मैथिली के प्रति हर मिथिलावासी को जागरूक होने की जरूरत मां की भाषा को समृद्ध बनाने के लिए आएं आगे : विधायक

Darbhanga News - तीन दिवसीय मिथिला विभूति पर्व समारोह का विधिवत उद्घाटन करते हुए नगर विधायक संजय सरावगी ने मैथिली के बिहार की...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:11 AM IST
Darbhanga News - every mithilasi needs to be aware of maithili to come forward to enrich the mother39s language mla
तीन दिवसीय मिथिला विभूति पर्व समारोह का विधिवत उद्घाटन करते हुए नगर विधायक संजय सरावगी ने मैथिली के बिहार की एकमात्र अष्टम अनुसूची में शामिल होने वाली भाषा की सम्पन्नता का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में मैथिली की पढ़ाई शुरू हो। उन्होंने मैथिली के प्रति हर मिथिलावासी को जागरूक होने की अपील करते हुए मां की भाषा को समृद्ध बनाने के लिए आगे आने की बात कही। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ. देवनारायण झा ने मिथिला और मैथिली के संबंध में अनेक दृष्टांतों का जिक्र करते हुए मैथिली को सबसे पुरानी समृद्ध भाषा और मिथिला को पुरातन क्षेत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड में मैथिली दूसरी राजभाषा के रूप में कायम हो चुकी है लेकिन बिहार में अभी तक इसके लिए पहल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। डॉ. उपेन्द्र झा ने अपने संबोधन में सत्ताधारी दल के विधायकों से अपील की राजनीति से ऊपर उठकर मैथिली को बिहार की पहली राजभाषा बनाने के लिए कमर कसकर आगे आये। खबर लिखे जाने तक अतिथियों के संबोधन का सिलसिला जारी है। इस बीच विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिथिला विभूति सम्मान प्रदान किए गए। यूपीएससी की परीक्षा में मैथिली विषय के साथ सफलता हासिल करने वाले बसहा गामवासी शिवाशीष कुमार, मैथिली साहित्य के लिए फूलचन्द्र झा प्रवीण आदि के नाम शामिल है। आज के समारोह में चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डा.ॅ विजय शंकर प्रसाद को डा.ॅ गणपति मिश्र चिकित्सा सम्मान से नवाजा गया जबकि संस्था के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कावर पथ स्थित वैदेही धर्मशाला के संस्थापक संस्था वैदेही सेवा मंच, कोलकाता को सम्मानित किया गया।

तीन दिवसीय मिथिला विभूति पर्व समारोह में उपस्थित अतिथि।

बढ़ावा देने के लिए राज्य और केंद्र सरकार तत्पर

उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार और केंद्र की सरकार मिथिला के हुनर को निखारने एवं इससे संबंधित लघु उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में तत्पर है। जल्दी ही स्वाबलंबी मिथिला अपनी खोई पहचान को हासिल करेगा। अपने संबोधन में उन्होंने प्राथमिक स्तर पर मैथिली की पढ़ाई शुरू करने के लिए कदम उठाए जाने को समय की मांग बताया। इससे पूर्व संस्थान के महासचिव डाॅ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने अतिथियों का स्वागत किया।

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