- Hindi News
- National
- Buxar News Due To The Rains The Weather Of Rabi Crops Is Now Falling Ready Mustard Seeds And Wheat Flowers
वर्षा के कारण रबी की फसलों पर मौसम की मार अब झड़ रहे हैं तैयार हो चुके सरसों के दाने और गेहूं के फूल
जिले में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। एक सप्ताह के अंदर जिले में दो बार हुई भारी बारिश से रबी फसलों को नुकसान हुआ है। विभागीय सूत्रों की मानें तो रबी फसलों को 40 प्रतिशत क्षति होने का अनुमान है। वहीं, बारिश व हवाओं के कारण जो फसलें गिर चुकी हैं, उनमें 10 से 15 प्रतिशत पैदावार कम होने की उम्मीद है। कृषि विभागी ने नुकसान का आंकलन करने के लिए प्रखंडों में विशेषज्ञों क टीम तो लगा दी है, लेकिन खेतीबाड़ी में लगातार हो रहे नुकसान व मौसम की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जानकारों की मानें तो किसी पंचायत में चार से पांच प्रतिशत को कहीं 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। आकलन का काम पूरा होने के बाद ही स्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी। हालांकि, इस बीच थोड़ी राहत की खबर यह है कि फसलों को हुई क्षति का मुआवजा देने के लिए विभाग ने किसानों का ऑनलाइन आवेदन लेना शुरू कर दिया है। जिले के किसान ऑनलाइन क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी कृष्णानंद चक्रवर्ती ने बताया कि किसानों के ऑनलाइन आवेदन के बाद कृषि को-ऑर्डिनेटरों के स्तर से भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। जिसके बाद जांच रिपोर्ट को समेकित कर राज्य मुख्यालय भेज दिया जाएगा। जहां से किसानों के खातों में सीधे राशि भेजी जाएगी।
आज भी बारिश के हैं आसार
इस समय सरसों और मटर की फसलों में फलियों में दाने पड़ गए हैं। वहीं गेहूं की अगेती फसल में बाली निकल आई हैं। गेहूं की मध्यम फसल में बाली निकलने वाली हैं, इससे पौधे ऊपर की ओर से भारी हो गए हैं। ज्यादा नुकसान गेहूं को बारिश के साथ चली तेज हवा से गेहूं की फसल गिर गईं। कृषि विज्ञान केंद्र के वस्तु विशेषज्ञ डॉ. देव करण का कहना है कि मौसम विभाग ने शनिवार को भी बारिश की चेतावनी दी है। इस क्रम में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ जगहों पर बूंदाबादी भी हो सकती है। दोपहर के आसपास तेज बारिश होने के संकेत मिले हैं। इससे फसलों के नुकसान के साथ तापमान में भारी गिरावट हो सकती है।
बेमौसम बारिश के कारण थाली से दाल गायब होने की आशंका
सिटी रिर्पोटर | डुमरांव
बेमौसम बारिश ने दलहनी फसल के खेती करने वाले किसानों को चिंता बढा दिया है। किसानों का त्राहिमाम की स्थिति बन गयी है सैकडों एकड़ में लगी चना, मंसुरी, मटर की खेती बारिश ने बर्बाद कर दिया है। दलहनी फसल की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि बेमौसम दो तीन बार बारिश हो जाने से दलहनी फसल को बर्बाद कर दिया है। फुल लगने एवं दाने आने के समय ही बारिश से हुई नुकसान से भरपाई करना मुश्किल हो गया है। यह बारिश किसानों के थाली से दाल गायब हो जाने की आशंका है। परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गयी है। किसानों को अपने परिवार के भरण-पोषण की चिंता सताने लगी है। साहूकारों से कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों को दुःख का पहाड़ टूटता दिखाई पड़ रहा है। बीईओ ने बताया कि बारिश से फसल की हुई क्षति पूर्ति के भरपाई के लिए सरकार मुआवजा की राशि दे रही है। 23 मार्च तक किसान कृषि विभाग के वेबसाइट पर आॅनलाइन आवेदन कर सकते है।
फसलों की क्षति का मुआवजा देने के लिए विभाग ने किसानों मांगा ऑनलाइन आवेदन
आंबेडकर चौक पर बारिस के दौरान वाहन का इंतजार करती युवतिया।
नुकसान का लिया जा रहा है जायजा
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि नुकसान का पंचायतवार आंकलन कराया जा रहा है। कुछ पंचायतों में ही ज्यादा नुकसान है। स्थिति स्पष्ट होने दीजिए, अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। वैसे 10 फीसदी प्रभाव पड़ा है। दूसरी ओर, सरकार सेटेलाईट के द्वारा भी सर्वे कराने की बात आ रही है। दूसरी ओर, मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अगर तेज बारिश व ओले पड़े तो इस किसान कहीं के नहीं रहेंगे। घरों में अनाज भंडारण की रही-सही उम्मीद भी टूट जाएगी। अब अगर ओलावृष्टि हुई तो बर्बाद हो जाएंगे।
बारिस में स्कूल जाते बच्चे।
आसमान में छाये काले बादल।
बारिस में कोचिंग जाती छात्राएं।