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बारिश से 40 % से अधिक दलहनी फसलों को नुकसान, गेंहू की फसल को फायदा
जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। जिले में बुधवार की रात अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश हुई है। सबसे अधिक ब्रह्मपुर, डुमरांव के अलावा राजपुर तथा इटाढ़ी प्रखंड क्षेत्र में बारिश ने कहर बरपाया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जिले में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम यूं ही बना रहेगा। इस बारिश की वजह से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं, क्योंकि इस बारिश से रबी व तिलहन फसलों को काफी नुकसान होने की संभावना है। खासकर इस मौसम में तेज बारिश व हवाओं से फसलों के गिरने की संभावना रहती है। जिसकी वजह से खेत में लगी फसल को भारी नुकसान की संभावना है। इस आपदा में उन फसलों को ज्यादा नुकसान होगा, जिसकी वक्त पर बुआई की गई है। इन फसलों में समय के साथ फल तैयार हो गए हैं। ऐसे में जिन किसानों ने देरी से फसल की बुआई की है, उनके फसलों को आंधी व ओलावृष्टि से अधिक नुकसान नहीं होगा।
गेहूं, चना, सरसों व मंसूर पर मौसम का कहर, काले पड़ जाएंगे फसलों के दाने
इटाढ़ी | आंधी ने क्षेत्र में गेहूं, चना, सरसों, मंसूर की फसल पर कहर बरपाया है। खेतों में खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई। आंधी के साथ बारिश ने गेहूं की फसल को भारी क्षति पहुंचाई है। किसानों में सिकटौना निवासी लक्ष्मण पाठक का कहना है जो भीग गया है, उसका दाना काला पड़ जाएगा, गेहूं की चमक फीकी पड़ जाएगी। दाम और उत्पादन पर इसका असर पड़ेगा। वही ओडी निवासी निरंजन वर्मा, सांथ निवासी रामसागर सिंह सहित अन्य किसानों का कहना है कुदरत की मार फसल पर पड़ रही है। सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है। भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। मौसम के बदले मिजाज के कारण क्षेत्र में फसल लेट होती जा रही है। मौसम रोज खराब हो रहा है। फसल पर संकट के बादल मंडराते जा रहे हैं। सबसे अधिक गेहूं की फसल को नुकसान बताया जा रहा है। क्षेत्र के किसानों का कहना है। गेहूं के साथ-साथ चना, मंसूर और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। जो फसल गिरी है उसकी कटाई कार्य में परेशानी आएगी। आसानी से मजदूर नहीं मिलेंगे। काफी दाना खेतों में में झड़ गया है।
गेहूं के फसलों को होगा फायदा, दलहनी चौपट
कृषि विज्ञान केंद्र के वस्तु विशेषज्ञ डॉ. देव करन ने बताया कि गुरुवार को रात जिले में औसतन 10.77 एमएम वर्षा हुई है। सदर प्रखंड में 10.25 एमएम वर्षापात के आंकड़े दर्ज किए गए हैं। गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को दिन के तापमान में एक डिग्री तक गिरावट आई। वहीं बादल छाए रहने के कारण रात के तापमान में दो डिग्री तक वृद्धि हुई है। आने वाले दिनों में बारिश के कारण दिन के तापमान में एक से दो डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसलों के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद रहेगी। वीर कुवंर सिंह कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य सह वैज्ञानिक डाॅ. अजय सिंह ने बताया कि खेत में लगी तैयार फसल को अगर ओलावृष्टि से काफी नुकसान हो सकता है।
गुरुवार की रात जमकर बारिश; वैज्ञानिकों के कहा- इस बार भारी नुकसान की संभावना
दलहनी फसल का नुकसान।
धान का मुआवजा नहीं, गेंहू भी बर्बाद : बेमौसम आंधी बारिश ने गेहूं व चना सहित चैती फसल पर आफत बनकर टूटी है। इसके पहले भी दशहरा के समय बेमौसम हुए बारिश ने जिले के कई प्रखंडों के किसानों की धान की पकी फसल को बर्बाद कर दिया था, जिसका विभाग के द्वारा किसानों को कोई भी मुआवजा भी नहीं दिया गया है।