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नागरिकता साबित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अजीबोगरीब शर्तें थोपी जा रही : हम भारत के लोग

एक वर्ष पहले
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एनआरसी व सीएए और एनपीआर के विरोध में हम भारत के लोग के बैनर तले कमलदह पोखरा के समीप अनिश्चितकालीन धरना को जारी रखा। 59 वें दिन जारी धरना की अध्यक्षता राजद युवा जिलाध्यक्ष बबलू यादव ने किया। जबकि संचालन मो. आफताब ने किया। इस दौरान साहित्यकार कुमार नयन ने गजल के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हुये कहा कि यह कानून काला कानून है। वक्ताओं ने कहा कि एनआरसी, एनपीआर, सीएए जो सरकार लेकर आयी है। यह देश के जो ज्वलंत मुद्दा है उससे देश के लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं। देश का असली मुद्दा तो बेरोजगारी है, महंगाई व भ्रष्टाचार, शिक्षा,स्वस्थ्य, लॉ एंड ऑर्डर है। इनसे ध्यान भटकाने को लेकर यह काला कानून लाया गया है। देश में हिंदू व मुस्लिम कर मंदिर मस्जिद किया जा रहा है और यह सब कर अमन चैन से रह रहे लोगों के बीच सांप्रदायिकता का बढ़ावा केंद्र की वर्तमान सरकार दे रही है।

संविधान की मूल भावना के खिलाफ है कानून

वक्ताओं ने कहा कि कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। भारत जैसे लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म आधारित कानून लागू नही हो सकता। मोदी सरकार अपनी मनमानी पर उतर आयी है। वक्ताओं ने कहा कि अब देश के सभी नागरिक विदेशी या संदेहास्पद नागरिक होंगे और उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दादा परदादा का प्रमाण पत्र जमा करना होगा। ऐसे में नागरिकता साबित करने के लिए अजीबोगरीब शर्तें थोपी जा रही है। हुकूमत द्वारा जनता के लिए परोसे गए इस काला कानून भारत देश को बांटने वाला व खंड खंड करने वाला कानून है। वक्ताओं ने कहा कि हम भारत के लोग भारत देश को टुकड़े टुकड़े नही होने देंगे। हम देश और संविधान की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ते रहेंगे।

आंदोलन को कुचलना चाहती है मोदी सरकार : देश भर में केंद्र सरकार के काले कानून एनआरसी, सीएए, एनपीआर के विरोध में फैले आंदोलन को मोदी सरकार कुचलना चाहती है। इस मौके पर वरीय अधिवक्ता गणपति मंडल, रामबचन बौद्ध, कुमार नयन, शाहिइ जमाल, शंकर जी प्रसाद, दीपचंद दास, विवेक कुमार, बद्रीप्रसाद पाल, नंदजी यादव, रामाशंकर कुशवाहा, मायाशंकर कुशवाहा, मो सलीम, अबुलैश खान, शिवगोविंद गौतम, बंगा यादव, संजय सिंह, अखिलेश यादव, राजेश कुमार सिंह, इकबाल अहमद, सुदर्शन सिंह, जगदीश सिंह, बबन सिंह, ललन सिंह, राजेन्द्र प्रजापति, विमल कुमार सिंह, दीनानाथ ठाकुर, मो वसीम, हरी नारायण उपाध्याय, हरेन्द्र सिंह, चंद्रदेव सिंह, राधेश्याम यादव,नरेन्द्र सिंह, अंगध यादव, प्रदीप शर्मा, राजेश शर्मा, श्रीनिवास सिंह आदि रहे।

एनआरसी के विरोध में धरना स्थल पर गजल सुनाते कुमार नयन।
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