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माध्यमिक शिक्षकों ने डीईओ और डीपीओ कार्यालय का किया घेराव, पुलिस ने जाने से रोका तो हुई धक्का-मुक्की

एक वर्ष पहले
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मढौरा नगर पंचायत के बर्खास्त 93 शिक्षकों को काम के बदले वेतन देने का आदेश निदेशक प्राथमिक शिक्षा ने डीपीओ को दे दिया है, पर आदेश के 90 दिन बाद भी शिक्षकों का भुगतान नहीं किया गया है। अब इन शिक्षकों ने आत्मदाह की धमकी दी है और इस संबंध में डीएम समेत अन्य अधिकारियों को पत्र दिया है। मढ़ौरा नगर पंचायत में 2008 में 79 अभ्यर्थियों की बहाली नगर शिक्षकों के रूप में हुई थी। जबकि 14 और शिक्षकों की भी बहाली एक दूसरे नियोजन इकाई ने की थी। इस तरह कुल 93 शिक्षकों की बहाली हुई थी। पर नियोजन में अनियमितता बरते जाने की शिकायत मिलने के बाद नियोजन इकाइयों ने 27 अक्टूबर 2018 को बैठक कर नियोजन को रद्द कर दिया था। मामला राज्य अपीलीय प्राधिकार में गया तो प्राधिकार ने कार्रवाई को तो सही माना पर जितने दिन शिक्षक काम किए है उतने दिन का वेतन भुगतान करने का आदेश दिया। इन शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए विभाग को लगभग 6 करोड़ रुपये की जरूरत है। विभाग ने वेतन भुगतान करने की बजाए एक बार फिर मामले को टालते हुए निदेशक से वेतन भुगतान के लिए मार्गदर्शन मांगा। जबकि प्राधिकार का स्पष्ट आदेश था वेतन भुगतान करने का। निदेशक से मार्गदर्शन मांगने पर निदेशक ने वेतन भुगतान करने का आदेश दिया ही साथ ही कहा कि यदि राशि नहीं है तो डिमांड किया जाए। यह आदेश तीन माह पहले ही आया, पर अफसर व कर्मी कुंडली मारे बैठे हैं और एक और विवाद को जन्म देने का इंतजार कर रहे हैं।

26 वें दिन एकमा में जारी रही शिक्षकों की हड़ताल

एकमा| बिहार शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर समान काम के लिए समान वेतनमान सहित अपने विभिन्न मांगों के समर्थन में नियोजित शिक्षकों की अनिश्चित कालीन हड़ताल एकमा प्रखंड क्षेत्र में 26 वें दिन शुक्रवार को भी जारी रही। इस बेमियादी हड़ताल के चलते क्षेत्र के लगभग सभी सरकारी प्रारंभिक व माध्यमिक स्कूलों में पठन-पाठन ठप रहा। इस अवसर पर समन्वयक समिति के प्रखंड अध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह, सचिव सुमन प्रसाद कुशवाहा, संयोजक जयप्रकाश तिवारी, नगर अध्यक्ष उपेंद्र यादव, समरेश, संजय साह, पवन कुमार, ओमप्रकाश यादव, योगेश सिंह, आनंद कुमार, सीमा देवी, संतोषी कुमारी, रेणु कुमारी, निर्भय सिंह, छविनाथ मांझी, धर्मेंद्र सिंह, दिग्विजय गुप्ता, अरविंद कुमार, रमेश सजल, रमेश राम, तारकेश्वर सिंह, अमरेंद्र सिंह, भीम रजक, धीरेंद्र कुमार, ब्रजेश उपाध्याय, नसीम अंसारी, सुरेश सिंह, गिरधारी रस्तोगी, कन्हैया राम, मैनेजर साह, राज मोहम्मद अंसारी, निलेश सिंह, पंकज कुमार रस्तोगी, रजनीश कुमार, गाजी हसन, पंकज प्रकाश सिंह, रविन्द्र ठाकुर, मुकेश पंडित, सरोज पंडित, मधू सूदन राम, रमेश राम, जितेंद्र राम, वीरेंद्र प्रसाद, उमेश सिंह, नसीम अंसारी, साहब हुसैन, सुमन कुमारी, उमेश साह, कुमार आदि अन्य शिक्षकों ने सीएम नीतीश कुमार से अपनी हठधर्मिता को त्याग कर समन्वय समिति के प्रदेश नेतृत्व के शिक्षक नेताओं के शिष्टमंडल को वार्ता हेतु बुलाकर उनकी मांगों को मान लेने की मांग की।

