होली के बाद चौराहे बने कूड़ेदान, लोग परेशान
होली पर्व पर बिजली, पानी और सड़कों की सफाई की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने का दावा फेल नजर आया। होली के दूसरे दिन शहर की गलियों से लेकर सड़कों तक कूड़ा और गंदगी का अंबार नजर आया। सड़कों, गलियों और चौहारों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। चारों तरफ कचरा फैला हुआ है। होलिका की राख भी गलियों और सड़कों पर पसरी हुई है। कूड़ा घरों के बाहर जमा कचरे को छुट्टा पशु सड़क तक फैला रहे हैं, तो कहीं कचरे को ही आग लगा दी गई हैं। होलिका दहन के बाद चौराहों पर राख और लकड़ियां पड़ी हुई है। कूड़े का उठाव नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संभावना जताया जा रहा हैँ कि गुरुवार को ही कूड़े का उठाव होगा। होल के बाद बुधवार को शहर की गलियां और सड़क के चौराहे कूड़ेदान बन चुका हैं। शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने में कम से कम तीन दिन का समय लग सकता है और लोगों को गंदगी व दुर्गध के बीच रहना होगा। होली में सफाई कमियों के छ़ुट्टी पर जाने के कारण शहरी क्षेत्र में करीब साढ़े सात मीट्रिक टन कूड़ा सड़क पर फैला हुआ है। बात करें कूड़े की तो नगरीय सीमा में रोजाना ढ़ाई सौ मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है, जो पूरा नहीं उठ पाता है। सोमवार की शाम होलिका दहन के बाद से सड़कों, चौराहों और गलियों में राख व कूड़ा उसी तरह से बिखरा हुआ है। शहर के जीबी रोड़, पीरमुसूर, रामसागर रोड, गेवल बिगहा, चादचौरा, समीरतक्या, नवागढ़ी, नई गोदाम, गोल बगिचा, स्टेशन रोड, माड़नपुर आदि के प्रमुख मार्गों पर होलिका की राख सड़क पर पड़ी है। कूड़ाघरों के बाहर कूड़ा-कचरा फैला हुआ है। हाल तो यह है कि कई जगहों पर लोगों ने कूड़े में आग भी लगा दी है। इसके चलते कई इलाकों में धुएं से भी लोग परेशान रहे। गया नगर निगम के डिप्टी मेयर अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव बताया कि गुरुवार से कूड़ा उठान शुरू कर दिया जाएगा।
शहर की सड़कें व गलियों में कूड़े व आवारा मवेशी।