अबतक नहीं खुला पंचायतों में कृषि कार्यालय भवन
छह पंचायतों में भूमि अधिग्रहण की चल रही है प्रक्रिया
सरकार द्वारा पंचायतों में पंचायत कृषि कार्यालय खोलने की अनुमति प्रदान करने के बाद भी अभी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। जिसके पिछे विभागीय स्तर पर कार्यालय खोलने की प्रक्रिया को काफी धीमी है। विभागीय सूत्रों कि मानें तो डुमरांव के सोलह पंचायतों में कृषि भवनों के लिए प्रस्ताव जिला कार्यालय को भेजा गया था। परन्तु अब तक कोई कार्रवाई नही हुई और ना ही यह पता चल पा रहा है पंचायतों में कब तक कार्यालय खुलेगा। इसके बारे में प्रखंड स्तर पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। किसानों को जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। गांवों में किसान की संख्या काफी है। जो खेती की बदौलत जीविकोपार्जन करते है। परन्तु जानकारी के अभाव में ऐसे किसान ऑनलाइन निबंधन नहीं करा पाते है। जिसके कारण ऐसे किसानों को सरकारी लाभ नही मिल पाता है। किसान भी मानते है कि समय से जानकारी नहीं मिलने की वजह से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। किसान सुरेश सिंह, कमलेश सिंह, विरेंद्र सिंह कहते है कि खेती से वक्त समय नहीं मिलता हैं। सरकारी योजनाओं के लाभ पाने वालों की सूची पर गौर करे, तो खेतों में पसीना बहाने वालों की संख्या कम दिखती है। इसके पीछे कारण यह है कि एक दो बार प्रखंड का चक्कर काटने वाला किसान निराश होकर घरों पर बैठ जाता है। विभागीय सूत्रों कि मानें तो पंचायत कृषि कार्यालय के संचालन हेतु सरकारी और किराये के भवनों की सूची भेजी गयी है। सूत्रों ने बताया कि कोरानसराय और कनझरुआ में पंचायत सरकार भवन है। शेष छह पंचायतों में पंचायत सरकार भवन बनाने हेतु जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। डुमरांव के आठ से अधिक पंचायतों में सरकारी भवन नहीं है। ऐसे पंचायतों में कार्यालय खोलने हेतु किराये के भवन का प्रस्ताव भेजा गया है। जिस तेजी के साथ कृषि कार्यालय खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
कृषि भवन डुमरांव।