शिक्षकों की हड़ताल 26 वें दिन भी जारी

तरैया| प्रखंड के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में आज 26 वें दिन भी ताले लटके हुए है।शिक्षक अपनी मांगों के समर्थन में सीआरसी कन्या मध्य विद्यालय में धरने पर बैठे है। जिससे विद्यालयों में पठन-पाठन पूर्ण रूप से ठप है। शिक्षक 17 फरवरी से लगातार प्रतिदिन सीआरसी तरैया में धरने पर बैठ कर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे है। शिक्षकों ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नही होती है या सरकार हमसे वार्ता नहीं करती है तब तक हड़ताल जारी रहेगा। मौके पर शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक सत्येन्द्र सिंह, महेश्वर सिंह, रंजीत सिंह, मुन्ना प्रसाद, शेखर सिंह, जितेन्द्र राणा, अजय कुमार गुप्ता, सर्वजीत सिंह, अवधेश कुमार सिंह, विनय सिंह, प्रभात मांझी, लाल बाबू यादव, अनिल यादव, रेयाज अहमद, मासूम अली, निर्मल राम, सुरेश शर्मा, शंकर सिंह, शिक्षिका उर्मिला कुमारी, मधु देवी, ममता कुमारी, टिंकू कुमारी, नीलू कुमारी, रीना भारती, अनिता कुमारी, सीमा देवी व अन्य मौजूद थे।

अांदोलन का 26वां दिन: वार्षिक परीक्षा का भी बहिष्कार करेंगे प्रारंभिक शिक्षक, 10 लाख बच्चों को करना होगा इंतजार


सिटी रिपोर्टर| छपरा

26 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे प्रारंभिक शिक्षक अब स्कूलों की वार्षिक परीक्षा का भी बहिष्कार करेंगे। शिक्षक नेताओं ने कहा कि जबतक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती वे सरकार के किसी भी आदेश व कार्य को नहीं करेंगे। इस बार शिक्षक पूरे आर-पार की लड़ाई के मूड में है। नियोजित शिक्षक अपनी संवैधानिक मांग सहायक शिक्षक की भांति वेतनमान -हु ब बहु सेवा शर्त और राज्यकर्मी का दर्जा देने की लड़ाई लड़ रहे हैं। शिक्षकों ने धरना स्थल पर भैंस के सींग पर सीएम का फोटो लगाकर और पूंछ में शिक्षा मंत्री का फ़ोटो लगाकर और भैंस के मुंह के आगे बिन बजाकर वेतनमान की झांकी प्रदर्शित की। शिक्षकों का कहना था कि मुख्यमंत्री 26 वे दिन भी वार्ता का कोई सकारात्मक पहल नही किए हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता समरेंद्र बहादुर सिंह और संचालन अशोक कुमार सिंह ने की। कमलेश्वर राय, अरविंद राय, रबिन्द्र कुमार सिंह, विजय सिंह, मंजीत तिवारी, हरि बाबा, सुमन प्रसाद, उपेंद्र राय, उमेश राय, सतेंद्र कुमार, दिलीप गुप्ता, रामसुमेर, काशीनाथ राय, सुमन सिंह, रविशंकर कुमार सिंह, जगदीश प्रसाद, विजय कुमार, आलम, दिलीप कुमार सिंह, गुड्डू कुमार ,विनय कुमार, सतीश कुमार सिंह, शोभा कुमारी, रेखा कुमारी, कुमारी माला, पूनम मिश्रा ,आशा कुमारी, आशा कुमारी, अनीता , प्रियंका ,मालती , आरती सिंह, बबीता कुमारी, सरिता कुमारी, अलका कुमारी, मनीषा कुमारी, मीरा कुमारी, ममता कुमारी, संध्या कुमारी, संगीता कुमारी, राखी कुमारी, सविता कुमारी, प्रियंका, अनु कुमारी, ललन कुमार, मंजू कुमारी, सीमा कुमारी, मनोरमा कुमारी, अमरेंद्र सिंह, अभय कुमार सिंह, अखिलेश जी, रंजीत कुमार, एजाज अहमद, उपेंद्र बैठा, अवधेश राय, प्रकाश सौरव, मोहम्मद सिराजुद्दीन, रामबाबू प्रसाद समेत काफी शिक्षक उपस्थित थे।

