आरटीआई का दुरुपयोग ज्यादा हाेता है, इस मामले में समाज को और जागरूक करने की जरूरत : वीसी

Darbhanga News - एलएनएमयू वाणिज्य विभाग के सभागार में सूचना का अधिकार विषयक कार्यशाला में शुक्रवार को वीसी प्रो. एसके सिंह ने कहा...

Feb 15, 2020, 07:26 AM IST
Darbhanga News - misuse of rti is more in this case society needs to be made more aware vc

एलएनएमयू वाणिज्य विभाग के सभागार में सूचना का अधिकार विषयक कार्यशाला में शुक्रवार को वीसी प्रो. एसके सिंह ने कहा कि विवि में लोक सूचना पदाधिकारी का कार्यकाल स्वर्णिम रहा है। इनके प्रयास से विवि को प्रथम अवार्ड मिला है। इससे विवि को गौरवान्वित होने का मौका भी मिला है। जो सूचना कॉमन है और जनहित से जुड़ी हुई है, जिससे किसी की स्वतंत्रता का हनन न हो, तो उसे वेबसाइट पर पब्लिक डोमेन में डाल दें। जिससे आपका भी समय बचे और प्रश्न पूछने वाले का भी। उन्होंने कहा कि आरटीआई के अच्छे और बुरे दोनों पहलू हैं। अगर ठीक ढंग से व सही नियत से इस पर प्रश्न किया जाय तो वह कारगर भी होगा। इसकी अच्छाइयां भी दिखेंगी। अगर खराब नियत से प्रश्न पूछा गया होगा तो इसका फायदा कम व परेशानियां ज्यादा दिखती है। आज आरटीआई का उपयोग से ज्यादा दुरुपयोग होता है। इस मामले में समाज को और जागरूक करने व होने की जरूरत है। जिसमें यह पुस्तक में पूरी संपूर्णता समाहित है।

आरटीआई का मूल उद्देश्य है समाज में पारदर्शिता, सुगमता और ई-गवर्नेंस लाना : प्राे. नीरज

आरटीआई मामले में 123 देशों की रैंकिंग में भारत का दूसरा स्थान : प्रो. नवीन कुमार अग्रवाल

प्रारंभ में विषय प्रवेश कराते हुए विवि के लोक सूचना पदाधिकारी प्रो. नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा कि कुलपति के निर्देशन में विवि काफी काम किया है। साल 2018 में आरटीआई मामले में 123 देशों की रैंकिंग में भारत का दूसरा स्थान है। भारत में बिहार का पहला स्थान है। देश में विवि के क्षेत्र में अपने विवि को आरटीआई में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रथम अवार्ड मिला है। सभी मामलों का समय निष्पादन यहां हो जाता है। प्रधानाचार्य प्रो. विजय कुमार मिश्रा ने मौके पर प्रो. एनके अग्रवाल, प्रो. नीरज कुमार व मनीष कुमार शेखर लिखित व विमोचित पुस्तक कॉम्पेंडियम ऑफ आरटीआई केसेज पर विस्तृत प्रकाश डाला। संचालन प्रो. अशोक कुमार मेहताव धन्यवाद ज्ञापन वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. हरेकृष्ण सिंह ने किया।

वास्तविक जरूरतों पर ही प्रश्न पूछना
उपयोगी : प्रो. जय गोपाल


प्रोवीसी प्रो. जय गोपाल ने कहा कि आज आरटीआई का उपयोग से ज्यादा दुरुपयोग भी हो रहा है। वास्तविक जरूरतों पर ही प्रश्न पूछने पर उन्होंने जोर डाला। आगे उन्होंने एक वाकया का अनुभव शेयर करते हुए कहा कि आरटीआई से मांगी गई सूचना आज न्यायालय में भी ज्यादा प्रभावी है। आरटीआई प्रदत्त सूचना को न्यायालय सबूत मांगती है। अगर वह है तो कई मामलों में गवाह की भी जरूरत नहीं पड़ती है। जिसके वे प्रत्यक्षदर्शी हैं। इसीलिए आरटीआई का प्रयोग सही ढंग व नियत से होना चाहिए। मौजूदा दौर में जब कोई पीआईओ का पद लेना नहीं चाहता है। उसमें प्रो. अग्रवाल ने अच्छा काम किया है।

डीएम से सीएम ऑफिस तक से फाइल की कर सकते हैं मांग : मनीष कुमार शेखर

आरटीआई इंस्टीच्युट ऑफ इंडिया के मनीष कुमार शेखर ने कहा कि इस एक्ट की बारीकियों से
समझें और छात्रों को बताएं। जिससे समाज में इसे लोग सही तरीके से समझ सकें। आज डीएम से लेकर सीएम ऑफिस तक से आप फाइल की मांग कर सकते हैं। सरकारी कामों व फाइलों
का निरीक्षण कर सकते हैं। शिक्षक समाज में
अहम भूमिका निभा सकते हैं। आपको आगे आना होगा, आपके आगे आने से समाज में सशक्तिकरण आएगी।

अब कोई भी जानकारी ई-फाॅर्मेट में भी करा सकते उपलब्ध : प्रो. नीरज कुमार

भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के ए ग्रेड सर्टिफाइड ट्रेनर सह लखनऊ विवि के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. नीरज कुमार ने कहा कि सबसे पहले आपको आपके कार्य क्षेत्र की जानकारी होनी चाहिए। उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में अब कोई भी जानकारी ई-फार्मेट में भी मुहैया कराया जा सकता है। जिससे कि समय व पैसों दोनों की बचत हो। सभी लोक सूचना पदाधिकारी को चाहिए कि वे अपना मोहर बनाएं और आवेदनकर्ता को मोहर के साथ सर्टिफाइड कॉपी दें। अगर किसी आवेदक के आवेदन की कॉपी मांगे तो उसकी तस्वीर छिपाकर सारी जानकारी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि आरटीआई का मूल उद्देश्य ही समाज में पारदर्शिता, सुगमता और ई-गवर्नेंस लाना है।

एलएनएमयू में सेमिनार के दौरान पुस्तक का विमोचन करते वीसी एवं अन्य।

X
Darbhanga News - misuse of rti is more in this case society needs to be made more aware vc
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना