बारिश कम होने से सूखे के बढ़े आसार किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

Buxar News - प्रखंड क्षेत्र एक बार फिर सूखे की चपेट में नजर आ रहा है। क्योंकि प्रखंड मुख्यालय के आकड़े के मुताबिक इस बार पिछले...

Sep 14, 2019, 07:37 AM IST
Dumranv News - chances of concern on the forehead of farmers increased due to reduced rainfall
प्रखंड क्षेत्र एक बार फिर सूखे की चपेट में नजर आ रहा है। क्योंकि प्रखंड मुख्यालय के आकड़े के मुताबिक इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा औसत से कम बारिश दर्ज की गयी है। गत वर्ष 2018 अगस्त में 90 एमएम बारिश दर्ज की गयी थी। जबकि 2019 अगस्त में महज 45.73 एमएम बारिश दर्ज हुई है। खरीफ फसलों के बुआई का समय जून, जुलाई माह होता है। उक्त महिनों के बारिश से तिल, मूंग, उड़द, बाजरा, अरहर, धान के फसलों की पैदावार की जाती है। लेकिन, बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की बुआई नहीं हो सकी और जिन किसानों ने इन फसलों की बुआई कर भी दी है। वह तेज धूप में जलती नजर आने लगी है। प्रखंड क्षेत्र का किसान खरीब फसल को लगाने में खुश होता है। क्योंकि खरीफ की फसल में किसान की लागत बहुत कम होती है यह फसल बारिश पर निर्भर रहती है। किसान के लिए खरीफ की फसल नगद होती है। जिसके कारण खरीफ की फसल की बिक्री कर किसान रबी की फसल की बुआई किसान आसानी से करता है।

खेतों के ऊपर मंडरा रहे बादल।

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