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होली में बाहर से गांव आने लगे परदेशी, स्टेशन पर बढ़ी यात्रियों की भीड़, ट्रेनों में यात्रा कठिन

एक वर्ष पहले
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रंगो का त्योहार होली नजदीक आते ही दूसरे राज्यों में रहने वाले परदेशी अपने घर लौटने लगे है। जिस कारण टेªन व प्लेटफार्म पर यात्रियों की भारी भींड़ उमड़ रही है। यात्रियों की अधिक संख्या से उन्हें आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ट्रेनों के रिजर्वेशन बोगी में भी सीट से कई गुना अधिक यात्री यात्रा कर रहे है। वही डुमरांव स्टेशन पर पूरे दिन यात्रियों की भारी भींड़ उमड़ रही है। जैसे ही कोई ट्रेन आ रही है स्टेशन के बाहर भयंकर जाम लग जा रहा है। जिससे ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमरा गई है। रविवार को बिहार पुलिस की परीक्षा के कारण भी स्टेशन पर भींड़ अधिक थी। दूर दूर से परीक्षार्थी परीक्षा देने आए थे। जिस कारण रविवार को पूरे दिन स्टेशन पर तिलभर भी जगह नहीं बची थी। स्टेशन के बाहर की सड़क पर दिन के अधिकांश समय में जाम लगा रहता है। जिस कारण होली के त्योहार में परदेश से अपने गांव लौटने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम के कारण उन्हें अपने सामान के साथ स्टेशन से बाहर निकलने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। बताया जाता है कि जब भी कोई ट्रेन आती है तो टेम्पो चालकों द्वारा फुट ओवर ब्रिज के बाहर की सड़क पर कब्जा जमा लिया जाता है। जिस कारण यहां जाम की समस्या नासूर बन गई है। इसके अलावे ठेला पर फल बेचने वालों तथा फुटपाथी दुकानदार भी जाम का कारण बन रहे है। रेल प्रशासन की उदासीनता से होली जैसे पर्व में भी इस पर रोक नहीं लग पाया है। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। कई बार तो जाम के कारण उनकी ट्रेन भी छूट जाती है। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर शौचालय, पेयजल तथा पर्याप्त यात्री शेड जैसी मुलभूत सुविधाओं की घोर कमी है। होली जैसे त्योहार में एक तरफ यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ गई है तो दूसरी तरफ उन्हें इस स्टेशन पर सुविधाओं की कमी का दंश भी झेलना पड़ रहा है। जिस कारण स्टेशन पर कदम रखने के साथ ही यात्रियों के चेहरे मायूश हो जा रहे है।

प्लेटफार्म पर उमड़ी भींड़।
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