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शारीरिक शोषण रोकने के लिए स्कूलों में होगा सेल

एक वर्ष पहले
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शिक्षा विभाग बालकों के साथ होने वाले मानसिक, भावनात्मक एवं यौन शोषण को रोकने के उद्देश्य और लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (पॉक्सो) के बारे में छात्रों को जागरूक करेगी। छात्रों में जागरुकता बढ़ाने एवं लैंगिक शिकायतों के निवारण को लेकर जिले के सभी विद्यालयों में सेल भी स्थापित किया जाएगा। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए यूनिसेफ के सहयोग से मार्गदर्शिका और प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किया गया है। सभी प्राथमिक, प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में जागरूकता एवं शिकायत निवारण सेल स्थापित करने को लेकर डीपीओ को निर्देशित करेंगे। प्रधानाध्यापक या वरीय शिक्षक अध्यक्ष, सदस्य के रूप में विद्यालय के एक शिक्षक और शिक्षिका के साथ ही एचएम के द्वारा मनोनीत एक छात्र और एक छात्रा को शामिल किया जाएगा। साथ ही इस सेल में विद्यालय के लिपिक को भी शामिल किया गया है। बता दें कि यौन अपराध से बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो एक्ट बनाया गया है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का यौन व्यवहार इस कानून के दायरे में है।

शिक्षकों व विद्यार्थियों को जागरूक करना है उद्देश्य

इस अधिनियम के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए शैक्षिक संस्थानों में बच्चों एवं उनके अभिभावकों और विद्यालय के शिक्षकों को जागरूक करना है। इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित कर लैंगिक शिकायतों के निवारण को लेकर प्रधानाध्यापक या वरीय शिक्षक की अध्यक्षता में एक जागरूकता एवं शिकायत निवारण सेल स्थापित किया जाना है। सेल के लिए एक शिक्षक को भी प्रशिक्षित किया जाएगा और प्रशिक्षकों के माध्यम से सभी विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की भी योजना है।

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