• Hindi News
  • Bihar
  • Gaya
  • Gaya News 50 thousand population trust god there is no vaccination of children in healthcare centers

50 हजार की आबादी भगवान भरोसे, स्वास्थ्य सेवा केंद्र में बच्चों का नहीं होता है टीकाकरण

Gaya News - शहर के चार वार्डों (1, 2, 3 व 27) के करीब 50 हजार जनसंख्या को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए स्थापित डेल्हा शहरी स्वास्थ्य...

Jan 16, 2020, 07:25 AM IST
Gaya News - 50 thousand population trust god there is no vaccination of children in healthcare centers
शहर के चार वार्डों (1, 2, 3 व 27) के करीब 50 हजार जनसंख्या को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए स्थापित डेल्हा शहरी स्वास्थ्य केंद्र बदहाल है। डेल्हा के स्लम एरिया में स्थापित स्वास्थ्य केंद्र पर यहां के लोगों को भी फायदा नहीं मिल रहा है। केंद्र पर विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण बच्चों का टीकाकरण नहीं होता है। टीकाकरण पिछले साल अक्टूबर से बंद है। एक साल से केंद्र पर प्रतिनियुक्त आयुष डॉक्टर के भरोसे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। काफी संकीर्ण गली में होने के कारण यहां पहुंचना आसान नहीं है। क्योंकि केंद्र तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क पर लगाया गया साइन बोर्ड गायब है। वहीं स्वास्थ्य केंद्र पर इसके खुलने व बंद होने, डॉक्टर के आने जाने, दवाओं की स्थित, विभाग के संपर्क नम्बर व अन्य आवश्यक उपलब्ध सेवाओं की कोई जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई है। क्षेत्र में वैध व अवैध रूप से प्रैक्टिस करने वालों पर स्वास्थ्य सेवा निर्भर है। आलम यह है कि क्षेत्र में इसकी भरमार है व काफी संख्या में उनके पास मरीज जुटते हैं। स्वास्थ्य केंद्र की बेहतरी के लिए मासिक बैठक के बारे में केंद्र प्रभारी ने बताया कि यहां कोई आशा नहीं होने के कारण महिला आरोग्य समिति का गठन नहीं होने से बैठक नहीं होती है।

हाल डेल्हा शहरी पीएचसी का

व्यवस्था बेहतर नहीं होने से मरीजों की संख्या हुई आधी

क्षेत्र में वैध व अवैध रूप से प्रैक्टिस करने वालों पर निर्भर है स्वास्थ्य सेवा, लोगों की बढ़ी परेशानी

करीब एक बजे तक बंद डॉक्टर रूम।

एकमात्र प्रतिनियुक्त आयुष डॉक्टर भी समय से नहीं आते

जीएनएम, फॉर्मासिस्ट व लैब टेक्नीशियन नहीं | डेल्हा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक आयुष डॉक्टर, एक-एक जीएनएम, डाटा ऑपरेटर, चतुर्थवर्गीय कर्मी, नाइट गार्ड कार्यरत हैं। कर्मियों पर वेतन के अलावे स्वास्थ्य केंद्र निजी भवन में संचालित होने के कारण किराया के रूप में अच्छी रकम भी सरकार खर्च कर रही है। पिछले साल सितम्बर से फॉर्मासिस्ट गायब हैं, वहीं अक्टूबर से एक जीएनएम ने त्यागपत्र दे दिया है। लैब उपकरण होते हुए भी टेक्नीशियन नहीं होने के कारण मरीजों का बीमारी से संबंधित आधारभूत जांच भी नहीं हो पाती।

मरीजों की संख्या हुई आधी, डॉक्टर भी समय से नहीं

केंद्र को 11 बजे सुबह में खोला जाता है। लेकिन स्थानीय लोग बताते हैं कि डॉक्टर की डयूटी करीब एक बजे बजती है। डॉक्टर की छुट्टी में चले जाने से शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज नहीं होता है। बुधवार को डॉक्टर करीब एक बजे पहुंचे। अस्पताल में शुरुआत के दिनों में औसतन मरीजों की संख्या प्रतिमाह 9 सौ के करीब होती थी। लेकिन वर्तमान में ये आंकड़ा 500 से नीचे चला गया है। मरीजों के कम होने का कारण स्वास्थ्य सेवा में आई गिरावट है।

डेल्हा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।

टीकाकरण नहीं होने की जानकारी जिला मुख्यालय को दी गई है: केंद्र प्रभारी


संकीर्ण गली में मौजूद केंद्र तक पहुंचना आसान नहीं

Gaya News - 50 thousand population trust god there is no vaccination of children in healthcare centers
X
Gaya News - 50 thousand population trust god there is no vaccination of children in healthcare centers
Gaya News - 50 thousand population trust god there is no vaccination of children in healthcare centers
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना