पिताजी ने बेटा-बेटी में फर्क नहीं समझा तो जज बनने का मिला मौका: तेजस्विनी

Chhapra News - न्यायिक परीक्षा में बेटी के सफलता पर पिता फुले नहीं समा रहे है। कहते है कौन कहता है बेटी बोझ होती है,बेटी तो बेटा से...

Dec 05, 2019, 06:10 AM IST
Amnaur News - if father doesn39t understand the difference between son and daughter then chance to become judge tejaswini
न्यायिक परीक्षा में बेटी के सफलता पर पिता फुले नहीं समा रहे है। कहते है कौन कहता है बेटी बोझ होती है,बेटी तो बेटा से भी आगे होती है। यह बात प्रखण्ड के अमनौर हरनारायण निवासी अधिवक्ता चन्देश्वर प्रसाद जायसवाल ने पुत्री तेजस्विनी जायसवाल के बिहार न्यायिक परीक्षा में सफलता अर्जित होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा। जिन्होंने बिहार न्यायिक परीक्षा में पिछड़ा वर्ग के श्रेणी में 11वीं स्थान को प्राप्त की है। इनके सफलता पर माता-पिता के साथ प्रखण्ड के लोगों को भी गौरव महसूस हो रहा है। तेजस्विनी का कहना है कि पिता हमेशा कड़ी मेहनत कर हमलोगों को पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। कभी बेटा-बेटी का फर्क नहीं समझे। जिस कारण इस मुकाम को पाने में कामयाब मिली। वह प्रारम्भिक पढ़ाई अमनौर के मिडिल स्कूल कन्या पाठशाला से की है। बताया कि पटना साइंस कॉलेज में पढ़ने के बाद दिल्ली में लौ की पढ़ाई पूरी कर न्यायिक परीक्षा की तैयारी में जुटी रही। मेरी मां व छोटी बहन हर तरह से हमे स्पोर्ट करती थी। माता पिता व कड़ी मेहनत के बदौलत यह मुकाम पाई।

न्यायिक सेवा में सफल तेजस्विनी।

पिता बोले-बोझ नहीं होती हैं बेटी

उन्होंने जो माता-पिता बेटा-बेटी का फर्क न कर उन्हें एक समान नजरों से देखेंगे, जरूर उनकी बेटिया उनके कद को ऊंचा करेगी। बिना कोचिंग किये ही पहले ही प्रयास में पाई सफलता तेजस्विनी ने बताया कि मैं न्यायिक परीक्षा के लिए कोई कोचिंग नहीं की। बिना कोचिंग का सहारा लिये ही पहले ही प्रयास में सफलता मिली है। इसे लिए मुझे सेल्फ स्टडी काफी करनी पड़ी। बाकी तैयारी कर रहे साथी से अपील है कि अगर वह कठिन परिश्रम कर रहे और परिवार वाले सपोर्ट में है तो उनको सफलता जरूर मिलेगी। बशर्ते वो ईमानदारी से पढ़ाई करें। हां मां और बहन मानसिक तौर पर हमेशा बुलंद करने का काम करती थी। कहती थी कि तुम पढ़ाई करो जरूर निकलोगी।

कमालपुर का अंकित बना जज, ऑलओवर रैंक 251वां

सिटी रिपोर्टर| छपरा

बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले के दरियापुर प्रखंड के प्रतापपुर पंचायत निवासी रिटायर्ड जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार के पुत्र अंकित राजन जज बने है। न्यायिक परीक्षा में सफल होने के बाद पुरे परिवार सहित गांव में खुशी का माहौल है। अंकित के चाचा अधिवक्ता सुनिल कुमार ने बताया कि अंकित बचपन से ही पढ़ने में काफी बेहतर था, प्राथमिक शिक्षा गांव में हीं अपने दादा व प्रख्यात शिक्षक बासुदेव राय से प्राप्त किया। बड़े भाई सह अंकित के पिता की नौकरी होने के बाद दानापुर के डीएवी स्कूल से मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट किया। इसके बाद स्नातक कर लॉ में एलएलबी व एलएलएम की पढ़ार्इ पुरी की। अंकित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा स्व. बासुदेव राय को दिया है। उन्होंने कहा कि गांव में दादा ने आस-पास के करीब आधा दर्जन गांव के बच्चों को बेहतर एवं गुणवक्तापूर्ण शिक्षा देते थे। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को देखकर पढ़ा और सफलता हासिल किया है। जानकारी के अनुसार बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा के घोषित परिणाम में अंकित राजन पिछड़ा वर्ग के 12 वें स्थान प्राप्त किया है। वहीं ऑलओवर में 251 वां रैंक प्राप्त हुआ है।

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