- Hindi News
- National
- Buxar News Mercury Dropped By Four Degrees In The District Due To Western Disturbances Increased Cold Clouds Continued To Rise Throughout The Day Drizzle Occurred
पश्चिमी विक्षोभ से जिले में चार डिग्री गिरा पारा, बढ़ी ठंड; दिनभर उमड़ते रहे बादल, हुई बूंदाबांदी
जिले में बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान हो रहा है। इस क्रम में शुक्रवार की रात में दक्षिण अफगानिस्तान व पाकिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ बनने के कारण मौसम में अचानक बदलाव होने लगा। शाम होते ही सर्द हवाएं चलने लगी। वहीं, देरशाम हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के कारण चार डिग्री तापमान में गिरावट हुई। साथ ही, अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी अंतर बढ़ गया है। अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया। जिले में शुक्रवार को बिजली की गरज के साथ ही पूरे दिन रुक रुक कर बारिश हुई। इस क्रम में जिले में कहीं भी ओलावृष्टि की सूचना नहीं है। मौसम विभाग ने तीन दिनों तक वर्षा व तेज हवा चलने तथा कही कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। वर्षा के कारण पूरा नगर कीचड़मय बन गया है। कुछ जगहों पर सड़कों में गड्ढे होने के कारण जल जमाव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। कुछ जगहों पर नाली का पानी भी ओवरफ्लो कर रहा है। पूरे दिन वर्षा के कारण सड़कों पर वीरानगी रहा। बिन मौसम की बरसात के कारण लोगों की परेशानी एकाएक बढ़ गई है।
डुमरांव | बारिश ने किसानों की तोड़ी कमर, फसलों की क्षति से किसान चिंतित, ईंट उद्योग को भी पहुंचा नुकसान
तीन-चार दिनों से हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। किसानों के लिए यह बारिश अब आफत बन गई है। गरज चमक के साथ हो रही तेज बारिश से खेतों में फसल को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों की फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है। निचले हिस्से के खेतों में पानी भर गया है और पकने को तैयार फसल गिर गई है। पिछले चार-पांच दिन से रुक-रुक कर बारिश होने से किसानों को चिंता बढ़ गई है। कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया है। इसके साथ ही आम समेत रबी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश की प्रकोप से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। उनके चेहरे पर चिंता दिखाई दे रही है और वे मायूस हो गए हैं। वहीं मौसम विभाग ने आगाह किया है कि आने वाले 2 दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। तेज हवा के साथ हो रही बारिश से खेतों में लगी गेहूं की फसलें गिर गई हैं। साथ ही इसके पहले हुई बारिश, आंधी व ओले से गिर चुकी फसलों को और ज्यादा नुकसान हुआ है। आम के मंजर, दलहनी, तेलहनी व सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
डुमरांव| बारिश के कारण ईंट उद्योग को हुआ भारी नुकसान
बुधवार शाम से रूक-रूक कर बारिश के कारण ईंट उद्योग को भारी क्षति पहुंच रही है। तेज बारिश के कारण चिमनियों पर रखे गए कच्चे ईंट बड़ी मात्रा टूट गए है। जिससे चिमनी संचालकों में मायूसी छाई है। बारिश से चिमनी संचालकों को लाखों रुपये के ईंटों का नुकसान हुआ है। अनुमंडल में उद्योग का रूप ले चुके ईंट निर्माण की दर्जनों चिमनियां है। अकेले डुमरांव बिक्रमगंज पथ के किनारे करीब आधा दर्जन से अधिक चिमनियां है। इसके अलावे टुड़ीगंज, सोवां, छतनवार, अकालूपुर, नंदन, नावानगर सहित कई अन्य जगहों पर ईंट भट्टे चलाए जा रहे है। चार दिन पूर्व हुई बारिश से लाखों की संख्या में कच्चे ईंट टूट गए है। जिससे चिमनी संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। चिमनी संचालक सह सिकरौल मुखिया विभोर द्विवेदी ने कहा कि उनका अकेले कच्चे डेढ़ लाख का ईंट बारिश के कारण टूट गया है। तेज रफ्तार के कारण कच्चे ईंट भीगकर खराब हो गये है। पिछले पखवाड़े भी हुई बारिश से चिमनी संचालकों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा था। वही एकबार फिर से हुई बारिश ने ईंट भट्टा संचालकों तथा वहा काम करने वाले मजदूरों की कमर तोड़ दी है।
