झुग्गी-झोपड़ियां बनाकर अंचल कार्यालय के सामने सड़कों व जमीन का अतिक्रमण

Buxar News - डुमरांव में अतिक्रमण की समस्या नासूर बन गई है। अब तो अतिक्रमणकारी सरकारी कार्यालय के बाहर ही अपनी डेरा जमाते जा...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:38 AM IST
Dumranv News - encroachment of roads and land in front of the zonal slum by the zonal office
डुमरांव में अतिक्रमण की समस्या नासूर बन गई है। अब तो अतिक्रमणकारी सरकारी कार्यालय के बाहर ही अपनी डेरा जमाते जा रहे हैं। इसकी अनदेखी स्थानीय प्रशासन द्वारा की जा रही है। जिसका प्रमाण आपको डुमरांव प्रखंड कार्यालय के सामने ही देखने को मिलेगा। जिसे रोज अंचलाधिकारी सहित तमाम बड़े पदाधिकारी देखते हैं। पर अनदेखी कर देते हैं। जो आने वाली समय के लिए विकराल रूप ले लेगी। डीएम के जनता दरबार में सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह के प्रतिनिधी मनोज कुमार सिंह ने बताया था कि अनुमंडल में सड़क किनारे अवैध झुग्गी-झोपड़ी बना सरकारी जमीन का अतिक्रमण किया जा रहा है। वह भी करोड़ों की कीमत वाली जमीन पर बिना किसी प्रशासनिक सहमति के ऐसी कई झोपड़ियां हाल के दिनों में अस्तित्व में आ गई है। बावजूद संबंधित प्रशासन उदासीन बना हुआ है। जिससे झुग्गी के नाम पर सरकारी जमीन हथियाने वालों के मनोबल बढ़े हुए हैं। पूरे अनुमंडल की कौन कहे बल्कि स्थानीय शहर में ही ऐसी आधा दर्जन से अधिक झोपड़ियां हैं जो सरकारी जमीन पर बनी है।

रेलवे की जमीनों पर भी हो रहा कब्जा | प्रखंड कार्यालय के पास भी अवैध ढंग से झोपड़ी का निर्माण कर लिया गया है। ऐसा नहींं कि अतिक्रमणकारियों की नजर सिर्फ बिहार सरकार की जमीन पर ही है। बल्कि रेलवे की जमीन भी अतिक्रमणकारियों की जद में आने लगी है। स्थानीय रेलवे स्टेशन के पुरानी फुट ओवर ब्रिज के पास भी अवैध झोपड़िया बन चुकी है। इस मामले में स्थानीय प्रशासन की तर्ज पर रेल प्रशासन भी उदासीन बना हुआ है। जिससे सरकारी जमीन कब्जाने वाले बेखौफ हो झोपड़ियों का निर्माण कर रहे है।

प्रखंड कार्यालय के बाहर सड़क के किनारे अतिक्रमण।

उद्यान विभाग के सामने की जमीन पर भी अवैध कब्जा

इनमें कई सड़क किनारे के चाट पर तो कई रेलवे की जमीन पर बने है। बावजूद प्रशासन की नजर में अब तक इन झुग्गियों के नहींं आने से व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारों की माने तो इन झुग्गियों में लोग एक तरफ सरकारी जमीन का अतिक्रमण करते है तो दूसरी तरफ कई तरह के गैर कानूनी काम भी संचालित होते है। नगर के स्टेशन रोड स्थित ईदगाह के पास उद्यान विभाग के सामने की सरकारी जमीन में तो करीब आधा दर्जन झोपड़ी बन गई है। जबकि यह जमीन स्टेशन रोड के चाट की जमीन है। जिसमें बरसाती पानी का बहाव होता था। वही ट्रेनिंग स्कूल के पास भी ऐसी झोपड़ी पिछले कुछ महीनों में अस्तित्व में आई है जहां लोग सड़क किनारे झोपड़ी बना डेरा जमाए हुए है। जिससे किसी दिन बड़ी सड़क दुर्घटना हो सकती है।


भूमिहीनों को सरकारी स्तर पर मिलती है जमीन

वैसे तो सरकारी जमीन पर कब्जा कर झोपड़ी बनाने वाले भूमिहीन होने का तर्क देते है। उनका कहना है कि उनके पास अपनी पैतृक जमीन नहींं है जिससे वे खुद की जमीन पर आशियाना खड़ा कर सके। लेकिन राज्य सरकार द्वारा भूमिहीनों को वास योजना के तहत तीन डिसमील जमीन दी जाती है। इसके लिए सरकार द्वारा भूमिहीनों का चयन कर उन्हें जमीन का पर्चा भी दिया जाता है। बावजूद भूमिहीन सरकार को जमीन के लिए अर्जी देने के बजाए अपनी मर्जी से सरकारी जमीन पर अवैध झोपडिय़ां बना रहे है। जिससे शहर में अतिक्रमण की समस्या गंभीर होने के साथ ही सड़क के किनारे के चाटों का अस्तित्व भी मिटने लगा है।

बरसात में जलनिकासी की होगी समस्या

शहर में सड़क के चाटों का अतिक्रमण कर जिस तेजी से झोपड़ियों का निर्माण किया जा रहा है उससे बरसात के दिनों में गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। बताया जाता है कि शहर की मुख्य सड़क स्टेशन रोड में ईदगाह से स्टेशन के पास तक सड़क के किनारे का चाट जलनिकासी का मुख्य जरिया है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से चांट का अतिक्रमण हुआ है तथा अतिक्रमण करने वाले लोग मिट्टी भर उसके अस्तित्व को चौपट कर रहे है। जिससे जलनिकासी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। बताया जाता है कि यदि बरसात पूर्व चाट को अतिक्रमणमुक्त नहींं किया गया तो स्टेशन रोड की सड़क पर जलजमाव हो सकता है। एसडीओ ने कहा होगी कार्रवाई

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