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क्लीनिकल डिस्कशन में वंडर एप की जानकारी दी

एक वर्ष पहले
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रेफरल अस्पताल स्थित प्रभारी कक्ष में शुक्रवार को एमओआईसी डॉ गंगेश झा की अध्यक्षता एवं आरआई के नोडल अधिकारी डॉ सुरेश ठाकुर की उपस्थिति में प्रसव कक्ष एवं अस्पताल में कार्य करने वाले सभी ए ग्रेड एवं एएनएम की एक बैठक हुई। मौके पर एमओआईसी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिशु मृत्यु दर को रोकने, मातृ मृत्यु दर को रोकने तथा प्रजनन दर पर नियंत्रण करने की कवायद जारी है। इसी के लिए सरकार द्वारा वंडर एप को उपयोग में लाया जा रहा है। इसमें अपने क्षेत्र के आशा के सहयोग से गर्भवती महिलाओं का नाम, पति अथवा पिता का नाम, मोबाइल नंबर, गांव का नाम, स्वास्थ्य उपकेंद्र का नाम, आशा का नाम एवं कोड, उक्त क्षेत्र के एएनएम का मोबाइल नंबर एवं अलर्ट का कारण एवं तिथि भरना है। इसके बाद उसके फॉलोअप की स्थिति, डियू डेट एवं वास्तविक डेट लिखना है। नोडल अधिकारी ने बताया कि उक्त कार्ड में जटिलता की स्थिति के साथ-साथ संभावित प्रसव की तिथि भी भरना है। उन्होंने बताया कि इसके लिए दो तरह का कार्ड है। खतरे की संभावना वाली गर्भवती महिलाओं के लिए पीला तथा खतरनाक महिलाओं को लाल कार्ड देना है। इस मौके पर अस्पताल प्रबंधक जमशेद आलम, स्वास्थ्य प्रबंधक, कुमुद रंजन कुमार, युनिसेफ के बीएमसी मुस्तफा हसनैन, केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक कुणाल कुमार एवं अंजनी कुमार झा शामिल थे।

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