वर्ष में एक बार बच्चों की आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए, समस्या का समय पर पता लगना है महत्वपूर्ण

Chhapra News - आंखों की सुरक्षा तथा देखभाल के लिए गुरुवार को बीके ज्ञानस्थली रसूलपुर, सुतिहार में स्वस्थ दृष्टि अभियान योजना के...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 09:05 AM IST
Parsa News - children39s eyes must be examined once a year timely detection of problems is important
आंखों की सुरक्षा तथा देखभाल के लिए गुरुवार को बीके ज्ञानस्थली रसूलपुर, सुतिहार में स्वस्थ दृष्टि अभियान योजना के अंतर्गत अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल मस्तिचक के द्वारा कैंप लगाकर छात्र-छात्राओं के आंखों की जांच की गई तथा निःशुल्क सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल से आए चिकित्सकों ने बताया कि कुछ भी सीखने का 80 प्रतिशत माध्यम आंखें होती है। बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं। बच्चों की शिक्षा, सामाजिक संपर्क और व्यक्तित्व विकास के लिए दृष्टि संबंधी समस्याओं का सही समय पर पता लगना अत्यंत महत्वपूर्ण है। 33 प्रतिशत दृष्टि की हानि दृष्टि दोष के कारण होती है। चश्मे से दृष्टि दोषों का आसानी से इलाज किया जा सकता है। हालांकि कई बार बच्चे अपनी नेत्र संबंधित समस्याओं की शिकायत नहीं करते हैं, इसलिए दृष्टि हानि से बचने के लिए आंखों की जांच आवश्यक है। साल में एक बार अपने बच्चों के आंखों की संपूर्ण जांच अवश्य कराना चाहिए।

पूर्वी भारत के सबसे बड़े नेत्र अस्पताल अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ने अपने अत्यंत महत्वपूर्ण सहयोगी ओर्बिस इंडिया के साथ मिलकर बिहार में स्कूल जाने वाले बच्चों की आंखों की जांच के लिए एक अभियान स्वस्थ दृष्टि अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के अंतर्गत स्कूलों में नेत्र जांच शिविर लगाए जा जा रहे हैं। जहां बच्चों की आंखों की प्राथमिक जांच की जा रही है। जांच के दौरान आंखों में कोई समस्या पाई जाती है तो चिकित्सक दल अभिभावकों को यह सुझाव देता है कि मशीन के द्वारा आंखों की विस्तृत जांच के लिए बच्चों को अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के मुख्य केंद्र मस्तीचक ले जाकर जांच अवश्य कराएं। बच्चों के आंखों की जांच पूर्णतः निशुल्क है। चिकित्सकों ने आंखों की सुरक्षा तथा देखभाल के लिए बच्चों को सलाह दिया की वे विटामिन ए तत्व से भरपूर खाना खाएं, साल में एक बार नेत्र परीक्षण जरूर करवाएं, नुकीली चीजों का इस्तेमाल करते समय विशेष ध्यान रखें, प्रशिक्षित डॉक्टर की सलाह से ही आंखों में कोई दवाई डालें। चिकित्सकों ने बताया कि दूसरे का तौलिया इस्तेमाल नहीं करें। बहुत नजदीक से टीवी नहीं देखें। गिल्ली डंडा जैसे चोट लगने वाले खेल नहीं खेलें। गंदे हाथों से आंखों को नहीं छुए और नहीं मलें। मौके पर निर्देशक बबन कुमार पटेल, प्रधानाध्यापक मुन्ना कुमार, सुबोध कुमार गुप्ता, सुभाष कुमार, सुरेश राय, रंजीत कुमार, अर्जुन प्रसाद, लक्ष्मी ओझा, संध्या कुमारी, ओमनी कुमारी, प्रज्ञा कुमारी, बिना कुमारी, इंदु देवी समेत सैकड़ों छात्र छात्रा उपस्थित थे।

आंखों की देखभाल व सुरक्षा को लेकर बीके ज्ञानस्थली में लगा कैंप।

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