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- Dighwara News No 200 Masks For The Doctor To Be Used In Referral And Health Centers Got Five
रेफरल व स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर को लगाने के लिए मास्क नहीं, डिमांड 200 की, मिला पांच ही
पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कारण दहशत में है। इस वायरस से भारत में 75 से अधिक संक्रमित रोगियों की पहचान सामने आने पर बिहार में भी 13 मार्च शाम को अलर्ट घोषित कर दिया गया । बिहार के सभी अस्पताल को तैयार रहने का निर्देश जारी किया जा चूका है, चिकित्सक और कर्मियों की छुट्टियां रद्द हो चूकी है । लेकिन मढ़ौरा नगर मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल की अपनी तैयारी ही आधी अधूरी दिखती है। शनिवार बिहार अलर्ट के दूसरे दिन शनिवार को रेफरल अस्पताल में रोगी, डॉक्टर, नर्स, एटेंडेंट, कर्मी अन्य दिनों की ही तरह समान्य दिखे । कोई भी जागरुकता और सुरक्षा के तौर पर उपयोग होने वाले मास्क, दस्ताना का प्रयोग नहीं कर रहा था। ओपीडी में रोगियों को देख रहे डॉक्टर भी खुले तौर पर आम दिनों की तरह रोगियों को देखते और परामर्श देते मिले। पूछे जाने पर कहा कि यहां अभी तक कोई कोरोना वायरस ग्रसित रोगी नहीं आया है। ओपीडी कक्ष में रोगी देख रहे डॉ. कुमार गौरव कोरोना को लेकर साफ सफाई, भीड़भाड़ वाले जगहों से दूर रहने, मास्क लगाने आदि सावधानियां बरतने की बात जरूर कही।
अस्पताल प्रशासन बोला- अलर्ट है हकीकत मास्क लगाने के लिए नहीं
तरैया। कोरोना वायरस को लेकर रेफरल अस्पताल तरैया में तैयारी का शनिवार को भास्कर टीम ने जायजा लिया।लगभग 12 बजे चिकित्सक डॉ आर.के.झा ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे मरीज लगभग 01 मीटर की दूरी पर खड़े थे।किन्तु चिकित्सक मास्क नहीं लगाये हुए थे। चिकित्सक ने बताया कि हमलोग बाहर से आये हुए मरीजों पर विशेष नजर रखे हुए है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रीनाथ प्रसाद ने बताया कि कोरोना को लेकर अस्पताल अलर्ट है जिले प्राप्त गाइडलाइन के आलोक में स्वस्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया है।मॉस्क का डिमांड किया गया था।
हर स्थिति से निपटने की तैयारी
रोगियों के लिए दो कक्ष में लगाये गए बेड भी तीतर-बितर परे थे, कोई किसी पर बिछावन तक नहीं लगा था। टीकाकरण कक्ष में एएनएम भी बिना सुरक्षा मानको का प्रयोग किये प्रसूता और बच्चों के इंतजार में बैठी थी । अब यह समान्य लोगों को भी पता है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष रूप से अलर्ट रहने के लिए निर्देशित किया है । कोरोना के फैलाव को रोकने के लिये स्कूल कॉलेज, कोचिंग संस्थान आदि को 31 मार्च तक सरकार ने बंद रखने का निर्णय लिया है। सरकार और विशेष कर स्वास्थ विभाग हर स्थिति से निपटने की तैयारियां का दावा कर रही है। मगर हालात अलग स्थिति को दिखाते है ।
दिघवारा: डॉक्टर लगाये थे पर कर्मी व मरीज नहीं
पीएचसी में डॉक्टर मास्क लगाये थे। कुछ कर्मी भी लेकिन जरूरत के अनुसार महज कुछ ही मास्क मिल सका था। वहां से जिला मुख्यालय से 200 मास्क की डिमांड की गई है लेकिन आपूर्ति नहीं हो सका है। ऐसे में परेशानी हो रही है।
मढ़ौरा रेफरल अस्पताल में अओपीडी में डक्टर।
कर्मियों की छुट्टी रद्द
कोरोना को लेकर सभी स्वास्थ कर्मियों की छुट्टियां रद्द करने ला निर्देश प्राप्त हो चूका है। जागरुकता और सुरक्षा के लिए मास्क, दस्ताना का उपयोग प्रत्येक स्वास्थ कर्मी को करना है।
सुशील कुमार गौतम,स्वास्थ प्रबंधक,पीएचसी मढ़ौरा
तरैया में बिना मास्क के इलाज करते डॉक्टर।
एक तरफ जहां कोरोना को लेकर अलर्ट जारी किया गया वहीं अस्पतालों में ही लापरवाही सामने आ रही है। डॉक्टर मरीजों को मास्क लगाने की सलाह भले ही दे रहे है लेकिन सिस्टम की लापरवाही की वजह से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को महज पांच ही मास्क मिला है। वहीं कही वह भी नहीं मिल सका है। ऐसे में डॉक्टर बगैर मास्क के ही मरीजों का इलाज कर रहे है। ऐसे में कोरोनो तो क्या साधारण वायरल सर्दी-जुकाम से भी बचाव कर पाना मुश्किल है।
ओपीडी कक्ष में डॉक्टर खुद बिना मास्क और दस्ताना के रोगी देख रहे थे, अस्पतालों में सुरक्षा का नहीं है इंतजाम
दिघवारा में मास्क लगाकर इलाज करते डॉक्टर।