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- Darbhanga News Private Agencies Are Responsible For The Implementation Of Schemes Despite The Late
योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसियों की, बावजूद लेटलतीफी
रेलवे की ओर से दरभंगा जंक्शन पर चल रही कई महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्य का जिम्मा निजी संचालकों के हाथ में दिए जाने के बावजूद कई ऐसी योजनाएं हैं जो अपने निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी अधेड़ में ही लटकी हुई है। जंक्शन पर महिलाओं और दिव्यांगों को अन्य प्लेटफार्म पर जाने में समस्या का सामना ना करना पड़े इसके लिए प्लेटफार्म नंबर एक, दो, चार एवं पांच पर स्वचालित सीढ़ियां लगाने का कार्य प्रारंभ किया गया। लेकिन तकरीबन एक साल से ऊपर का समय बीत जाने के बाद भी लिफ्ट व स्वचालित सीढ़ीयों का कार्य पूरा कर नहीं दिया गया। एक से दो महीने बीतने के बाद हर बार नई तारीखों का आश्वासन संवेदकों की ओर से दिया जाता है। दरअसल पहले चरण में प्लेटफार्म संख्या एक पर बीते वर्ष दिसंबर तक ही सीढ़ी को परिचालित कर संबधित ठेकेदार को रेलवे को सौंपना था। प्लेटफार्म संख्या दो पर प्लेटफार्म की चौड़ाई कम होने के कारण वहां एक ही स्वचालित सीढ़ियां लगाई जाएगी।
पूर्णतः तैयार नहीं पार्सल भवन
अधूरा पड़ा स्वचालित सीढ़ियों का कार्य।
वहीं दरभंगा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर संचालित पार्सल भवन एवं आरएमएस को नए भवन में शिफ्ट करना था लेकिन नए भवन को अभी तक पूर्णतः तैयार नहीं किया गया। जिस कारण फिलहाल प्लेटफार्म संख्या एक पर ही पार्सल का सामान रखा रहता है। समस्तीपुर रेल मंडल में सबसे ज्यादा पार्सल दरभंगा से आते एवं भेजे जाते हैं। तत्कालीन डीआरएम आरके जैन ने पार्सल एवं आरएमएस को प्लेटफार्म-1 से हटा कर बाहरी परिसर में जीआरपी क्वार्टर के पास ले जाने का निर्णय लिया था। निर्माण किए जा रहे भवन की लागत लगभग डेढ़ करोड़ है।
कई बार डीआरएम लगा चुके हैं फटकार
मंडल के डीआरएम अशोक महेश्वरी अपने हाल के ही दरभंगा जंक्शन के निरीक्षण के दौरान इन कार्यों को पूरा होते नहीं देख संबंधित अधिकारी समेत संवेदकों को भी फटकार लगा चुके हैं साथ ही कार्य को जल्द से पूरा करने का निर्देश दे चुके हैं।