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बिजनेस मैनेजमेंट के बाद कर रही मशरूम की खेती, कमा रही हैं 10 से 15 हजार

रानी के पिता जन्मेजय कुमार के अनुसार वह गया कॉलेज से 2013 में बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट कर चुकी है। पढ़ाई के दौरान ही कृषि विज्ञान केंद्र मानपुर की डॉ. निधि सिन्हा के संपर्क में आकर मशरूम की खेती की जानकारी ली।

नारायण मिश्रा | Last Modified - Feb 02, 2016, 02:01 AM IST

  • गया.जिले में महिलाओं के लिए घर के काम के साथ-साथ आमदनी का एक अच्छा स्रोत बन रही है मशरूम की खेती। इस साल जिले में सैकड़ों महिलाएं प्रति माह 10 से 15 हजार रुपए तक आमदनी कर रही हैं। इन महिलाओं का नेतृत्व कर रही हैं नूतन नगर में रहने वाली 20 साल की रानी ज्योत्सना।

    घर के एक रूम में शुरू की खेती
    रानी के पिता जन्मेजय कुमार के अनुसार वह गया कॉलेज से 2013 में बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट कर चुकी है। पढ़ाई के दौरान ही कृषि विज्ञान केंद्र मानपुर की डॉ. निधि सिन्हा के संपर्क में आकर मशरूम की खेती की जानकारी ली। घर के एक रूम में मशरूम की खेती शुरू की और अपनी पढ़ाई का खर्च भी खुद उठाने लगी। बाद में रानी ने अन्य महिलाओं को भी ट्रेनिंग दी और आज उससे ट्रेनिंग लेकर दर्जनों महिलाएं स्वावलंबी बन रही हैं।
    ऐसे होती है बटन मशरूम की खेती
    - बटन मशरूम की खेती आम तौर पर सर्दी के मौसम में ही की जा सकती है।
    - इसके लिए 20 डिग्री अधिकतम तापमान की आवश्यकता होती है।
    - आयस्टर मशरूम को 30 डिग्री तापमान में भी उगाया जा सकता है।
    - मशरूम की खेती आम महिलाएं रोज दो घंटे काम करके भी कर सकती हैं।
    - इसके लिए यह आवश्यक है कि किट आप वैसे कमरे में रखें जहां सूर्य की रोशनी सीधी नहीं जाती हो।
    आगे की स्लाइड में पढ़े क्या कहते हैं पदाधिकारी...
  • जिले के 17 प्रखंडों में हो रही खेती, आगे और बढ़ाया जाएगा
    जिला उद्यान पदाधिकारी राजेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि जिले में मशरूम की खेती की तरफ आम महिलाएं अग्रसर होकर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। अभी जिले के 17 प्रखंडों में इसे किया जा रहा है और आने वाले वर्षों में सभी प्रखंडों में इसे बढ़ाया जाएगा।
    कृषि समन्वयक राजीव प्रसाद ने बताया कि प्रखंड की महिलाएं मशरूम की खेती कर रही हैं और इनके मशरूम को व्यापारी इनके घर में आकर खरीद लेते हैं। विभाग की ओर से इन्हें प्रशिक्षित करने के बाद मुफ्त किट दिया गया है और समय-समय पर कृषि पदाधिकारी व वैज्ञानिक इसका निरीक्षण भी करते हैं।

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  • कृषि विभाग ने मुफ्त में दिया मशरूम का किट
    रानी के अलावा जिले के 17 प्रखंडों में महिलाएं समूह बनाकर बटन मशरूम की खेती कर रही हैं। इन सभी महिलाओं को जिला कृषि विभाग के सहयोग से मुफ्त किट उपलब्ध कराया जा रहा है। शहर में भी चार समूह में महिलाएं मशरूम उगा रही हैं और हर समूह में 20 महिलाएं शामिल हैं।
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Web Title: Cultivation Mushroom After Business Management
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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