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मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी से करोड़ों रुपए की फसल बर्बाद, कई प्रखंडों में धराशायी हुए घर
पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से पूरे जिलेभर में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पहले सूखा पड़ने से खरीफ की फसल बर्बाद हुई। अब मूसलधार बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। बेमौसम बरसात से करोड़ों की रबी, दलहन व सब्जी की फसल बर्बाद हो गई। तेज आंधी-पानी से कई प्रखंडों में घर ध्वस्त हो गए। किसानों ने कहा कि समय पर वर्षा नहीं होने से धान की फसल नहीं हुई। लेकिन प्रकृति की उस मार को किसी तरह झेल लिया गया। अब असमय बारिश ने उनकी रही सही आस को भी खत्म कर दिया है। किसानों ने कहा कि इसका तुरंत मुआवजा सरकार दे। साथ ही दूसरे प्रदेशों की तरह बिहार सरकार को भी किसानों का कर्ज माफ कर देना चाहिए। कहा कि किसानों को मिलने वाले अनुदान में काफी कमीशनखोरी होती है।
मैगरा में बारिश से फसलों को क्षति, किसानों की टूटी कमर
मैगरा। दो दिनों से लगातार बारिश से गेहूं की फसल के साथ दलहन, तेलहन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। आलू की फसल पहले से ही बर्बाद हो चुके थे। इस बार जेठुआ फसल समय से नहीं बोया गया। खेतों में पानी जमा होने के कारण जेठुआ फसल की बुआई नहीं हो सकी। दो दिनों की बरसात से सब्जी की कीमत बढ़ा दिया। किसान उपेन्द्र कुमार सिंह, चन्द्रकान्त प्रसाद वर्मा, सुनील कुमार, विक्रांत, सुजय कुमार पासवान, संतन प्रजापति ने बताया कि फसल बर्बाद होने से हमलोग कहीं के नहीं रह गए है। कहा कि जीविकोपार्जन का मुख्य साधन खेती ही है।
बेमौसम बारिश से दो एकड़ में लगी स्ट्राबेरी की फसल डूबने से दस लाख रुपए की हुई क्षति
परैया|तेज आंधी के साथ हुए मूसलधार बारिश ने शुक्रवार को आफत मचाकर रख दी। रजोई रामपुर निवासी युवा किसान दीपक कुमार के सपनों पर पानी फेर दिया। बड़े पैमाने पर मशरूम की खेती से चर्चित दीपक के दो एकड़ में लगी स्ट्राबेरी की फसल बारिश के पानी में डूब गयी। तेज हवा और मूसलाधार बारिश से स्ट्रॉबेरी के फल टूट गए। दीपक ने बताया कि पौधे के जड़ में जमा पानी उसे सूखा देंगा। जबकि अभी पौधे पूरी तरह तैयार ही हुए है। ऐसे में उनके लाखों की पूंजी पर पानी फिर गया। पहली बार स्ट्राबेरी की खेती कर रहे किसान को एक पखवाड़े से फल का सही उत्पादन शुरू हुआ था। 60-70 किलोग्राम फल प्रतिदिन टूट रहा था। दो सौ रुपए प्रति किलोग्राम की दर से किसान द्वारा प्रतिदिन बारह हजार की स्ट्राबेरी बाजार में बेची जा रही थी। इसका उत्पादन आगामी ढाई माह तक होना था। लेकिन अचानक हुई बारिश ने किसान दीपक को लगभग दस लाख की क्षति दी है। पहली बार स्ट्राबेरी की खेती कर रहे दीपक को जहां फसल बर्बाद होने से चिंतित है, वहीं दीपक को रॉल मॉडल मानकर खेती अपना रहे अन्य युवा भी हताश हुए हैं।
टिकारी में भारी बारिश से रबी की फसल बर्बाद
टिकारी|बेमौसम की बारिश ने रबी फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। इससे किसान आहत हैं। राज्य सरकार को चाहिए कि पूरी गंभीरता से किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर उन्हें तुरंत उचित मुआवजा प्रदान करे। उपरोक्त मांग युवा राजद के प्रदेश सचिव सुभाष यादव ने की है। श्री यादव ने कहा कि समय पर वर्षा नहीं होने से धान की फसल पूरी तरह से नहीं हो पाई थी। उस मार को किसानों ने किसी तरह झेल लिया था। परंतु इस बेसमय हुई बारिश ने उनकी रही सही आस को भी खत्म कर दिया है और उनकी आर्थिक कमर ही तोड़ दी है। साथ ही बारिश के साथ साथ ओलावृष्टि ने गरीबों से उनका छत भी छीन लिया है। ऐसे में मुख्यमंत्री विपदा कोष से उन्हें उचित राहत व अनुदान मिलना ही चाहिए। श्री यादव ने राज्य सरकार से मांग की है कि किसानों को फसल बीमा सहित अन्य अनुदान दिया जाए। साथ ही घनघोर ओलावृष्टि से हुई क्षति की पूर्ति के लिए किसानों, खेती विहीन किसानों और कृषि मजदूरों को भी अविलंब सहायता पहुंचाने की भी मांग की है। इसी तरह की मांग भारतीय किसान संघ के जिला प्रसार प्रमुख सुनील कुमार शर्मा, भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद शर्मा, युवा राजद के प्रखंड उपाध्यक्ष बंटी यादव आदि ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार से की है।
फसल बर्बाद होने से किसान चिंतित
बांकेबाजार। प्रखंड क्षेत्र में लगातार बारिश होने से फसल बर्बाद हो गए जिससे किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। पानी के अभाव में पूर्व में खरीफ फसलों को भी काफी नुकसान हुआ था। किसानों ने कहा कि मसुर, चना, सरसों, तीसी, प्याज, की फसल सूखने लगे हैं जबकि गेहूं की फसल तेज हवा व बारिश से खेतों में गिर गए। किसान राजेन्द्र सिंह ने बताया कि मसूर व चना में पहले ही कम फल लगा था लेकिन पुनः पानी की चपेट में आने से खेत में लगी फसल और खलिहानों में रखे फसल भी बर्बाद हो गए। करेला, ककड़ी, खीरा, कोहडा, नेनूआ, झींगी, भिंडी व कांटेदार बैगन के पौधे भी खराब होने लगे हैं। सुदर्शन साव, बाढो प्रसाद, राम बरन महतो, उपेन्द्र प्रसाद, पवन कुमार आदि किसानों ने मुआवजा की मांग की है। किसानों की कमर टूट गई इसलिए सरकार को किसानों के सारे कर्ज माफ कर देने चाहिए।
परैया में डूबी स्ट्राबेरी की फसल, किसानों ने कहा-अनुदान में होती है कमीशनखोरी, बिहार सरकार किसानों का कर्ज माफ करे
बारिश से बर्बाद हुई फसल
ओलावृष्टि से गेहूं की फसल हुई बर्बाद।
रजोई गांव में डूबी स्ट्राबेरी की फसल।