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केवीके ने कार्यशाला में ग्रामीण क्षेत्रों से कुपोषण दूर करने की दी जानकारी
आंगनबाड़ी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण दूर करने एवं पोषण सुरक्षा हेतु दिए टिप्स
अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर केवीके बक्सर कार्यालय परिसर में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण दूर करने एवं पोषण सुरक्षा हेतु पोषण थाली, पोषण वाटिका, गृह वाटिका के प्रति जागरूकता लाना हैं। कार्यक्रम में उपस्थित जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका तथा सेविकाओं का स्वागत करते हुए केन्द्र के प्रभारी प्रमुख रामकेवल ने विभिन्न फसल जैसे आलू, मक्का, सेम, भिंडी, केला, करेला, पालक, चुकंदर, ब्रोकली, बेबीकाॅर्न, जई, गाजर, खरबूजा, आदि मे उपलब्ध विभिन्न पोषक तत्वों की मात्रा, प्रजातिया, उनके गुणों, आदि के बारे में प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी।
कुपोषण दूर करने के लिए संतुलित आहार जरुरी
केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ हरिगोबिंद ने बताया कि कुपोषण दूर करने के लिए संतुलित आहार में कार्बोहाईड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, के प्रमुख स्रोत वाली फसलों, सब्जियों, फलों की जानकारी प्रतिभागियों को दी। मशरूम, बाजरा, टमाटर, सहजन, आदि के बारे मे विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को दी। केन्द्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ डाॅ. मान्धाता सिंह ने उपस्थित प्रतिभागियों को बताया कि सेहत की थाली के लिए 25 प्रतिशत अनाज, 25 प्रतिशत प्रोटीनयुक्त दाल, दूध, मछली, अंडा, 40 प्रतिशत सब्जियां तथा 10 प्रतिशत फल का प्रयोग करना चाहिए। पुरूष-महिलाओं को कार्य करने के लिए लगभग 2000 कैलोरी की जरूरत पड़ती है। इसका सही निर्धारण शरीर के वजन में 33 का गुणक कर देने से आ जाता हैं।
मौजूद रहीं आंगनबाड़ी सेविका
केन्द्र के प्रभारी प्रमुख रामकेवल, केन्द्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ हरिगोबिंद, डाॅ. मान्धाता सिंह, राजपुर के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी राजेश कुमार, महिला पर्यवेक्षिका ऊषा देवी एवं मालती देवी द्वारा संयुक्त रूप से द्वीप-प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम मे जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 68 की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित हुए। जिनमें सहनाज प्रवीण, सुनीता कुमारी, रेखा देवी, राजकुमारी देवी, सरोज कुमारी, हेमलता श्रीवास्तव, रेहाना खातुन, पुष्पा देवी, प्रमिला देवी, आदि मौजूद थे तथा केन्द्र के आरिफ परवेज, अफरोज सुल्तान, विकास कुमार, भरत राम, रवि चटर्जी, आदि ने सहयोग किया।
जैव पोषित प्रजातियों, गुणों की जानकारी दी
शहरीर के सही वजन निर्धारण के लिए कुल लंबाई (सेन्टीमीटर मे) पुरूषों के लिए 100 तथा महिलाओं के लिए 110 घटा कर पता किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, मसूर, सरसों, फूलगोभी, शकरकंद, अनार, आदि फसलों के विकसित जैव पोषित प्रजातियों, उनके गुणों, की जानकारी प्रतिभागियों को दी। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (राजपुर) श्री राजेश कुमार ने बताया कि समाज के विकास में महिलाओं का अमूल्य योगदान हैं। साथ आईसीडीएस परियोजना के द्वारा कुपोषण दूर करने हेतु चलाये जा रहे विविध कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।