प्रधान सचिव के आदेश को दरकिनार कर 14 शिक्षकों की हुई प्रतिनियुक्ति

Buxar News - जिले में शिक्षक नियोजन का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य के पूरा करने के लिए ऐसे में 14 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:13 AM IST
Buxar News - deputation of 14 teachers bypassing the order of principal secretary
जिले में शिक्षक नियोजन का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य के पूरा करने के लिए ऐसे में 14 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नियोजन कार्य के लिए कर दी गई है। इस संबंध में पत्र निर्गत करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने संबंधित हेडमास्टर को पत्र निर्गत करते हुए कहा है कि जिला परिषद माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षक नियोजन में सभी कागजातों को दुरूस्त करने के लिए शिक्षकांे को प्रतिनियुक्त किया गया है। संबंधित हेडमास्टर शिक्षकों को तत्काल नियोजन कैंप एमपी हाई स्कूल में भेजे। वहीं दुसरी ओर यह बात सामने आ रही है कि शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के आदेश को दर किनार कर इस कार्य को किया गया है। साथ ही आखिर किस मापदंड के आधार पर इन शिक्षकों को चयन किया गया है। क्याेंकि जिन स्कूलों से इन शिक्षकों को बुलाया गया है। वहां कई एेसे स्कूल है जहां शिक्षकों की पहले से कमी है। वहां से हटा दिए जाने के बाद पठन-पाठ्न की प्रक्रिया पूरी तरह से बाधित हो जाएगी।

प्रधान सचिव ने दिया था प्रतिनियुक्ति रद्द करने का आदेश | वर्ष 2016 में सूबे के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने सभी डीएम काे पत्र भेजा था। जिसमें सख्त हिदायत देते हुए यह बात कहीं थी कि बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य अधिनियम के तहत शिक्षकों को दस वर्षीय जनगणना, आपदा, चुनाव को छोड़कर अन्य किसी गैर शैक्षणिक कार्य में प्रतिनियुक्ति नहींं किया जाना है। उन्हांेने पत्र के माध्यम से यह भी कहा है कि यदि स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग या अन्य अधिकारी इनकी प्रतिनियुक्ति करते है तो वह खेद जनक है। विभाग के बिना अनुमति के प्रतिनियुक्ति वर्जित है। साथ ही डीईओ व बीईओ को मासिक समीक्षा कर इसकी रिपोर्ट डीएम को देनी है। डीएम को इस बात से भी अवगत कराना है कि प्रतिनियुक्ति किसी भी अधिकारी के आदेश से नहींं की गई है। यदि किसी अधिकारी के आदेश से शिक्षक की प्रतिनियुक्ति होती है। तब संबंधित अधिकारी के वेतन से शिक्षक को मानदेय दिया जाएगा।

डीपीओ ने कहा निदेशक से ली गई है इजाजत

प्रतिनियोजन संबंधित जब डीपीओ स्थापना रामेश्वर सिंह ने पूछा गया कि क्या इसकी इजाजत डीएम से ली गई है। तब उन्होंने बताया कि फाइल डीडीसी अरविंद कुमार के यहां भेजी गयी थी। इसके बाद शिक्षा विभाग के निदेशक से मार्गदर्शन लिया गया। उनसे इजाजत मिलने के बाद यह प्रतिनियोजन किया गया है। वहीं जब उनसे यह पूछा गया कि इस कार्य के लिए 14 शिक्षकों का चयन किस प्रक्रिया के तहत किया गया। क्या इस बात काे देखा गया कि जहां शिक्षकों की संख्या अधिक है। वहां से बुलाया जाए। ताकि शैक्षणिक कार्य बाधित नहींं हो। इस पर वह काेई भी माकूल जवाब नहींं दे पाए।


जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय।

प्रतिनियुक्ति रद्द करने पर मचा था बवाल

वहीं विभागीय सूत्रों की मानें तो यहां प्रतिनियोजन के लिए शिक्षकों ने कुछ तगड़ी सेटिंग की है। इसके बाद प्रसाद मिला है। वहीं इस बात की भी जानकारी मिली है कि जिन 14 को चुना गया है। वह सभी बक्सर शहर से ही अपने मूल विद्यालय में आते-जाते है। कुछ का अपना घर है तो कुछ किराये के मकान में रहते है। अब यहां ड्यूटी करने में आसानी रहेगी। इसलिए सभी कायदे कानून को ताख पर रख शिक्षक नियोजन में प्रतिनियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि प्रतिनियुक्ति रद्द करने के कारण ही पिछले दिनों विभाग में बड़ा बवाल मचा था। डीईओ के साथ झड़प और शिक्षक नेताओं के बीच एफआईआर प्रकरण भी हुआ।

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