Home | Bihar | Gaya | Bodhgaya Serial Blast case Court Verdict

जब 30 मिनट में 9 धमाकों से दहला था बोधगया, उस भयानक मंजर की तस्वीरें

मामले में चार साल 10 माह 12 दिन के बाद शुक्रवार को एनआईए कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया

DainikBhaskar.com| Last Modified - May 25, 2018, 02:30 PM IST

1 of
Bodhgaya Serial Blast case Court Verdict
सीरियल ब्लास्ट के बाद घटनास्थल पर सुरक्षा अधिकारी

पटना. बोधगया सीरियल ब्लास्ट मामले में चार साल 10 माह 12 दिन के बाद शुक्रवार को एनआईए कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। इन्होंने 7 जुलाई, 2013 को शहर में 30 मिनट में 9 धमाके किए थे। इनमें एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और   म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे। पटना सिविल कोर्ट में 2013 में गठित एनआईए कोर्ट का यह पहला फैसला है। बोधगया ब्लास्ट में एनआईए ने 90 गवाहों को पेश किए थे।


11 मई को खत्म हुई थी बहस

- कोर्ट ने 11 मई, 2018 को दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अपना फैसला 25 मई तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। इस सीरियल ब्लास्ट का सरगना हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी था। इनके साथ इम्तियाज अंसारी, उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन कुरैशी और मुजीबुल्लाह अंसारी हैं। ये सभी बेउर जेल के बंद है।

- फैसले के पहले बेउर जेल की सुरक्षा चौकस कर दी गई थी। एनआईए ने मामले की जांच करने के बाद इन सभी आरोपियों पर 3 जून, 2014 को चार्जशीट दाखिल की थी।

 

क्या हुआ था 7 जुलाई, 2013 को ? 
- सुबह बोध गया मंदिर के कपाट खुले ही थे कि 5 बज कर 25 मिनट पर अचानक एक धमाका हुआ।
- इससे पहले कि वहां मौजूद लोग ब्लास्ट से संभल पाते रुक-रुक कर और भी धमाके हुए।
- चारों ओर अफरातफरी फैल गई। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि वो कहां और किस दिशा में भागे।
- रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरा ब्लास्ट एंबुलेंस की टंकी में, तीसरा मेन मंदिर के पास, चौथा तारादेवी मंदिर, पांचवा करमापा मंदिर में हुआ।
- इसके बाद छठा और सातवां धमाका मंदिर और गेट के बीच हुआ। जबकि आठवां भगवान बुद्ध की मूर्ति के पास और नौवां एक टूरिस्ट बस के पास हुआ।
- वर्ल्ड फेमस बोध गया मंदिर परिसर में उस दिन 30 मिनट के अंदर एक के बाद एक कर कुल 9 धमाके हुए।
- इन धमाकों में दो बौद्ध भिक्षुओं समेत पांच लोग घायल हो गए। एक भिक्षु म्यांमार, तो दूसरा तिब्बत से था।
- धमाके उतने ताकतवर नहीं थे, लेकिन जिस पेड़ के नीचे भगवान बुद्ध ने बैठकर तपस्या की थी, उस पर जरूर ब्लास्ट का असर हुआ।

 

महाबोधि वृक्ष के नीचे लगाए थे दो बम
- आतंकियों ने महाबोधि वृक्ष के नीचे भी दो बम लगाए थे। सिलेंडर बम रखा गया था, जिसमें टाइमर लगा हुआ था। एनआईए ने जांच में यह भी माना है कि इन आरोपितों ने रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई का बदला लेने के लिए बोधगया में सीरियल ब्लास्ट किया था। ब्लास्ट के समय विदेशी तीर्थयात्री प्रार्थना के लिए जमा थे।

Bodhgaya Serial Blast case Court Verdict
Bodhgaya Serial Blast case Court Verdict
Bodhgaya Serial Blast case Court Verdict
Bodhgaya Serial Blast case Court Verdict
prev
next
Topics:
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now