सड़कों पर पानी भरने व कीचड़ हो जाने से लोगों को हुई परेशानी
बारिश के बाद सड़कों पर चलने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामान करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाका हो या शहर चारों ओर सिर्फ कीचड़ ही कीचड़ नजर आ रहा है। टूटी सड़कों पर जलजमाव के कारण लोगों को परेशानी हुई। बक्सर शहर के चौक-चौराहों के समीप हल्का जलजमाव रहा। वहीं डुमरांव, रघुनाथपुर, ब्रह्मपुर आदि इलाकों में भी कीचड़ से सड़कें पटी रही। सड़क के निर्माण कार्य की गति धीमी होने के कारण यह पथ पूर्ण रूप से जगह जगह जलजमाव व कीचड़ की गिरफ्त में है।
आंधी-पानी से रबी फसल को नुकसान
डुमरांव | शुक्रवकि रात से शनिवार तक तेज हवा और बारिश के कारण गेहूं की फसल औंधे मुंह गिरी तो वही चना, मंसुरबर्बाद हो गयी। किसान बर्बाद हुई फसलों को देखकर रोने को विवश है। वही कृषि विभाग क्षति की पूर्ति करने के लिए आंकलन में जुटा है। प्रखंड में गेहूं के 30 प्रतिशत फसलों के काफी नुकसान होने का अनुमान है। गेहूं की फसल औंधे मुंह गिर गयी है। वही तेज आंधी-पानी से नगदी दलहनी फसल चाना, मंसूरी फसलों के व्यापक क्षति हुई है। वही दो दिनों से रुक रूक कर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश ने हरी सब्जियों पर भी कहर बरपाया है। बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
सब्जियों के भी बर्बाद होने की सता रही चिंता
बारिश से सभी सब्जियां बर्बाद होने की चिंता किसानों को सता रही है। सब्जियां की मंहगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है। बहुत तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से बैर की फल एवं आम के पेड़ में लगी आम की मंजर झरने लगें एवं आम के मंजर गंदे होने की आशंका बढ़ गई। इस समस्याओं से घिरे किसान चिंतित हैं परंतु कुदरत द्वारा ढाए जा रहे कहर का कोई किसानों के पास उपाय भी नहीं है। भगवान हमलोगों पर तरस नहीं आ रही है । जिससे अपना तैयार फसल बचा सके। जिससे परिवार का भरण पोषण करने में उन्हें राहत मिल सके।
पटवन का समय समाप्त होने के बाद बारिश
बेमौसम की बारिश से गेहूं सहित दलहन एवं तेलहन की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। जिससे किसान अभी से ही हताश हो गए हैं। इसका असर आम के मंजर पर भी हो सकता है। पेड़ों में सघन मंजर भी तेज हवा व बारिश बर्बाद होगा। बीते दो दिन हवा की रफ्तार 8 से 10 किलो मीटर प्रति घंटे की रही। जो गेहूं, दलहन व तेलहन की फसलों को गिराकर बर्बाद करने के लिए काफी होगी। फरवरी माह में मौसम शुष्क पड़ने से किसानों को पटवन में बारिश का लाभ नहीं मिला और जब पटवन का समय समाप्त हो गया, तो तीन दिनों तक रूक-रूक तेज हवा के साथ बारिश हुई। बारिश का पानी किसानों के खेतों में लग गयी और गेहूं के पौधे गिरकर बर्बाद हो गयी। दलहन व तेलहन की भी खुब क्षति पहुंची। इससे जिले के हजारों किसान चिंतित हो रहे हैं।
खेतों में गिरा गेंहू की फसल।
तेलहन-दलहन की फसल को नुकसान
इस बारिश की वजह से किसानों को नफा और नुकसान दोनों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण एक तरफ जहां विभिन्न भागों में स्थित खेतों में लगी तेलहन और दलहन की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है, वहीं इस वजह से गेहूं की फसल को फायदा होने से किसानों के चेहरे पर चमक बढ़ गई है। किसान रमेश पाण्डेय ने बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बेमौसम बारिश से खेतों में लगी तेलहन और दलहन की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि वैसे इस बारिश से गेहूं की फसल को फायदा पहुंचा है, लेकिन यदि अब आगे भी बारिश जारी रही तो गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों की कमर ही टूट जाएगी और उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
तापमान में गिरावट
अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया
बारिश से बचने का प्रयास करते राहगीर।
बारिश में टूटे कच्चे ईंट।
बारिस के दौरान कोचिंग जाता छात्र
बारिस के दौरान स्टेशन रोड में जलजमाव