राय, सिद्धनाथ भगत, योगेन्द्र प्रसाद, श्याम जी यादव समेत अन्य श्रद्धालु श्रोता उपस्थित रहे।
प्रवचन सुनते श्रद्धालु।
प्रवचन करते नरहरी दास जी।