शिक्षक बोले-पाई-पाई
को मोहताज हो गए हैं


शिक्षकों ने कहा कि जब से नौकरी से हटे हैं पाई-पाई को मोहताज हो गए हैं। वे ऑन रोड हो गए हैं। ऐसे में जो बकाया है वही मिल जाए तो कम से कम राशन वालों का बकाया तो चुका देंगे। शिक्षक रंजीत कुमार राम, अशोक कुमार मांझी, शैलेन्द्र कुमार मांझी, राकेश कुमार, रेखा कुमारी, शेखा कुमारी, संजीव कुमार राम, मधु कुमारी, कुमारी विनोदिता, इंद्रजीत कुमार, राजेन्द्र राम, हलिमा खातून, उषा देवी, संजू कुमारी, रिंकू कुमारी आदि शामिल आदि ने बताया कि यदि वेतन नहीं मिलता है तो वे आत्मदाह कर लेंगे।

माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव का घेराव करते आंदोलनकारी शिक्षक।

मढ़ौरा के बर्खास्त 93 शिक्षकों ने दी आत्मदाह की धमकी, वेतन नहीं

सिटी रिपोर्टर| छपरा

वेतनमान की मांग को लेकर हड़ताली माध्यमिक शिक्षकों ने शुक्रवार को डीईओ और डीपीओ कार्यालय का घेराव किया। शिक्षकों ने सरकार के विरोध में जमकर नारे लगाए। शिक्षकों ने डीईओ कार्यालय में जाने का प्रयास किया पर पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने शिक्षकों को रोक दिया, इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। आंदोलनकारी शिक्षकों के घेराव कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट था। काफी संख्या में एआरबी के जवान जिला स्कूल स्थित डीईओ व डीपीओ कार्यालय परिसर में तैनात थे। आंदोलनकारियों के गेट के पास पहुंचते ही जवान मुस्तैद हो गए। एक भी शिक्षक को कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया।

डीपीओ मीना ने लिया ज्ञापन

आंदोलनकारियों के हंगामा और नारेबाजी को सुन डीपीओ मीना कुमारी गेट के पास पहुंची। इसके बाद उन्होंने शिक्षकों की सभी मांगों को सुना। शिक्षकों ने सरकार तक उनकी बातें पहुंचाने की मांग की। वहीं बकाया वेतन दिलाने को लेकर भी अपनी मांगे रखी। इसके पहले पूरे शहर में माध्यमिक शिक्षकों ने मार्च निकाला और नारेबाजी की।

धरना में गरजे शिक्षक, पहुंचे कई जनप्रतिनिधि

घेरावा के बाद शिक्षक फिर नेहरू स्मारक पर पहुंचे और 18वें दिन की धरना शुरू हो गई। अध्यक्षता नागेंद्र सिंह ने की। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जिला सचिव राजाजी राजेश ने बताया कि इस कार्यक्रम में महिला बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। वही विद्यासागर विद्यार्थी ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य संघ के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना के कार्यालय का घेराव किया गया। लंबित वेतन भुगतान संबंधित मांग पत्र डीपीओ को सौंपा गया। धरना कार्यक्रम को संयुक्त सचिव विष्णु कुमार, पुनीत रंजन, अनुमंडल सचिव सुजीत कुमार, डॉ. नागेंद्र राय, डॉ.दीनबंधु माझी,डॉ. रजनीश कुमार, सुनील कुमार,डॉ. विनोद कुमार सिंह, निशा कुमार, राजेश ओझा, निश्चय जी, बलवंत सिंह, अरविंद यादव, प्रियंका कुमारी, अनुपमा कुमारी, ममता कुमारी, रीना कुमारी, बबिता कुमारी, अख्तर जहां खानम आदि ने संबोधित किया।

आंदोलनकारी शिक्षकों के घेराव कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट था
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