गया / ढाई कट्ठा जमीन के लिए बर्बाद हुईं एक परिवार की 18 जिंदगियां

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 10:57 AM IST



समाज से बहिष्कार की पीड़ा झेल रहे परिवार के सदस्य। समाज से बहिष्कार की पीड़ा झेल रहे परिवार के सदस्य।
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समाज से बहिष्कार की पीड़ा झेल रहे परिवार के सदस्य।समाज से बहिष्कार की पीड़ा झेल रहे परिवार के सदस्य।

  • खाप पंचायत की तर्ज पर लोगों को समाज से बहिष्कृत करने की चल रही है प्रथा

गया (अजय सिंह). गया जिले के बुनियादगंज थाना के इंजीनियरिंग के गढ़ माने जाने वाले पटवाटोली में जहां प्रत्येक वर्ष दर्जनों आईआईटीयन पैदा होते हैं। वहां आज भी खाप पंचायत की तर्ज पर लोगों को समाज से बहिष्कृत करने की प्रथा चल रही है।

 

इस प्रथा के कारण न सिर्फ लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ रहा है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परेशानियां भी झेलनी पड़ रही हैं। ढाई कट्ठा जमीन के लिए एक परिवार को पिछले 19 वर्षों से पटवा समाज द्वारा समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है। मामले की शिकायत स्थानीय प्रशासन सहित जिला व प्रमंडल के वरीय अधिकारियों से करने के बावजूद आज तक पीड़ित परिवार को राहत नहीं मिल सकी है। 

 

क्या है मामला?
पीड़ित पूरन प्रकाश, देवेंद्र कुमार व युगल किशोर प्रसाद ने बताया कि पटवाटोली में ननिहाल पक्ष से एक मकान उन्हें मिला था, जिस पर समाज के दबंग लोगों की नजर थी। 1998 में समाज के द्वारा उक्त मकान को पटवाय जाति सुधार समिति को दान देने का दबाव बनाया गया, जिसके विरुद्ध उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस बात पर पटवा समाज द्वारा पूर्ण रूप से उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। 

 

स्थानीय पुलिस के दबाव में पटवाय जाति सुधार समिति के सदस्यों द्वारा सितंबर 2018 में प्रशासन के समक्ष बांड भरकर एक अक्टूबर 2018 सामाजिक बहिष्कार से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया। 28 अप्रैल, 19 की देर रात दुर्गा मंदिर परिसर में पंचायत बुला कर न्यायालय में विचाराधीन मामले को वापस लेने और उक्त सम्पत्ति को पंचों के नाम करने का दबाव बनाया गया।

 

मना करने पर पंचायत में शामिल लोगों द्वारा परिवार के सदस्यों मारपीट की गई तथा मामले की शिकायत स्थानीय प्रशासन से करने पर पुनः सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने की धमकी दी गई। दूसरे दिन 10 मई को देवेंद्र कुमार व युगल किशोर प्रसाद को पटवाय जाति सुधार समिति के कार्यालय में बुलाकर समाज से पुनः पूर्ण रूप से बहिष्कृत करने का फरमान जारी कर दिया और बहिष्कृत परिवार से ताल्लुक रखने वालों को 50 हजार जुर्माना लगाने का फरमान सुनाया गया। 

 

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
सात माह 10 दिनों बाद समाज से पुन: बहिष्कृत किए जाने के मामले की शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा स्थानीय थाना सहित डीएम, एसएसपी, डीआईजी से कर इस तुगलकी फरमान के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन आजतक पीड़ित परिवार को कोई मदद नहीं मिल सकी है।

 

पंचायत में ये थे शामिल
बहिष्कृत परिवार के मुखिया पूर्ण प्रकाश ने बताया कि समाज से हुक्का पानी बंद करने का फैसला सुनाने वाले लोगों में पटवाय जाति सुधार समिति के अध्यक्ष जितेश पटवा, उप सभापति डोलेश्वर प्रसाद उर्फ बलि, संजय कुमार उर्फ संजू, जितेंद्र प्रसाद, कृष्णा प्रसाद, हेमंत प्रसाद, भुवनेश्वर प्रसाद, हुलास चंद्र प्रसाद, सोहन लाल व उमेश प्रसाद शामिल थे।

 

समिति के अध्यक्ष ने नहीं उठाया फोन
इस मामले में पटवाय जाति सुधार समिति का पक्ष जानने के लिए पटवाय जाति सुधार समिति के अध्यक्ष जितेश पटवा से उनके मोबाइल नंबर 9234738294 एवं 9135007398 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु फोन नहीं उठाया गया। 

 

वरीय अधिकारियों के निर्देश पर होगी कार्रवाई : डीएसपी
मामला बेहद संवेदनशील है। वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद तालिबानी फैसला सुनाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में ऐसी शिकायत मिलने के बाद स्थानीय स्तर से दबाव बनाकर पटवा समाज को अपना निर्णय बदलने को मजबूर किया गया था। अनाधिकृत अदालतें और उसका फैसला दोनों अपराध की श्रेणी में आता है। - अभिजीत सिंह, डीएसपी, वजीरगंज कैम्प 

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