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एनआरसी की घोषणा से पूरा देश आक्रोश से भर गया है

एक वर्ष पहले
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एनआरसी व सीएए और एनपीआर के विरोध में हम भारत के लोग के बैनर तले कमलदह पोखरा के समीप अनिश्चितकालीन धरना को जारी रखा। धरना के 57 वें दिन की अध्यक्षता सीपीआई नेता बालक दास ने किया। जबकि संचालन बबलू कुशवाहा ने किया। वक्ताओं ने कहा कि देश संविधान नागरिकता की रक्षा के लिए आज पूरा देश सड़कों पर है। संविधान की शपथ खाकर सत्ता में आई भाजपा की सरकार संविधान को ही नष्ट करने में लगी हुई है। देश की जनता के कान तब खड़े हुए जब असम में पहली सूची में 40 लाख और अंतिम सूची में 19 लाख से ज्यादा लोगों के नाम नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर से बाहर कर दिए गए और तुरंत खबर आयी कि नागरिकता खारिज लोगों के लिए बनाए गए यातना गृह डिटेंशन कैम्प में 28 लोग मारे गए है। इसकी संख्या बढ़ कर 29 हो गई है। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के परिवार के लोगों, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कारगिल युद्ध के सैनिक अधिकारी सनाउल्लाह व असम की इकलौती महिला पूर्व मुख्यमंत्री सैयद अनोवारा तैमूर जैसे लोगों के नाम देश की नागरिकता से खारिज किए जाने से लोग परेशान हो उठे।

धार्मिक भेदभाव पर आधारित है कानून : वक्ताओं ने कहा कि असम में 19 लाख लोग नागरिकता से वंचित हुये लोग 50 हजार से अधिक यूपी एवं बिहार के प्रवासी नागरिक हैं। वक्ताओं ने कहा कि अमित शाह द्वारा इन्हें घुसपैठिया व दीमक बताते हुये पूरे देश में एनआरसी लागू करने की घोषणा से पूरा देश आक्रोश से भर उठा है और धार्मिक भेदभाव पर आधारित नागरिकता से संशोधन कानून आया तो पूरा देश सड़कों पर उतर आया। आंदोलन से सकपकाई भाजपा सरकार नया दांव खेल रही है और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर लेकर आयी जो एनआरसी का पहला कदम है। लोग उनकी सभी चाले समझ गई तो अब दमन व दंगा का सहारा ले रही है। वक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार काला कानून वापस नही लेती यह धरना जारी रहेगा।


मौके पर मौजूद रहे ये लोग

वरीय अधिवक्ता गणपति मंडल पूर्व सांसद तेजनारायण सिंह, साहित्यकार कुमार नयन, दीपचंद दास, जुनैद आलम, रामबचन बौद्ध, युवा राजद जिलाध्यक्ष बबलू यादव, सुदर्शन पाठक, संजय कुमार दूबे उर्फ पप्पू जी, चंद्रदेव सिंह, देवेन्द्र सिंह, राजेश कुमार सिंह, गणेश उपाध्याय, शिवगोविंद गौतम, हरेराम यादव, डा रामनिवास सिंह, विमल कुमार सिंह, संजय सिंह, सरिता कुमारी,मो इकबाल अंसारी, वार्ड पार्षद हैदर अली, मो नसीम, मो जलालुद्दीन, डा रामनिवास सिंह, सुमन शेखर, नंदजी यादव, अबुलैश खान, दानी जी, देवेन्द्र सिंह, हरेन्द्र सिंह, सुरेश,डा निसार अहमद, मो. इकबाल, ज्वाला प्रसाद, सुरेश राम, नीरज कुमार,मो असलम, मोनू कुमार, मो. अनवर अली, मायाशंकर यादव, छोटू कुमार आदि रहे।

रात में धरना स्थल पर सोये लोग।
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