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एनीमिया मुक्त होगा सारण, तीन चरणों में शुरू एनीमिया उन्मूलन प्रशिक्षण कार्यक्रम

2 वर्ष पहले
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सारण जिले को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए शुक्रवार जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में एनीमिया उन्मूलन अभियान का प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें संबंधित पदाधिकारियों को एनीमिया उन्मूलन के बारे में जानकारी दी गयी। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत 6-59 माह के शिशु, 5-9 वर्ष के बच्चे, 10-19 वर्ष के विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राएं, प्रजनन उम्र कि महिलाओं, गर्भवती और धात्री महिलाओं में एनीमिया के रोकथाम के लिए आयरन फोलिक एसिड का अनुपूरण किया जाना है। जिला कम्युनिटी मोबलाइजर ब्रजेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ समस्या है जो मानसिक और शारीरिक क्षमता को प्रभावित करती है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ सर्वेक्षण 4 के अनुसार बिहार मे 6 से 59 माह के 63.5% बच्चे, प्रजनन आयु वर्ग की 60.3% महिलाएं एवं 50.3 % गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रसित हैं।

12, 13 व 15 जुलाई तक होगी सभी जगहों पर आईएफए गोली व सीरप का आपूर्ति

फोटो नंबर:12 एनिमिया मुक्त सारण के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर में भाग लेते कर्मी

दो चरणों में होगी एनिमिया उन्मूलन की शुरुआत

यहां बता दें कि एनिमिया उन्मूलन की शुरूआत दो चरणों में होगी। प्रथम चरण में 10-19 वर्ष के बच्चों को सप्ताह मे एक बार नीली आईएफए की गोली एवं गर्भवती और धात्री महिलाओं को 180 लाल आईएफए की गोलियां दी जायेंगीं। द्वितीय चरण मंे कार्यक्रम के अंतर्गत 6-9 माह के शिशु माह के बच्चों को सप्ताह मे 2 बार आईएफए सिरप तथा 5-9 वर्ष के बच्चे को सप्ताह मे 1 बार गुलाबी गोली देने की शुरुआत की जाएगी।

प्रखंड में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी होंगे नोडल

ज़िला कम्यूनिटी मोबलाइजर ब्रजेन्द्र कुमार सिंह ने बताया ज़िला स्तर पर शिक्षा विभाग, आईसीडीएस के लोगों के साथ तीन चरणों मे प्रशिक्षण आयोजित की गई है जो क्रमश :12 जुलाई, 13 जुलाई एवं 15 जुलाई तक होगी सभी जगहों पर आई एफए गोली एवं सीरप का आपूर्ति भी किया जाना है। मौके पर सीडीपीओ, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डीसीएम ब्रजेन्द्र कुमार सिंह, बीएचएम, एमओआईसी, बीआरपी उपस्थित थे।

खून की कमी से मानसिक शारीरिक विकास नहीं होता

बाल्यावस्था मंे खून की कमी के कारण मानसिक और शारीरिक विकास बाधित होता है तथा कुपोषण की संभावना बढ़ जाती है। वहीं किशोरावस्था मे अगर सही पोषण न मिले तो दैनिक कार्य करने कि क्षमता घट जाती है और एकाग्रता मंे भी कमी आती है।9 माह के शिशु माह के बच्चों को सप्ताह मे 2 बार आईएफए सिरप तथा 5-9 वर्ष के बच्चे को सप्ताह मे 1 बार गोली दी जाएगी।

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