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ट्रामा सेंटर हैंडओवर नहीं करने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है
डीएमसीएच में ट्रामा सेंटर बनकर तैयार हुए 6 माह से अधिक समय हो गए है। लेकिन इसका लाभ गंभीर मरीजों को नहीं मिल रहा है। इसके कारण सड़क व अन्य दुर्घटनाग्रस्त गंभीर मरीजों को पटना रेफर करना पड़ रहा है। वैसे सड़क दुर्घटना में पैर व हाथ टूटे व जख्मी मामूली मरीजों को डीएमसीएच में इलाज की व्यवस्था है। लेकिन जो भी मरीज अधिक चोटिल हो जाते है, खासकर सर में चोट लगे मरीजों के लिए ट्रामा सेंटर चालू नहीं की गई है। इसके कारण वैसे मरीजों को रेफर पटना कर दिया जाता है। डॉक्टरों की माने तो दुर्घटना में अधिक जख्मी गंभीर प्रतिदिन 4 से 5 मरीजों को पटना एम्स या पीएमसीएच और आईजीएमएस रेफर किया जा रहा है। कुल मिला कर कहे तो एक माह में करीब 100 से 150 दुर्घटनाग्रस्त गंभीर मरीजों को रेफर पटना किया जाता है।
आधुनिक सुविधा से लैस ऑपरेशन थियेटर बनाया गया | ज्ञात हो कि डीएमसीएच अधीक्षक कार्यालय परिसर में ट्रामा सेंटर पूरी तरह से बन कर तैयार किया गया है। लेकिन अस्पताल प्रशासन को अभी तक भवन को हैंडओवर नहीं किए जाने से इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। यह भवन पूरी तरह से आधुनिक सुविधा से लैस किया गया है। इसमें एक ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है। जहां दुर्घटना में गंभीर मरीज को भर्ती किया जाएगा। पहले ऐसे मरीजाें को पटना जाना पड़ता था। मरीजों को भर्ती रखने के लिए दो बेड रूम भी बनाया गया है। अलग-अलग महिला व पुरुष मरीजों के लिए शौचालय बनाया गया है। पीने के पानी की उचित व्यवस्था के साथ यहां 24 घंटे बिजली की व्यवस्था भी की गई है। ताकि लाइट कटने पर गंभीर मरीजों को ऑपरेशन करने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो सके।
दो विश्रामालय बन कर तैयार, नहीं हुआ हैंडओवर | मेडिसीन वार्ड में परिसर में पांच सालों से दो विश्रामालय बन कर तैयार है। लेकिन अभी तक इसके हैंड ओवर नहीं किया गया है। इसका निर्माण नगर निगम की ओर से किया गया है। यह विश्रामालय जी प्लस टू फ्लोर का बनाया गया है।
पीठ में काफी चोट था, पटना किया गया रेफर
सिंघवाड़ा भरवाड़ा के अनिल शर्मा ने बताया कि मेरा बेटा सोनू शर्मा 10 मार्च को होली के शाम में साइकिल से गिर गया था। इसको पीठ में काफी चोट है। पैर से चल और खड़ा भी नहीं हो सकता है। बैठने में भी परेशानी हो रही है। दो दिनों से इलाज चल रहा था। शुक्रवार को डॉक्टर ने पटना रेफर कर दिया है। डॉक्टर ने बोला की यहां इसके इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है।
डीएमसीएच में बनकर तैयार ट्रामा सेंटर।
ट्रामा सेंटर हैंड ओवर होते ही मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा : डॉ. एचएन झा
डीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. एचएन झा ने कहा कि ट्रामा सेंटर को अभी तक हैंड ओवर नहीं किया गया है। इसके कारण इसे चालू अभी तक नहीं किया गया है। जैसे ही हैंड ओवर कर दिया जाएगा, तो इसमें गंभीर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो विश्रामालय बन कर तैयार है। इसे निगम की ओर से भी हैंड ओवर नहीं किया गया है। मरीजों को पैथोलॉजिकल जांच के लिए धोबी घाट जाना पड़ता है। इसमें काफी परेशानी होती है। अगर निगम दोनों विश्रामालय को हैंड ओवर कर देता है। जांच शुरू कर दिया जाएगा।
पटना एम्स या पीएमसीएच और आईजीएमएस रेफर किया जाता है