सोशल मीडिया से लेकर जनसंपर्क में प्रत्याशियों के पुत्र भी दिग्गजों की तरह संभाल रहे कमान

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:10 AM IST

Buxar News - चुनावी मौसम में सासाराम और बक्सर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे कई दिग्गजों के चुनाव प्रचार की कमान उनके पुत्र...

Buxar News - from social media to public relations the sons of the nominees like the giants
चुनावी मौसम में सासाराम और बक्सर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे कई दिग्गजों के चुनाव प्रचार की कमान उनके पुत्र संभाल रहे हैं। लोकसभा की चुनावी बिसात सज चुकी है। मौसम में तापमान की बढ़ोतरी के साथ-साथ चुनाव की तपिश भी बढ़ गई है। 17 वें लोकसभा चुनाव में देश के हॉट सीटों में सासाराम सीट की भी गिनती हो रही है। इस सीट पर कांग्रेस के कद्दावर नेता पूर्व लोकसभा स्पीकर और राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रह चुकी मीरा कुमार एड़ी चोटी का ज़ोर आजमाइश करते हुये कैमूर-रोहतास जिले के विभिन्न इलाकों में आमजन से मिलजुल रही है। चुनावी रुख बता रहा है कि उनका सीधा मुकाबला राजग के भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान सांसद छेदी पासवान से है। बसपा के मनोज राम सहित 13 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समर में कूदे हैं। इस चुनाव में सोशल मीडिया से लेकर जनसंपर्क तक में कई दिग्गजों के पुत्रों का बोलबाला है। कार्यकर्ता कहीं चूक न कर दें इसका ध्यान दिग्गजों के साथ उनके परिजनों को भी है। कई जगहों पर कमान संभालने के लिए पुत्र लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। सोशल मीडिया का क्षेत्र हो जनसंपर्क, चुनाव प्रचार का या कोई अन्य साधन इन सभी पर इनका ध्यान है। इसकी वजह से पुराने कार्यकर्ताओं के अंदर डर भी बना हुआ है। सालों तक पार्टी की सेवा करने के बावजूद ऐन वक्त पर उन लोगों पर विश्वास नहीं किया जा रहा है।

भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी के अलावे 13 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समर में कूदे हैं

ग्रामीण क्षेत्र में चुनाव प्रचार करते कार्यकर्ता।

कार्यकर्ताओं के मन में आ रहे हैं कई सवाल

पार्टी के लिए जी जान से जुड़े कार्यकर्ताओं के मन में यही बात आ रही है कि चुनाव जीतने हारने के बाद पार्टी का झंडा उठाना हो, दरी बिछाना हो, कुर्सी लगानी हो इन सब में इनका योगदान रहता है। उस समय किसी भी नेता के पुत्र या परिजन इन कामों के लिए आगे नहीं आते हैं। यही स्थिति रही तो जब अन्य चुनाव में टिकट मिलने का समय आएगा तब माननीय अपने ही बेटे या परिजन को टिकट की पैरवी करने से नहीं चुकेंगे। उस समय भी कार्यकर्ता दरकिनार कर दिए जाएंगे। बता दें कि कैमूर में लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में 19 मई को वोटिंग होगी। नेता से लेकर कार्यकर्ता तक इन दिनों डोर टू डोर कैंपेनिंग करने में लगे हुए हैं।

शुक्रवार की संध्या 5 बजे से थम गया

19 मई को मतदान की तिथि निर्धारित है। इसके पहले पिछले कई दिनों से राजनैतिक दलों का क्षेत्र में प्रचार-प्रसार किए जा रहे हैं। राजनीतिक दलों के समर्थकों व प्रचारकों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में गांव-गांव घुमकर प्रचार प्रसार कर वोट मांगे गए। अब यह चुनावी शोर शुक्रवार की संध्या 5 बजे से थम गया। बता दें कि सासाराम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अलावे बक्सर, काराकाट में भी सातवें और अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होने हैं। मतदान शुरू होने के 48 घंटे पूर्व प्रचार-प्रसार बंद करने का प्रावधान है।

प्रशासन और प्रत्याशी को सोशल मीडिया का सहारा

चुनाव प्रचार को लेकर जहां एक और सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी हुई है। दूसरी तरफ प्रशासन भी कैमूर में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए जोरदार तरीके से सोशल मीडिया का सहारा ले रहा है। प्रत्याशियों के समर्थन में फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर के माध्यम से प्रचार ने अपना जोर पकड़ लिया है।

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