श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान करने से पितरों को होती है ब्रह्मलोक की प्राप्ति

Gaya News - बोधगया| कालचक्र मैदान में आयोजित श्रीमद भगवत कथा के दूसरे दिन श्री कौशिक जी महाराज ने भक्तों को बताया कि पितृ गण...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:47 AM IST
Gaya News - by performing shraddha tarapan and pindadan the fathers get brahmlok
बोधगया| कालचक्र मैदान में आयोजित श्रीमद भगवत कथा के दूसरे दिन श्री कौशिक जी महाराज ने भक्तों को बताया कि पितृ गण पशु-पक्षी आदि योनियों में या प्रेत योनि को प्राप्त हुए हैं, वे इस गया क्षेत्र में विख्यात प्रेत कुण्ड एवं गयासुर शीर्ष नामक तीर्थों में तीन प्रकार से अवस्थित है। इस योनि से उद्धार करने के लिए यह प्रेतशीला शुभ है। आदि काल से श्रीगया जी की धरती पर आदि देव गदाधर भगवान विष्णु जी विराजित हैं। यहां पर श्राद्ध, तर्पण एवं पिण्ड दान करने से पितरों को ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है। जो इस गया तीर्थ में अपने पितृ गणों के लिए श्राद्ध एवं पिण्ड दान करने के लिए आए हैं, वे भी ब्रह्म लोक गामी होते हैं।

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