बिहार को मिले नंबर-वन राज्य का दर्जा बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट रैली का उद्देश्य
पटना के गांधी मैदान में 14 अप्रैल को बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट रैली होगी। रैली को सफल बनाने के लिए हर प्रखंडों में दौरा चल रहा है। प्रखंड अध्यक्षों के साथ बैठक कर पार्टी व संगठन पर चर्चा हो रही है, साथ ही इन बूथों पर व्याप्त समस्याओं को चिह्नित किया जा रहा है। ये बातें रविवार को शहर के सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान समस्तीपुर के सांसद प्रिंस राज ने कहीं। कहा कि 15 वर्षों में बिहार में विकास के काम हुए, लेकिन अब मौका आ गया है कि बिहार को नंबर वन का दर्जा कैसे दिला सके? बिहारियों का मान-सम्मान कैसे बढ़े? कहा कि आज भी दूसरे प्रदेशों में बिहारियों को घृणा की दृष्टि से देखा जाता है। रैली का उद्देश्य धुमिल हाे चुकी बिहार की पहचान को वापस लाना है। उन्होंने बताया कि 90 के दशक में बिहार कहा था, आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास हुआ है। कॉफिडेंस बढ़ा है।
घोषणा पत्र ‘विजन डॉक्यूमेंट 2020’ होगा तैयार
सांसद ने कहा कि रैली की सफलता को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर जिला का भ्रमण कर रहे है। स्थानीय समस्याओं को लिखा जा रहा है। इन सारी समस्या विजन डॉक्यूमेंट 2020 घोषणा पत्र में तैयार किया जाएगा, साथ ही घोषणा होगी कि राज्य में कौन-कौन से काम हुए है और होने चाहिए। उन्होंने प्रखंड अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष को भी स्थानीय समस्याओं को चिह्नित करने का निर्देश दिया। सांसद ने कहा कि पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरे। 243 सीटों पर लोजपा मजबूत हो। मौके पर लोजपा के प्रदेश महासचिव सह पूर्व राजग गठबंधन के प्रत्याशी अरविन्द कुमार सिंह, प्रदेश महासचिव संजय रविदास, जिलाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह, रीता गहलौत, सुधा देवी, रामपुकार सिंह आदि मौजूद थे।
प्रेस वार्ता में शामिल लोजपा के सांसद व अन्य।