कैंसर स्क्रीनिंग सह जागरुकता शिविर में 58 महिला पुलिसकर्मियों की हुई जांच
विश्व महिला दिवस पर मगध ऑब्स एंड गायनी सोसाइटी (मॉग्स) की ओर से रेडक्रॉस भवन में महिला पुलिस व पुलिस बल की महिला परिवार के लिए स्क्रीनिंग कैंप सह जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कैंप में ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसपी राजीव मिश्रा ने कहा कि माॅग्स की ओर से महिला पुलिस और पुलिस की परिवार के लिए कैंप का आयोजन एक अच्छी पहल है। पुलिस के जवान पूरे साल ड्यूटी पर तैनात रहते हैं जिसके कारण वे अपने परिवार को समय नहीं दे पाते। ऐसे में यदि उनकी परिवार को किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है तो उसे अच्छे चिकित्सक तक पहुंचाने में भी समय लग जाता है। मोग्स के अध्यक्ष डॉ. रामाधार तिवारी ने ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर के कारण, लक्षण, बचाव और हो जाने पर इसके निदान की पूरी जानकारी दी। पावर प्वाईंट के माध्यम से लोगों को यह बताया कि यदि ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर का अर्ली स्टेज में पता चल जाता है तो 90 फीसदी मरीज की जान बचाई जा सकती है। कैंप का उद्घाटन एसएसपी राजीव मिश्रा, सीआरपीएफ 159 वीं बटालियन के कमांडेंट निशित कुमार, कोबरा बटालियन के कमांडेंट दिलीप कुमार श्रीवास्तव, सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट बी के सिंह, डॉ. यू एन भदानी, डॉ. विजय जैन, डॉ. रामाधार तिवारी और डॉ. पुनम सहाय ने दीप जलाकर किया।
कॉलेज की छात्राओं ने भी किया सहयोग
स्क्रीनिंग कैंप में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल की पी जी स्टूडेंट ने भी सहयोग किया। डॉ. पूजा प्रधान ने आगत अतिथियों को स्वागत किया वहीं डॉ. पुनम सहाय ने भविष्य में फॉलोअप कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम में मंच संचालन की जिम्मेवारी डॉ. डी के सहाय ने निभाई।
59 की हुई जांच, 5 सैंपल जांच के लिए भेजे गए
कैंप में कुल 59 महिलाओं की जांच की गई जिनमें से 5 महिलाओं को सैंपल लेकर उसे जांच के लिए भेजा गया है। जांच में शहर की इन गायनोकोलॉजिस्ट ने योगदान किया-डॉ. रेणु सिंह, डॉ. सुनीता शर्मा, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. पुनम डॉ. प्रमिला, डॉ. एस बरनवाल, डॉ. मधुबाला, डॉ. मेघा सिंह, डॉ. रोहिणी, डॉ. महेरा इमाम, डॉ. तेजस्वी नंदन, डॉ. अफशां, डॉ. स्वर्णलता।
एचपीवी वायरस से होता है कैंसर
मोग्स की सचिव डॉ. पुनम सहाय ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर एचपीवी वायरस के संक्रमण के कारण होता है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन भी आ गया है जिसे किशोरावस्था में ही लेना पड़ता है। डॉ. सहाय ने बताया कि वैक्सीन रेडक्रॉस भवन में प्रत्येक गुरुवार को दिया जाता है।
2030 तक सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने का लक्ष्य
डॉ. तिवारी ने बताया कि एफआईजीओ और डब्लूएचओ ने वर्ष 2030 तक विश्व से सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने का संकल्प लिया है। वैश्विक स्तर पर यह जानलेवा बीमारी बन गई है और कैंसर से होने वाली मृत्यु दर सबसे अधिक है। विकासशील देशों में विकसित देशों की अपेक्षा कैंसर स्क्रीनिंग काफी कम हो रही है। कैंसर के कारण 9 महिलाओं में से 1 महिला की मृत्यु हो रही है।
ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के कारण, लक्षण और बचाव की दी गई जानकारी