सख्ती बढ़ी तब चेते, अब वाहनों के प्रदूषण जांच के लिए लाइन में करना पड़ रहा इंतजार

Buxar News - नए मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर लोग पूरी तरह से परेशान हो गए हैं। सबसे अधिक परेशान बाइक वाले हैं। क्योंकि इन्हें अपने...

Sep 14, 2019, 07:12 AM IST
Buxar News - warnings increased then vigorously now waiting in line for pollution check of vehicles
नए मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर लोग पूरी तरह से परेशान हो गए हैं। सबसे अधिक परेशान बाइक वाले हैं। क्योंकि इन्हें अपने कागजात को दुरुस्त कराने में खासा समय जाया हो रहा है। ऐसे में उन्हें घंटों की बात कौन करे बल्कि पूरा दिन एक कागजात को कम्पलीट करने में लग जा रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर प्रदूषण का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काउंटर पर लाइन में खड़ा होना मजबूरी बन गया है। ऐसा ही नजारा जिले के कृतपुरा स्थित राज प्रदूषण टेस्टिंग सेंटर, नया भोजपुर प्रदूषण जांच केंद्र व गोलम्बर स्थित बाबा प्रदूषण जांच केंद्र पर देखने को मिल रहा है। जहां बड़ी वाहनों के साथ-साथ छोटी वाहनों के मालिक व ड्राइवर अपनी बारी आने की प्रतीक्षा में है। सुबह से शाम तक लग रहे लाइन में फंसे लोग पूरी तरह से परेशान हो जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह जिले में प्रदूषण जांच केंद्र का कम होना है। ऐसे केंद्रों पर उमड़ रही भीड़ से वहां कार्यरत कर्मी भी परेशान हो जा रहे हैं।लोगों की माने तो परेशानी इस बात की नहीं है कि एक्ट में बदलाव हुआ है। परेशानी है कि कागजात को पूरा करने में जो दिक्कतें आ रही है उसके लिए सुविधा देता। क्योंकि लाइसेंस बनाने के लिए लाेगों को पूरे दिन लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।

कृतपुरा में प्रदूषण जांच केंद्र पर वाहन की जांच करते कर्मी।

ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए कैम्प लगाने की मांग

लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाहते हैं, किंतु प्रोसेस इतना जटिल है कि उन्हें कई दिनों तक कार्यालयों का चक्कर काटनी पड़ रही है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सबसे पहले लोगों को बाहर से ऑन लाइन आवेदन करना पड़ रहा है। उसके बाद उस आवेदन को लेकर डीटीओ कार्यालय स्थित काउंटर पर जमा करना पड़ रहा है। इतना हीं नही इसके लिए उन्हें चालान भी जमा करना पड़ रहा है। इस प्रक्रिया के बाद हीं उन्हें लर्निंग आदि की कॉपी मिलेगी। तभी कुछ दिनों बाद वह स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेगा। इस तरह महज काम के लिए कई दिनों तक चक्कर काटना पड़ रहा है जो लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है।

जिले में महज तीन जांच केंद्रों में की जाती है प्रदूषण जांच

अब तो लोगों को यह भय सता रहा है कि कहीं प्रदूषण जांच कराने को लेकर जाने के क्रम में पकड़े न जाए और जुर्माना देना पड़ जाए। ऐसा हो भी सकता है। क्योंकि जिले में प्रदूषण जांच केंद्र महज तीन है। जहां जाने के लिए वाहन चालक को अपनी गाड़ी ले जानी पड़ेगी। ऐसे में जांच अभियान में वे पकड़े जाते हैं तो लेने के देने पड़ जाएंगे। इसका भय इन्हें सता रहा है। ऐसे में लोग इसे तुगलकी फरमान कह रहे हैं।

लाइन में लगे-लगे ही गुजर जा रहा लोगों का वक्त

प्रदूषण जांच केंद्र में भी लोगों को पूरा दिनभर का वक्त लग जा रहा है। गाड़ियों की प्रदूषण जांच को लेकर लोगों को घंटों समय जाया करना पड़ रहा है। जिससे उनके अन्य कार्य अवरुद्ध हो जा रहे हैं। महज दस मिनट के कार्य के लिए उन्हें घंटो समय गंवानी पड़ रही है। जिले में कुल तीन जगहों पर प्रदूषण जांच केंद्र है। जहां वाहनों के साथ साथ लोगों की जमघट लग जा रही है। जिससे खासा परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि इसे सुविधाजनक बनायी जानी चाहिए ताकि लोग आसानी से अपने गाड़ियों की प्रदूषण जांच करा सके। लोगों का कहना है कि व्यवस्था को सुविधाजनक बनावे तो सभी को सहूलियत होगी।

अधिक पैसे लेने पर होगी कार्रवाई : डीटीओ

जिले में फिलवक्त तीन प्रदूषण जांच केंद्र है। जहां वाहनों की प्रदूषण जांच की जा रही है। इन केंद्रों पर रेट की सूची उपलब्ध है। ऐसे में अधिक पैसे लेने पर केंद्र के संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो इसका ख्याल रखा जा रहा है। -मनोज कुमार रजक, डीटीओ

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