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नैक मूल्यांकन के बावजूद रूसा से फंडिंग नहीं होने के कारण संबद्ध काॅलेजों का रुका है विकास, उदासीन बनी है सरकार

एक वर्ष पहले
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एलएन मिथिला यूनिवर्सिटी के अंतर्गत नैक मूल्यांकन कराने वाले संबद्ध काॅलेजों को रूसा से फंडिंग नहीं होने के कारण विकास की गति काफी धीमी हो गई है। जिस कारण आधारभूत संरचना का विकास करने में परेशानी हो रही है। जबकि, नैक मूल्यांकन करा चुके कई अंगीभूत काॅलेजों को भी रूसा से फंडिंग होने में परेशानी हो रही है। जिन काॅलेजों में नैक मूल्यांकन के बाद रूसा से राशि दी गई है उन काॅलेजों की आधारभूत संरचना का विकास प्रगति पर है। भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन संचालित उच्चतर शिक्षा अभियान यानी रूसा के तहत 2014 से फंडिंग करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले यूजीसी के तहत फंडिंग होता था। यूजीसी के साथ 2 एफ एवं 12 बी में रजिस्टर्ड अंगीभूत संबद्ध काॅलेजों को आधारभूत संरचना मजबूत करने के लिए समानता के आधार पर फंडिंग होता था। जो अब बंद है। इससे संबद्ध काॅलेजों में नेक मूल्यांकन की गति काफी धीमी हो गई है। साथ ही आने वाले समय में समाज को इसको लेकर काफी क्षति होगी। जिसकी भरपाई करने में फिर सालों लग जाएगा। बावजूद सरकार उदासीन बनी हुई है।

पूर्व में क्या रहा प्रावधान | रूसा की परिकल्पना से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से ही समानता के आधार पर देशभर के अंगीभूत एवं संबद्ध काॅलेजों को 2एफ एवं 12बी में रजिस्टर्ड होने के बाद फंडिंग किया जाता था। इससे लाभान्वित होने वाले दोनों कॉलेजों की आधारभूत संरचना का काफी विकास हुआ है। कई काॅलेजों में क्लासरूम से लेकर प्रयोगशाला एवं छात्रावास के निर्माण में काफी सहयोग मिला है। जबकि, यूजीसी की 12वीं योजना के बाद से फंडिंग बंद कर दिया गया है। अब रूसा के माध्यम से सिर्फ अंगीभूत काॅलेजों एवं विश्वविद्यालयों को फंडिंग हो रहा है। इसके लिए नैक मूल्यांकन के दौरान कम से कम बी ग्रेड होना जरूरी है।

संबद्ध कॉलेजों को फंडिंग के लिए लिखा था पीत पत्र

रूसा के पूर्व राज्य उपाध्यक्ष डॉ. कामेश्वर झा ने कहा कि रूसा क्वालिटी कंट्रोल के तहत फंडिंग करता है। नैक मूल्यांकन में 2.5 सीजीपीए से अधिक अंक रहने वाले शिक्षण संस्थानों को सहायता करने का प्रावधान है। उन्होंने इसके लिए पीत पत्र भी लिखा था। लेकिन, राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में इसका मानक तय नहीं होने के कारण फंडिंग नहीं हो सका।

एलएनएमयू सहित 11 कॉलेजों को हुई फंडिंग

एलएनएमयू में अभी तक विवि के अलावा 11 कॉलेजों को रूसा से फंडिंग हुआ है। ये सभी अंगीभूत कॉलेज हैं। जबकि, 25 अंगीभूत कॉलेजों का नैक मूल्यांकन हो चुका है।संबद्ध कॉलेजों में केएसआर कॉलेज सरायरंजन, नागेंद्र झा महिला कॉलेज, एसएमजे कॉलेज खाजेडीह एवं महात्मा गांधी कॉलेज का नैक मूल्यांकन होने के बाद भी फंडिंग नहीं हो सका है।

अपने उद्देश्य के अनुरूप रूसा नहीं कर रहा है काम

रार्ष्टीय उच्चतर शिक्षा अभियान उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की योजना है। जिसका उद्देश्य राज्य उच्च शिक्षा विभागों व संस्थानों को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करना है। साथ ही व्यापक उद्देश्यों का उपयोग, इक्विटी और उत्कृष्टता को प्राप्त करना है। अनुदान के हकदार संस्थानों को सुधारों को अमल में लाना है।
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