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नर्सरी से 92 वर्ष के सुरेंद्रनाथ कर रहे करोड़ों का कारोबार

बोधगया के सुरेंद्रनाथ सिंह ने हरियाली प्रेम के कारण 12 साल पहले नर्सरी की शुरूआत शौकिया तौर पर की थी। ताकि वे...

Danik Bhaskar

Sep 13, 2018, 03:25 AM IST
बोधगया के सुरेंद्रनाथ सिंह ने हरियाली प्रेम के कारण 12 साल पहले नर्सरी की शुरूआत शौकिया तौर पर की थी। ताकि वे रिटायरमेंट के बाद अपने को इंगेज रख सकें। सुरेन्द्र बाबू का शौक और उन्हें पौधों के बारे में विशिष्ट जानकारी के कारण उनका नर्सरी आज बिहार-झारखंड ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल तक में चर्चित हो गया है। दूसरे राज्यों के इस व्यवसाय से जुड़े लोग यहां आकर कुछ सीखना-समझना चाहते हैं। बोधगया दोमुहान पर डेल्टा ग्रीन एंड ग्रीन नर्सरी करीब एक एकड़ से ज्यादा में फैला है। इस परिसर में दो पॉलीहाउस बना है। यहां एक हजार से ज्यादा प्रजाति के फल, फूल, औषधीय और व्यवसायिक पौधे उपलब्ध हैं। 92 वर्षीय सुरेंद्रनाथ सिंह बताते हैं कि हाल के कुछ वर्षों से बोधगया के मॉनेस्ट्री, ओटीए सहित नए बनने वाले बड़े घरों के अलावा राज्य एवं दूसरे राज्यों के शहर से लोगों का डिमांड बढ़ा है। सालाना एक करोड़ के करीब व्यवसाय होता है। हालांकि इसमें 40 फीसदी से अधिक खर्च भी है। मेटेरियल के साथ-साथ रख रखाव, दवा, खाद और माली-मजदूर पर भी अच्छा खासा खर्च होता है।

विदेशी फल-फूल सहित एक हजार से अधिक प्रजाति के उगा रहे पौधे, एग्रोनोमिस्ट साइंटिस्ट से 1992 में किया था रिटायर

दुर्लभ पौधे का है कलेक्शन

डेल्टा ग्रीन एंड ग्रीन नर्सरी में कई तरह के दुर्लभ फल, फूल, औषधीय और शो प्लांट के पौधे उपलब्ध है। ऐसे पौधे आम तौर पर सामान्य नर्सरी में नहीं मिलते। पॉम के यहां 50 से अधिक प्रजाति उपलब्ध। ट्रेवलर पाम, एरिक पाम, फिश फिन पाम, शॉ पेन पाम, पियूदिया पाम और गोल्डन पॉम आम तौर पर सभी जगह नहीं मिलते।

विदेशी पौधे भी उपलब्ध

बोधगया में विदेशी बौद्ध मठों और विभिन्न देशों के लोगों की आवाजाही को देखते हुए विदेशी फल-फूल और शो प्लांट के पौधे भी इस नर्सरी में मौजूद हैं। इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान, रंगून और श्रीलंका सहित करीब एक दर्जन देशों के पौधे यहां उपलब्ध हैं। इन देशों से बीज अथवा छोटे पौधे मंगाकर उगाए जाते हैं। इसी से आगे बढ़ाया जाता है।

नर्सरी है मेरे अधिक जीवन का राज: सुरेन्द्र


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