बोधिवृक्ष / भार से डाली न टूटे, इसलिए छोटी टहनी काटी गई, इससे बनी डस्ट मेहमानों को भेंट की जाएगी



bodhi tree of bodh gaya is healthy small branch will be cut off
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bodhi tree of bodh gaya is healthy small branch will be cut off

  • काटी गई टहनी की सभी पत्तियों का कराया जाएगा लैमिनेशन
  • बोधिवृक्ष की जड़ में मिला चूहे का बिल, बंद कर लगाया पेस्ट, कोई नुकसान नहीं

Dainik Bhaskar

Apr 24, 2019, 10:42 AM IST

बोधगया (बिहार). महाबोधि मंदिर में बोधिवृक्ष की मंगलवार को जांच की गई। इसमें पाया गया कि बोधिवृक्ष पिछले साल की तुलना में इस साल स्वस्थ है। फिलहाल पत्तियां कम गिर रही हैं। वृक्ष की डालियों का बैलेंस बना रहे और वे टूटे नहीं इसके लिए छोटी टहनियों को काट दिया गया।

 

बोधिवृक्ष की काटी गईं टहनियों और पत्तों को सुरक्षित रखा जाएगा। बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव एन दोरजे ने बताया कि सभी पत्तियों को लेमिनेट करके रखा जाएगा और कुछ टहनियों की डस्ट बनाकर रखी जाएगी। इन्हें विशेष मेहमानों को भेंट दिया जाएगा।

 

टहनियों के आगे के भाग को काटा गया : वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ अमित पाण्डेय और उनकी टीम ने बताया कि बोधिवृक्ष की पत्तियां स्वस्थ हैं। वैज्ञानिकों ने बोधिवृक्ष की बढ़ीं टहनियों के आगे के भाग को कटवाया और कटी हुई जगहों पर विशेष पेस्ट लगाया। मंदिर के मुख्य पुजारी भंते चालिंदा ने बताया कि बोधिवृक्ष को जड़ों के पास फूल फेंकने से भी नुकसान हो रहा था। इसलिए श्रद्धालुओं से जड़ों के पास फूल न फेंकने की अपील की गई है।

 

बोधिवृक्ष की धार्मिक महत्ता है

 

  • ऐसा कहा जाता है कि ईसा से 531 साल पहले महात्मा बुद्ध को इसी वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इसलिए इसे बोधिवृक्ष कहा गया।
  • बोधिवृक्ष की टहनियां इतनी विशाल हैं कि इसे लोहे के 12 पिलर के सहारे खड़ा किया गया है। इसके दर्शन के लिए हर साल 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बोधगया आते हैं। इनमें से 1.5 लाख से ज्यादा विदेशी होते हैं।
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