बनियापुर में धमई का पइन टूटा, 5 गांवों में घुसा पानी, इंद्रपुरी बराज से छोड़ा 70 हजार क्यूसेक

Chhapra News - गंडक नदी हर साल कटाव स्थल बदल रही है। पहले नदी का कटाव स्थल सरौंजा भगवानपुर था। लगभग दस सालों तक करोड़ों रुपए नदी के...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:30 AM IST
Panapur News - dangra pine broken in baniyapur water roamed in 5 villages 70 thousand cusec left from indrapuri baraj
गंडक नदी हर साल कटाव स्थल बदल रही है। पहले नदी का कटाव स्थल सरौंजा भगवानपुर था। लगभग दस सालों तक करोड़ों रुपए नदी के कटाव निरोधक कार्यों में सरकार ने खर्च किया। लेकिन नदी का कटाव जारी रहा। जब सरौंजा भगवानपुर में बोल्डर का कार्य हुआ। साथ ही पानी के दबाव को कम करने के लिए दियारे में जेसीबी से चिराई कर नदी के लिए नये रास्ते तैयार किए गए। तब जाकर सरौंजा भगवानपुर में कटाव रुका। फिर नदी ने नया कटाव स्थल बसहियां ढाला को बना लिया। उसके बाद प्रशासन ने बसहियां में कटाव निरोधक कार्य कराया। अब गंडक नदी ने अपना रुख सारंगपुर ढाला की तरफ कर ली है। सारंगपुर ढाला के सामने खेतों का कटाव शुरू हो गया है। कटाव को देखकर स्थानीय ग्रामीण चिंतित है।

धमई नदी का पइन टूटने से पांच गांवों में घुसा पानी

जनता बाजार-सहाजितपुर के मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ने का खतरा

बनियापुर | प्रखंड के सिसईं पंचायत के धमई नदी का पइन टूटने से पांच गांव चपेट में आ गए हैं। सभी गांव में तेजी से पानी फैल रहा है। स्थानीय लोग बांध की मरम्मत कर रहे है। जानकारी के अनुसार उक्त गांव से गुजरने वाली नदी से पइन की निकासी की गई थी। जो एका-एक टूट गई। इसकी जानकारी गांव वालों को तब हुई जब नदी की पानी गांव में प्रवेश कर गई। लोग जब तक इस पोईन को बांधने का प्रयास करते तब तक बाढ़ की पानी मेढुका, सिसई सहित कई टोले मोहल्ले में प्रवेश कर गया। जिससे जनता बाजार-सहाजितपुर के मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। इधर बाढ़ के पानी बढ़ने से लोग चिंतित है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी है।

अब गंडक नदी ने अपना रुख सारंगपुर ढाला की तरफ कर लिया है, सारंगपुर ढाला के सामने खेतों का कटाव होने से ग्रामीण चिंतित

पानापुर में गंडक नदी में हो रहा कटाव

नारायणी नदी के कई स्थानों पर कटाव, हालात का लिया जायजा

परसा|नारायणी नदी में उफान से बलिगांव, मुरहिया,रसूलपुर के तटीय इलाकों में बाढ़ व कटाव से लोग सहमे हैं। निवार को भी नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर कटाव बहुत ज्यादा होने लगा है। परसा प्रखंड क्षेत्र में हर वर्ष नारायणी नदी तबाही मचाती है। नदियों की धारा हर वर्ष बदलने के कारण दर्जनों गांव व टोले व हर वर्ष गंगा के आगोश में समा रहे हैं। कटाव के कारण प्रखंड क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी पूरी तरह बदल गयी है। कई गांव अब अतीत के पन्ने में है।पिछले एक सप्ताह से लगातार जलस्तर बढ़ने से बलिगांव व रसूलपुर, मुरहिया दियारा के समीप रुक-रुककर कटाव हो रहा है। शनिवार को बाढ़ नियंत्रण के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने बलिगांव से रसूलपुर, मुरहिया तक हालात का जायजा लिया।

बारिश में बह गई नयाटोला-बथुई की पुलिया ग्रामीण बोले: निर्माण घटिया होने से बह गई

मकेर| प्रखंड के मकेर बाजार से नयाटोला-बथुई सड़क पर बना पुलिया बारिश के पानी में बह गया। यह सड़क मकेर बाजार से पांच गांव को जोड़ती है। प्रखंड के भटोली गांव में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय के पास बना पुलिया का आधा हिस्सा पिछले पांच दिनों से हो रही लगातार बारिश में बह गया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण में अनियमितता बरती गयी है। निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। यह सड़क भटोली, नयाटोला बथुई, सुमन छपरा, बनौता, आदि गांवों को बाजार से जोड़ती है। प्रदर्शन करने वालों में भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉ सुचिन्द्र साह, संजीत राय, मिथिलेश साह, रामनाथ साह व अन्य थे।

गंगा-सरयू व सोन नदी में लगातार हो रही है स्तर मे वृद्धि

मकेर में बारिश में बह गया पुलिया।

हर वर्ष कटाव स्थल बदल रही है गंडक नदी करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं रुक रहा कटाव, सरौंजा भगवानपुर में पानी का दबाव कम करने के लिए चिराई कर नदी के लिए नया रास्ता तैयार किया पर बसहियां ढाला में होने लगा कटाव

गंगा, सरयू व सोन के जलस्तर में लगभग 3 मीटर की वृद्धि हो गई

डोरीगंज| सरयू व सोन के तटवर्ती लोगों की धड़कने अब बढ़ने लगी है। एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा, सरयू व सोन के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। हालांकि सारण में लोग एक सप्ताह बारिश के लिए तरस रहे थे। बारिश के कारण नदियों के जल स्तर में तेजी वृद्धि होने लगी है। देखते ही देखते एक सप्ताह में गंगा, सरयू एवं सोन के जलस्तर में लगभग 3 मीटर की वृद्धि हो गयी। जिसके कारण नदिया तथा तटवर्ती लोग डर के साये में रह रहे है। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से कम है। इंद्रपुरी बराज से देर रात 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे बाढ की आशंका बढ़ गयी है। इस संबंध में सदर सीओ ने बताया कि बाढ़ को लेकर 35 नावों की व्यवस्था की गयी जो राहत एंव बचाव कार्य में उपयोग किया जाएगा।

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