नीलगाय रौंद रहे गेहूं की फसल, किसान परेशान
खेतों में तैयार हो चुकी रबी फसलों की कटाई में जुटे किसानों के समक्ष नीलगाय बड़ी समस्या बन गई है। इन दिनों गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की तलाश में निर्जन इलाके छोड़ नीलगायों का झुंड बस्ती की तरफ आने लगा है। इस क्रम में नीलगायों द्वारा खेतों में लगी गेहूं व दलहन जैसी रबी फसलों को निवाला बनाया जा रहा है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि पिछले एक पखवाड़े के अंदर नीलगायों का आतंक तेजी से बढ़ा है। इस दौरान किसानों के खेतों में लगी फसलें तेजी से चैपट हो रही है। यह समस्या उत्तरी व दक्षिणी दोनों क्षेत्र के किसानों के लिए समान रूप से बन गई है। जिससे किसानों के दिन का चैन व रात की नींद गायब हो गई है। काेरानसराय के किसान दयाशंकर तिवारी, आथर के मनोज यादव, चक्की के सुभाष यादव, सिमरी के बबलू पांडेय सरीखे किसानों का कहना है कि वे इनसे बहुत परेशान हैं। इन दिनों नीलगायों के आतंक से किसान फसल काटने के पहले ही रतजगा कर रहे है। अन्नदाता पिछले दो-तीन सालों से हर स्तर पर समस्याओं से जूझ रहा है। इन दिनों नीलगायों व घड़रोजों के आतंक से किसान परेशान हैं। इससे निपटने के लिए कई जगह तो किसानों ने हजारों रुपए खर्च की खेतों पर तार व जाली लगाकर फसल बचाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें भी आंशिक सफलता ही मिली। रोज नीलगायों का झुंड जाली व तारों को तोड़कर भी खेतों में प्रवेश कर जाता है।
नीलगायों को मारने से कर रहे परहेज : अब मजबूरी में अन्नदाता को 24 घंटे खेतों पर मौजूद रहकर फसल बचाने के लिए चौकीदारी करना पड़ रही है। किसानों ने बताया कि नीलगायों का आतंक तेजी से बढ़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से इस गंभीर समस्या से मुक्ति दिलाने की मांग की है। हालांकि सरकार द्वारा कुछ शर्तों के साथ नीलगायों को मारने की छूट दी गई है। लेकिन धार्मिक कारणों से किसान नीलगायों को मारने से परहेज कर रहे हैं।
गेहूं की खेत में फसल खराब करती नीलगायें।