सोशल मीडिया के जरिए ठगी का जाल फैला रहे हैं साइबर अपराधी

Gaya News - सिटी रिपोर्टर | औरंगाबाद नगर एटीएम धोखाधड़ी पर जब बैंक ने नकेल कसना शुरू कर दिया तो अपराधियाें ने सोशल साइट व एप को...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:25 AM IST
Gaya News - cyber criminals are spreading the internet through social media
सिटी रिपोर्टर | औरंगाबाद नगर

एटीएम धोखाधड़ी पर जब बैंक ने नकेल कसना शुरू कर दिया तो अपराधियाें ने सोशल साइट व एप को नया हथियार बना लिया है। साइबर अपराधी अब फेसबुक, मैसेंजर व व्हाट्सएप सहित अन्य लोकप्रिय एप के जरीए ठगी का जाल फेंक रहे हैं। कभी लोगों को लॉटरी लगने की बात कहकर उनसे टीडीएस भुगतान के नाम पर पैसा मांगा जा रहा है तो कभी कौन बनेगा करोड़पति शो में लक्की ड्रा में शामिल होने के नाम पर ठगने का प्रयास किया जा रहा है। हाल फिलहाल में कई लोगों के व्हाट्सएप पर एक वीडियो क्लिप आया है। जिसमें कौन बनेगा करोड़पति के विजेता के मोबाइल नंबर घोषित कर रहे हैं। जिसके जाल में फंसकर लोग ठगी का शिकार हो जा रहे हैं। अपराधी पहले यूजर को व्हाट्सएप के जरीए कॉल कर विजेता बनने की बधाई देते हैं और फिर लॉटरी में जीती गई राशि के भुगतान को लेकर टीडीएस के नाम पर राशि भुगतान करने को कहते हैं। कभी 25 लाख तो कभी 10 लाख रुपए की लॉटरी निकलने को कहा जाता है। जिसके लिए 10 से 15 हजार रुपए पहले टीडीएस के नाम पर भुगतान करने को कहा जाता है।

ओबरा के रहने वाले छात्र गुड्डू रंजन को पांच जुलाई को उनके फेसबुक मैसेंजर पर एक मैसेज आता है कि आपको केबीसी में लक्की ड्रा के तहत चुना गया है। उक्त लक्की ड्रा के तहत 10 लाख रुपए का इनाम मिला है। इसके लिए आपको अपना पूरा पता, बैंक अकाउंट नंबर, पैन नंबर व मोबाइल नंबर की जानकारी देना होगा। वहीं इसके बाद टीडीएस के राशि के रूप में 10 हजार रुपए जमा करने होंगे। तब आपको उक्त ड्रा में मिली राशि भुगतान होगी। इस पर छात्र काे शक हो गया तो उसने मैसेज के माध्यम से ही पैसा न रहने की बात कही। जिसके बाद दाेबारा उक्त मैसेज का नहीं आया।

केस नंबर

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गृहिणी प्रीति कुमारी ने बताया कि एक सप्ताह पहले उनके व्हाट्सएप नंबर पर कॉल आया था। कॉल करने वाले कॉलर ने अपने आप को ऑनलाइन शॉपिंग का प्रतिनिधि बताते हुए कहा था कि आपको लक्की ड्रा के तहत 20 हजार रुपए का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। लेकिन इसके लिए आपको कुछ शर्तों का पालन करना होगा। मोबाइल फोन पर ही उससे बैंक खाता नंबर व पैन नंबर पूछा गया। लेकिन वह अखबारों में इस तरह की घटनाएं पढ़ी थी। जिसके बाद उसने उक्त कॉल को डिसकनेक्ट कर दिया। जिससे वह ठगी का शिकार होने से बच गई।

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इंटरनेट का कॉल का फायदा उठाते हैं साइबर अपराधी: साइबर अपराधी इस तरह की ठगी में इंटरनेट कॉल का इस्तेमाल करते हैं। व्हाट्सएप कॉलिंग के दौरान मोबाइल में कॉल आने पर बैक ग्राउंड में केबीसी, एबीआई, जीओ जैसे लाेगाें बने रहते हैं। जिससे लोग कुछ पल के लिए दिग्भ्रमित भी हो जाते हैं। ऐसे में ही कुछ लोग ठगी गिरोह के झांसे में फंस जाते हैं। गिरोह के सदस्य अलग-अलग नंबरों से लोगों से कॉन्टैक्ट करते हैं। स्पुफिंग व वाइस ओवर इंटरनेट टेलीफोनी का इस्तेमाल करते हैं। ताकि उनकी पहचान छुपी रहे और उन्हें ट्रैप न किया जा सके।

इनलोगों को ज्यादातर बनाते हैं निशाना: साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि साइबर अपराधी आम तौर पर इंटरनेट पर उलूल-जुलूल सर्च करने वाले लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। ज्यादा ऑनलाइन लोन, सौंदर्य प्रसाधन, दोस्त बनाने जैसे एप आदि सर्च करने वाले लोगों का डेटा चोरी कर लेते हैं और फिर उन्हें कॉल कर अपने फ्रॉड का शिकार बनाने की कोशिश करते हैं।

फ्रॉड से बचने के लिए ये करें






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