गंगा के पक्के घाटों पर जमा हुआ है मोटी परत के रूप में गाद, कैसे मनेगा महापर्व

Buxar News - बाढ़ के छोड़े समस्या अब आस्था के महापर्व छठ पर भारी पड़ते दिख रहा है। यह व्रतियों के द्वारा घाट बनाये जाने के कार्य में...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:05 AM IST
Buxar News - ganga is deposited as a thick layer on the ganga39s hardened ghats
बाढ़ के छोड़े समस्या अब आस्था के महापर्व छठ पर भारी पड़ते दिख रहा है। यह व्रतियों के द्वारा घाट बनाये जाने के कार्य में बाधक बना जायेगा। दरअसल पिछले दिनों आयी बाढ़ के साथ गंगा का गाद मोटी परत के रूप में विभिन्न पक्के घाटों पर जमा हो गया है। जमा तो चारों तरफ हुआ है, लेकिन इसकी असली पहचान पक्के घाटों पर हो रही है। सभी मांगलिक कार्यक्रमों, हिंदु धर्म के त्योहारों के वक्त नगर गंगा घाट पर स्नान-दान के लिए श्रद्धालुओं की हुजूम उमड़ पड़ती है। इसका महत्व उत्तरवाहिनी होने के कारण और बढ़ जाता है। 2 नवंबर को छठ के पहले अर्घ्य का समय है। मतलब की गंगा के घाटों की साफ-सफाई इन्हीं बचे 20 दिनों के अंदर करनी है। जबकि घाटों की साफ सफाई का अभियान श्रद्धालु दशहरा बीतने के बाद से ही करने लगते हैं। लेकिन, जिस तरह शहर के विभिन्न घाटों पर गाद भरा हुआ है। उसमे सफाई कराना आम लोगों से सम्भव नहीं है। लेकिन, नगर परिषद अभी इसकी सफाई की योजना भी नहीं बना रहा। ऐसे में लोगों को फिसलन वाले घाटों पर ही छठ करना होगा।

लोगों को फिसलन वाले घाटों पर ही छठ करने की सता रही है चिंता

जुबां पे यहीं सवाल, नगर परिषद कब चलाएगा सफाई अभियान

गंगा घाटों पर नगर परिषद सफाई अभियान कब चलायेगा, गाद के रूप में मोटी परत का शक्ल लिये इस समस्या को कब कटवा कर हटाया जायेगा। ये वाजिब सवाल गंगा के प्रति स्नेह रखने, नित्य दर्शन करने वालों के जेहन में बराबर चल रहा है। घाटों पर जाने पर अक्सर वहां के पंडितों के द्वारा पूछा जा रहा है कि आखिर कब गाद हटाया जायेगा। महज बीस दिन ही शेष रह गये हैं आस्था के महापर्व में। बाढ़ के पानी का स्तर लगातार कम होने के समय ही यदि इसे हटा दिया गया रहता तो इतनी बड़ी समस्या मुंह बाएं सामने नहीं खड़ी होती है। हर रोज बच्चे, बुढ़े, जवान व स्त्रीयां घाटों पर स्नान करने के लिए उमड़ते हैं। इस दौरान गाद तथा कचरे के कारण लोगों की लोगों की भावनाएं आहत होती है।

रामरेखा घाट कि सीढ़ियों पर जमा शिल्ट

रामरेखा घाट पर विवाह मंडप में जमा शिल्ट

सोमवार करेंगे गाद की सफाई को लेकर बैठक : नगर के प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि बाढ़ के कारण घाटों पर गाद की मोटी परत बैठ गयी है। इस पर चर्चाएं हुई है। निरीक्षण में ये बातें सामने आयी है। कैसे सफाई अभियान चलवाया जाये, इसे लेकर जेई समेत संबंधित लोगों के साथ बैठक रखी गयी है। इस पर निर्णय के साथ ही सफाई कार्य प्रारंभ कर दी जायेगी।

श्रद्धालुओं के लिए परेशानियों का सबब : ऐसे में यदि घाटों से गाद की मोटी परत को नहीं हटाया जाता तो श्रद्धालुओं के परेशानियों का सबब बन सकती है। सनातनी परंपरावादी के लोग प्रत्येक दिन गंगा स्नान के महत्व को बताते हैं। ऐसे लोगों को गाद के मोटी परत से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विदित हो कि नगर के विभिन्न गंगा घाटों रामरेखा घाट, गायत्री घाट, फुआ घाट, रानी घाट, नाथ घाट, सिद्धनाथ घाट, गोला घाट, शिवाला घाट समेत अन्य घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी हुजूम प्रत्येक वर्ष देखने को मिलती है। पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में उनपर पर्व का रंग फिका पड़ सकता है। वहीं रामरेखा घाट आरती स्थल विवाह मंडप में भारी मात्रा में गाद इकट्ठा हो गया है। आरती व पूजन कार्य के वक्त भी श्रद्धालुओं तथा स्थानीय पुरोहितों को होती है।

रामरेखा घाट के मुख्य रास्ते पर जमा शिल्ट

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