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कोरोना के मरीज की सूचना मिलते ही प्रशासनव स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट, दौड़ पड़ी एंबुलेंस
जेपीएन सदर अस्पताल में लगभग 1 बजे एक ऐसा मरीज पहुंचता है जिसे सर्दी-जुकाम व खांसी की समस्या है। मरीज से मौजूद डॉक्टर ने जब बात की तो पता चला कि मरीज हाल ही में विदेश से लौटा है। मरीज से पूछताछ के दौरान डॉक्टर को यह अंदेशा हुआ कि मरीज को कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है। तत्काल मरीज को मास्क पहनाया गया है और सदर अस्पताल में मौजूद एंबुलेंस कर्मी को तैयार रहने की सूचना दी गई। डॉक्टर ने मरीज का रेफर पेपर बनाया और पर्सनल प्रोटेक्शन किट से लैस एंबुलेंस कर्मी मरीज को अपने एंबुलेंस में बैठाकर रवाना हो गए। एएनएमएमसीएच में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में सीधे मरीज को पहुंचाया जाता है जहां प्रोटेक्शन किट से लैस स्वास्थ्य कर्मी मरीज को आइसोलेशन वार्ड में लेकर चले जाते हैं। वहां पहुंचने के बाद इस बात का ख्याल रखा जाता है कि संदिग्ध मरीज को किसी अन्य मरीज अथवा बिना प्रोटेक्शन के किसी कर्मी से संपर्क ना हो। मरीज को आइसोलेशन वार्ड में पहुंचाने के बाद एंबुलेंस को सेनेटाइज किया गया और प्रोटेक्शन किट के साथ मास्क आदि को विशेष बैग में रखकर उसे नियत स्थान पर जमा किया गया।
पासपोर्ट की करें जांच
कहा कि समय-समय पर हैंड वॉश अनिवार्य रूप से करते रहें। उन्होंने सभी विदेशी यात्रियों का पासपोर्ट अनिवार्य रूप से जांच करने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का उपचार सिर्फ सरकारी अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में ही उपलब्ध है तथा किसी भी व्यक्ति को पैनिक होने की जरूरत नहीं है, परंतु सतर्कता अनिवार्य रूप से बरतें।
स्वस्थ को मास्क की नहीं जरूरत
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को खांसी, जुकाम या बुखार है, तो उसे मास्क पहनाए, जो व्यक्ति स्वस्थ हैं उन्हें मास्क पहनना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति विदेशी यात्रियों के साथ सीधे संचार संबंध (डायरेक्टली कम्युनिकेशन टच) में हैं, उन्हें मास्क की जरूरत है।
ट्राॅमा सेंटर भवन को दो दिन में करें तैयार, रखे जाएंगे पॉजीटिव मरीज
आईसोलेशन वार्ड के निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने पूछा कि यदि किसी संदिग्ध मरीज की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आता है तो उसके लिए क्या व्यवस्था है। किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं होने की बात पर कमिश्नर ने तत्काल ऐसे कक्ष को चिन्हित करने की बात कही। पदाधिकारियों ने बताया कि परिसर में ट्रॉमा सेंटर का भवन तैयार है जो अलग-थलग है। कमिश्नर ने ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर दो दिन में इसे आईसीयू की तरह तैयार करने का निर्देश दिया ताकि पॉजीटिव मरीज को यहां रखा जा सके।
मरीज के संपर्क में आने वाले जगह को करें सेनेटाइज
कमिश्नर ने अस्पताल प्रशासन को यह निर्देश दिया कि जैसे ही संदिग्ध मरीज को आइसोलेशन वार्ड में ले जाया जाता है उसके पीछे हर उस वस्तु को सेनेटाइज किया जाए जिसे मरीज ने छुआ है अथवा छू सकता है। संदिग्ध मरीज के पीछे ही सेनेटाइज करने के लिए कर्मी की तैनाती करने की बात कमिश्नर ने कही। े कमिश्नर व डीएम ने आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान कमिश्नर ने आइसोलेशन वार्ड के पास मौजूद गार्ड व मरीज के परिजनों को देखकर नाराजगी जताई।
कोरोना वायरस से न हों पैनिक, हैंड शेक न करें
भास्कर न्यूज| बोधगया
अपने-अपने मॉनेस्ट्री और होटलों में किसी व्यक्ति का बॉडी टेंपरेचर बिना छुए हुए मापने की मशीन लेजर थर्मामीटर को खरीद लें, ताकि जो विदेशी (टूरिस्ट) पर्यटक आते हैं उनकी जांच की जा सके। बीटीएमसी सभागार में नोवल कोरोना वायरस से उत्पन्न संक्रमण रोग के प्रसार की रोकथाम व बचाव हेतु डीएम अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में सभी मोनेस्ट्री, होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल एजेंसी के साथ बैठक में उक्त निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी को निर्देश दिया कि यदि ऐसा कोई संदिग्ध मरीज मिलता है तो तुरंत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी), जिनका दूरभाष संख्या 9470003265 है, को सूचना दें। घर पर अगर विदेशी ठहरते हैं, इसकी सूचना बोधगया थाना व मोनास्ट्री में ठहरनेवाले की सूचना बीटीएमसी को भी देने को कहा गया।
डीएम ने कहा
यह मॉकड्रिल जेपीएन सदर अस्पताल से शुरू होकर अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड तक हुआ। मॉक ड्रिल में मरीज की भूमिका जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार सिंह ने निभाई। मॉक ड्रिल में एंबुलेंस चालक पंकज और कर्मी रितेश शामिल हुए। मॉक ड्रिल के दौरान जेपीएन सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, एसीएमओ डॉ. एस एन सिंह, डीआईओ डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. एम ई हक और डब्लूएचओ के प्रमंडल टीम लीडर डॉ. राजीव कुमार मौजूद थे। वहीं एएनएमएमसीएच में मॉक ड्रिल का निरीक्षण कमिश्नर असंगबा चुबा आओ और डीएम अभिषेक सिंह ने किया। मॉक ड्रिल के दौरान प्राचार्य डॉ. एच जी अग्रवाल, अधीक्षक डॉ. वी के प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ. पी के अग्रवाल और डब्लूएचओ एसएमओ डॉ. देवाशीष मजूमदार मौजूद थे।
प्रोटेक्शन किट से लैस एम्बुंलेंस कर्मियों ने मरीज को पहुंचाया आइसोलेशन वार्ड
एएनएमएमसीच में मौजूद रहे कमिश्नर और डीएम, मॉकड्रिल में डिस्ट्रिक टीबी ऑफिसर बने मरीज
मॉक ड्रिल का निरीक्षण करते कमिश्नर व डीएम।
मॉक ड्रिल में मरीज बने डीटीओ को एंबुलेंस से उतारते अस्पताल कर्मी।