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खेताें की मिट्टी बेच देते हैं लाेग, खुदाई से बने गड्ढों में डूबने से हो रही बच्चों की मौत

एक वर्ष पहले
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मौत के कुएं

आज कल कई लोग पैसाें के लालच में खाली खेताें की मिट्टी में बेच देते हैं, जिससे वहां पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाते हैं। इन गड्ढाें में बारिश अाैर बाढ़ के समय में पानी भर जाता है जिसमें डूबकर लाेगाें की माैत हाे जाती है। जिले में अब तक इस तरह की कई घटनाएं हाे चुकी है। गुरुवार काे भी कमतौल थाना क्षेत्र के पिंडारुछ गांव में जेसीबी से मिट्टी की खुदाई से बने 30 फीट के गड्‌ढे ने दो मासूम भाई-बहन की जान ले ली। हसता-खेलता राजेश दंपती की दुनिया उजड़ गई। यह दंपती निसंतान हो गया।

गुरुवार की देर शाम ट्यूशन पढ़कर लौट रहे राजेश कुमार झा के पुत्र सत्यम कुमार झा (9) व पुत्री पायल कुमारी (6) की मौत गड्‌ढे में भरे पानी में डूबने से हो गई थी। सत्यम कुमार व पायल कुमारी के लिए जेसीबी से खोदा गया गड्‌ढा मौत का कुआं साबित हुआ। बताया जाता है कि पिंडारुछ गांव में के ही दिगंबर झा व नीलांबर झा ने बीती वर्ष बाढ़ आने से पहले किसी जेसीबी वाले के हाथों अपनी दस कट्‌ठा जमीन की मिट्टी बेच दी थी। मिट्टी काटे जाने से यह खेत बड़ा गड्ढा बन गया। इसमें पानी भर जाने से गुरुवार को हादसा हुआ। सीओ अजित झा ने बताया कि पीड़ित को सरकारी मदद दी जाएगी।

जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी : डीएम

डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि माइनिंग विभाग की ओर से जमीन खुदाई के लिए कानून बनाए गए हैं। उल्लंघन पर कार्रवाई होगी। केवटी में दो बच्चे गड्ढे डूबकर हुई मौत पर डीएम डॉ. त्यागराजन एस एम ने कहा कि मामले की जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।

दिसंबर 2019 में भी तीन बच्चों की हो गई थी मौत

7 दिसंबर 2019 को दरभंगा सदर थाने के भालपट्‌टी ओपी के फतलुहा गांव में जेसीबी से बने गड्‌ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई थी। मृतकाें में महीउल्लाह के बेटे मो. एनायत, महीयम अंजुम व उसकी भगिनी अफीका फातिमा शामिल थी।

पिंडारुछ में इसी गड्ढे में डूबने से हो गई 9 साल के सत्यम और 6 साल की पायल की मौत

पहले मुख्य सड़क से आते-जाते थे भाई-बहन | एक साथ बेटे व बेटी की मौत से मां निक्की देवी की चीत्कार से हर कोई गमगीन हो गया। बउअा रे बउअा आब जीवन भर हमरा के कहतई मम्मी और हम केकरा कहबई बउअा कहकर वह बेहोश हो जाती थी। सत्यम और पायल प्रतिदिन गांव की मुख्य सड़क से होकर जाते थे। गुरुवार की शाम दोनों ट्यूशन पढ़कर गड्ढे के पास के रास्ता होकर आ रहे थे। पैर फिसल जाने से दोनों गड्ढे में चले गए।



लाेग खुद खुदवाते हैं
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