जविप्र के लिए सेल्फ हेल्प ग्रुप को मिलेगी प्राथमिकता
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जनवितरण प्रणाली की दुकानों के आवंटन में अनुकंपा मामलों को छोड़कर प्रथम प्राथमिकता स्वयं सहायता समूहों को दी जाएगी। इसके
बाद महिला सहयोग समितियां, पूर्व सैनिकों की सहयोग समितियां, शिक्षित बेरोजगार तथा संबंधित पंचायत अथवा वार्ड के निवासी को प्राथमिकता दी जाएगी। ये बातें डीएम डॉ. त्यागराजन एस एम कहीं। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों की
रिक्तियों को भरने में आरक्षण रोस्टर का भी अनुपालन किया जाएगा। उचित मूल्य की दुकानों की रिक्तियों में अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 1 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग को 18 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग को 12 प्रतिशत एवं पिछड़े वर्ग की महिलाओं को 3 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। अनुसूचित जनजाति का सुयोग्य उम्मीदवार नहीं मिलने पर इसे अनुसूचित जाति के उम्मीदवार से भरा जाएगा। दुकान की अनुज्ञप्ति के लिए आवेदक को मैट्रिक पास एवं व्यस्क होना चाहिए। कम्प्यूटर का ज्ञान रखने वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला चयन समिति की ओर से चयन सूची पर निर्णय के बाद दावा व आपत्ति लिया जाएगा। दावा व आपत्ति करने की अंतिम तिथि 24 मार्च निर्धारित की गई है।